गुलाबराव पाटिल की 'धमकी' पर संजय राउत का हमला: 'शिंदे को CM बनाने के लिए विरोधियों को खत्म करने की बात'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने 21 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की कैबिनेट के मंत्री गुलाबराव पाटिल ने कथित तौर पर धमकी दी है कि एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के रास्ते में आने वाले को 'खत्म' कर दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलें तेज़ हैं।
राउत का आरोप: कैबिनेट मंत्री ने दी धमकी
मीडिया से बातचीत में राउत ने कहा, 'एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए उनके मंत्री ने धमकी दी है। उनका नाम गुलाबराव पाटिल है। उन्होंने धमकी दी है कि अगर एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के रास्ते में कोई आएगा तो उसे खत्म कर दिया जाएगा।' राउत ने स्पष्ट किया कि यह बात कहने वाला कोई सामान्य व्यक्ति नहीं, बल्कि राज्य कैबिनेट का एक बैठा हुआ मंत्री है।
उन्होंने आरोप लगाया कि फडणवीस कैबिनेट में 'लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य' मौजूद हैं — यह एक गंभीर राजनीतिक आरोप है, जिसे राउत ने सीधे तौर पर लगाया, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राउत ने मुख्यमंत्री फडणवीस को सीधे संबोधित करते हुए पूछा, 'अगर यह गुलाबराव पाटिल की धमकी है, तो देवेंद्र फडणवीस आप क्या कर रहे हैं?'
फडणवीस को 'सीधी धमकी' का दावा
राउत के अनुसार, मंत्री पाटिल का बयान दरअसल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए भी अप्रत्यक्ष चेतावनी है। उन्होंने कहा, 'इसका मतलब है कि शिंदे, देवेंद्र फडणवीस को खत्म करके मुख्यमंत्री बनेंगे। अगर कोई विरोध करेगा तो उसे खत्म कर दिया जाएगा।' गौरतलब है कि शिवसेना (शिंदे गुट) ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि पार्टी का विस्तार किया जाएगा और एकनाथ शिंदे शीघ्र ही फिर से मुख्यमंत्री पद पर वापसी करेंगे।
केंद्र सरकार पर भी निशाना
राउत ने अपने हमले को महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और चुनाव आयोग (ECI) पर भी अत्यंत तीखे शब्दों में आरोप लगाए, यह दावा करते हुए कि तीनों 'देश के दुश्मन' हैं। यह बयान विपक्षी नेताओं के बीच एक बड़ी भाषाई उग्रता का उदाहरण है और विवाद उत्पन्न कर सकता है।
इससे एक दिन पहले, मंगलवार को राउत ने दावा किया था कि देश में एक बार फिर 'ईस्ट इंडिया कंपनी' जैसी व्यवस्था लागू करने की कोशिश हो रही है। साथ ही उन्होंने अपनी पूर्व चेतावनी को दोहराते हुए कहा कि यदि यह सरकार सत्ता में बनी रही, तो 'अराजकता फैलना तय है।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि एकनाथ शिंदे 2022 में शिवसेना से बगावत कर सत्ता में आए थे और कुछ समय तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे। बाद में देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद संभाला। तब से शिंदे गुट और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सत्ता साझेदारी को लेकर तनाव सतह के नीचे बना हुआ है। यह ऐसी तीसरी घटना है जब राउत ने सत्तारूढ़ गठबंधन के आंतरिक मतभेदों को सार्वजनिक रूप से उठाया है।
आगे क्या
राउत के इन आरोपों पर अब तक गुलाबराव पाटिल या महायुति सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयानबाज़ी महाराष्ट्र विधानसभा में आगामी राजनीतिक घटनाक्रम से पहले विपक्ष की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी हैं।