गुजरात में मतदाता पंजीकरण विशेष अभियान: अक्टूबर-नवंबर में चार रविवार को सभी बूथों पर शिविर
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने 1 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि राज्य में मतदाता सूची से वंचित नागरिकों और पहली बार मतदान के पात्र युवाओं को नामांकित करने के लिए एक राज्यव्यापी विशेष पंजीकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत 11 अक्टूबर, 18 अक्टूबर, 25 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित होंगे।
अभियान का ढाँचा और समयसारिणी
यह विशेष अभियान भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के उन निर्देशों के अनुरूप है जो उन राज्यों के लिए जारी किए गए हैं, जहाँ विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वर्तमान अवधि को गैर-SIR के रूप में वर्गीकृत किया गया है, अतः पंजीकरण के इच्छुक पात्र नागरिकों को केवल फॉर्म 6 जमा करना होगा — जो मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के अंतर्गत निर्धारित है।
चारों शिविर-दिवसों पर नामित अधिकारी और बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे IST तक मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहेंगे और निर्धारित प्रपत्रों में दावे व आपत्तियाँ प्राप्त करेंगे।
युवा और वंचित मतदाताओं पर विशेष ध्यान
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ 18–19 वर्ष के उन युवाओं को मिलेगा जो पहली बार मताधिकार के पात्र हुए हैं। इसके अलावा, जिन नागरिकों के नाम पिछली मतदाता सूची से किसी कारण छूट गए थे, उन्हें भी नामांकन का अवसर मिलेगा। गौरतलब है कि मतदाता सूची की समावेशिता सुनिश्चित करना न केवल नागरिक अधिकार का प्रश्न है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की वैधता के लिए भी अनिवार्य है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश
गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संदीप सागले ने राज्य भर में अभियान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। चुनावी पंजीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक चुनावी पंजीकरण अधिकारी (AERO) कॉलेजों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों में व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और चुनावी भागीदारी (SVEEP) गतिविधियाँ भी संचालित करेंगे।
जागरूकता और निगरानी
पात्र नागरिकों तक सूचना पहुँचाने के लिए विभिन्न स्थानों पर बैनर लगाए जाएंगे और स्थानीय समाचार-पत्रों के माध्यम से प्रचार किया जाएगा। पर्यवेक्षक चारों विशेष शिविर-दिवसों पर नियमित रूप से मतदान केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। जिला चुनाव अधिकारी, ERO और AERO पर्यवेक्षण प्रक्रिया के अंतर्गत यादृच्छिक क्षेत्र निरीक्षण भी करेंगे।
आगे की राह
यह अभियान मतदाता सूची को अद्यतन और समावेशी बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में चुनावी सहभागिता बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। 1 नवंबर 2026 के बाद आवेदनों की समीक्षा और सूची के अंतिम अद्यतन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।