क्या गुजरात के युवा इनोवेशन और नए आइडिया के जरिए दूसरों को रोजगार देने में सक्षम हैं? : ऋषिकेश पटेल
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर, २४ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में बुधवार को दो दिवसीय ‘स्टार्टअप कॉन्क्लेव- प्रदर्शनी-२०२५’ का समापन हुआ। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री ऋषिकेशभाई पटेल ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और स्टार्टअप्स से जुड़े विभिन्न उद्यमियों एवं छात्रों से संवाद किया।
ऋषिकेशभाई पटेल ने कहा कि यह स्टार्टअप कॉन्क्लेव गुजरात के युवाओं को नई दिशा और अधिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने बताया कि २०१४ के बाद देश में नए उद्यमियों के लिए स्टार्टअप के रूप में एक नई पहल शुरू हुई है। यह कॉन्क्लेव वास्तव में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में युवाओं के लिए सरकार की मदद से कुछ नया करने की शुरुआत है।
मंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव में पूरे देश से यूनिकॉर्न, निवेशक, उद्योगपति और उद्यमियों ने हिस्सा लिया है। जो विद्यार्थी टेक्नोलॉजी-कोर-इमर्जिंग ब्रांचेस में अध्ययन कर रहे हैं, उनके लिए नई दिशा के द्वार खुलेंगे। आज का युवा उच्च शिक्षा के बाद न केवल अपना रोजगार शुरू करता है, बल्कि नवाचार और नए आइडिया के माध्यम से दूसरों को रोजगार देने में भी सक्षम हो गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज का युवा अपने टैलेंट और नए आइडिया के आधार पर नई उड़ान भर रहा है। आज का युवा आत्मनिर्भर बनकर अपने देश में टेक्नोलॉजी का उपयोग कर प्रधानमंत्री के 2047 के विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में अहम योगदान दे रहा है।
पटेल ने कहा कि आज भारत स्वदेशी तकनीक के उपयोग से जेट ही नहीं, बल्कि सुपर जेट विमान बनाने की ताकत रखता है। उन्होंने स्टार्टअप के विभिन्न उदाहरणों का जिक्र करते हुए कहा कि हम समस्या से समाधान तक की दौड़ लगाएंगे, तभी सफल होंगे। राज्य सरकार ने स्टार्टअप के माध्यम से युवाओं को उचित मंच देकर उन्हें नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाया है। आज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के युग में अनेक क्षेत्रों में नई क्रांति आई है। राज्य सरकार ने आई-हब के जरिए युवाओं को उनके नए आइडिया को साकार करने का श्रेष्ठ मंच उपलब्ध कराया है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि गुजरात सरकार स्टार्टअप्स को मजबूत सहयोग देने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है। आई-हब गुजरात के युवाओं के उद्यमों को प्रोत्साहन देने के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म साबित हो रहा है। युवाओं के नए और इनोवेटिव विचारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आगामी समय में गुजरात में रीजन के हिसाब से आई-हब बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में युवा उद्यमियों का सहयोग काफी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। उनके टेक्नोसेवी विचार भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने में उपयोगी साबित होंगे। इस अवसर पर निवेशकों से अनुरोध किया गया कि वे युवाओं की ऊर्जा, नए विचारों और नए उद्यमों में अधिक निवेश करें।
ऋषिकेशभाई पटेल ने कहा कि आने वाला समय नए विचारों और युवा टैलेंट का है। वर्तमान समय की समस्याओं का समाधान लाने में उनके नवोन्मेषी विचार बेहद उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 21वीं सदी में पैसा, सोना या संपत्ति वाले नहीं, बल्कि नए और इनोवेटिव आइडिया तथा आउट ऑफ द बॉक्स विचार वाले युवा धनवान माने जाएंगे।
उच्च शिक्षा आयुक्त दिलीप राणा ने दो दिवसीय स्टार्टअप कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित सत्रों और निवेशों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस प्रकार के कॉन्क्लेव में उभरते नए इनोवेटिव विचारों और नौजवानों को महत्वपूर्ण मंच मिला है। इन दो दिनों के दौरान कुल १८ हजार से अधिक उद्यमियों-विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
तकनीकी शिक्षा निदेशक बीएच तलाटी ने स्वागत भाषण में कहा कि इस दो दिवसीय स्टार्टअप कॉन्क्लेव में एआई, आईओटी, डीप टेक और डिफेंस जैसे मुख्य क्षेत्रों में विद्यार्थियों और उद्यमियों ने विचार-मंथन किया।
कार्यक्रम के अंत में आई-हब के सीईओ हिरन मेहता ने आभार व्यक्त किया।
समापन समारोह में शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव सुनयना तोमर, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी, उद्योगपति, निवेशक और बड़ी संख्या में युवा उद्यमियों सहित विद्यार्थी मौजूद रहे।