उत्तराखंड हाई कोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करने पर CM धामी ने भूपेंद्र यादव से की चर्चा, मिला सकारात्मक आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की और उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में स्थानांतरित करने के लिए आरक्षित वन भूमि के हस्तांतरण एवं डायवर्जन संबंधी प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की। केंद्रीय मंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक एवं अग्रिम कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष नैनीताल में मौजूदा उच्च न्यायालय परिसर की चुनौतियाँ विस्तार से रखीं। उन्होंने बताया कि नैनीताल का वर्तमान परिसर चाइना पीक की तलहटी में स्थित है, जिससे भू-स्खलन का खतरा बना रहता है। इसके अलावा बढ़ता यातायात दबाव, पर्यटकों की वर्षभर भारी आवाजाही और पार्किंग की अपर्याप्त व्यवस्था न्यायालय की कार्यप्रणाली को प्रभावित करती है।
नैनीताल एक प्रमुख पर्यटन नगर होने के कारण वादकारियों और पर्यटकों की भीड़ एक साथ उमड़ती है, जिससे न्यायिक कार्यों में व्यावहारिक बाधाएँ उत्पन्न होती हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए आधुनिक न्यायिक आधारभूत संरचना विकसित किए जाने की ज़रूरत महसूस की गई है।
हल्द्वानी के लामाचौड़ की क्यों हुई पसंद
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में प्रस्तावित स्थल सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्गों से बेहतर तरीके से जुड़ा हुआ है। यहाँ उच्च न्यायालय का स्थायी परिसर विकसित होने से न्यायिक कार्यों के विस्तार के लिए पर्याप्त बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं आम नागरिकों को आवागमन सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
गौरतलब है कि इस प्रस्ताव के पीछे सर्वोच्च न्यायालय का एक आदेश भी है, जिसके तहत उच्च न्यायालय के नए भवन के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने और निर्धारित समयसीमा में उसका कब्जा व हस्तांतरण सुनिश्चित करना राज्य सरकार की बाध्यता है।
वन भूमि डायवर्जन की चुनौती
प्रस्तावित स्थल पर आरक्षित वन भूमि होने के कारण इसके हस्तांतरण एवं डायवर्जन के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति अनिवार्य है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने का विशेष अनुरोध किया। राज्य सरकार इस संबंध में केंद्र सरकार एवं संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए हुए है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में बुनियादी ढाँचे के विस्तार हेतु वन भूमि डायवर्जन के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाना राज्य की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सरकार की प्रतिबद्धता और आगे की राह
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, आधुनिक एवं सुविधाजनक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में आधुनिक एवं स्थायी उच्च न्यायालय परिसर बनने से प्रदेश की न्यायिक सेवाएँ अधिक सुगम और प्रभावी होंगी। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस पूरे प्रस्ताव पर सकारात्मक और अग्रिम कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिससे इस परियोजना को आगे बढ़ने की उम्मीद और मजबूत हुई है।