मतदान करें बड़ी संख्या में: गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा की स्थानीय निकाय चुनाव से पहले अपील
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव 2025 से ठीक एक दिन पहले, गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने शनिवार को राज्यभर के मतदाताओं से अधिकतम संख्या में मतदान करने की भावपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक जागरूक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है, जो लोकतंत्र की जड़ों को सींचती है।
लोकतंत्र की नींव हैं स्थानीय संस्थाएं
मतदान की पूर्व संध्या पर बोलते हुए विश्वकर्मा ने कहा, "स्थानीय स्व-शासन संस्थाएं लोकतंत्र की असली नींव हैं। एक जागरूक नागरिक के रूप में वोट देना हमारा पवित्र कर्तव्य है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि हर एक वोट का महत्व होता है और यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक जीवंत बनाता है।
विश्वकर्मा ने यह भी कहा कि जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझकर मतदान करता है, तो लोकतंत्र केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं रहता, बल्कि एक सामाजिक उत्सव बन जाता है।
युवाओं, महिलाओं और पहली बार मतदान करने वालों से विशेष आह्वान
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने समाज के हर वर्ग — विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों — से आग्रह किया कि वे इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लें। उन्होंने कहा कि इन वर्गों की भागीदारी चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखती है।
विश्वकर्मा ने 'पहले वोट, फिर जलपान' का प्रेरक नारा भी दिया और अपील की कि मतदाता चुनाव के दिन अपने परिवार के साथ मिलकर नजदीकी मतदान केंद्र पर जरूर पहुंचें।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी की 100% मतदान की अपील
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी नागरिकों से 100 प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने मतदान को एक अधिकार और पवित्र कर्तव्य दोनों बताते हुए इसे लोकतंत्र के उत्सव के रूप में मनाने की बात कही।
पटेल ने मतदाताओं से अनुरोध किया कि वे न केवल स्वयं मतदान करें, बल्कि अपने परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों को भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि "हर वोट स्थानीय समुदायों के विकास में सीधा योगदान देता है।"
चुनाव का विस्तार: ९,९९२ सीटों पर होगा मतदान
26 अप्रैल 2025 को होने वाले इन चुनावों में गुजरात की जमीनी लोकतांत्रिक संरचना की परीक्षा होगी। इनमें 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं। शहरी और ग्रामीण निकायों को मिलाकर कुल ९,९९२ सीटों पर मतदान होना है।
यह चुनाव गुजरात में स्थानीय शासन के विभिन्न स्तरों पर हजारों वार्डों में एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं, जो इसे राज्य के इतिहास में एक बड़े जमीनी लोकतांत्रिक अभ्यास में से एक बनाता है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि गुजरात में भाजपा लंबे समय से सत्तारूढ़ है और स्थानीय निकाय चुनावों में उसका प्रदर्शन राज्य में पार्टी की जमीनी पकड़ का पैमाना माना जाता है। इन चुनावों में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य दलों की भी उपस्थिति है, जिससे मुकाबला रोचक बनता है।
विश्लेषकों के अनुसार, स्थानीय निकाय चुनावों में मतदाता प्रतिशत अक्सर विधानसभा या लोकसभा चुनावों की तुलना में कम रहता है। ऐसे में भाजपा नेतृत्व का यह सक्रिय अभियान पार्टी की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें अपने मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक लाना प्राथमिकता है।
मतदान परिणाम 26 अप्रैल की शाम से आने शुरू होंगे और ये नतीजे गुजरात में आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।