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देहरादून–ऋषिकेश हाईवे पर पेड़ कटान स्थगित, सीएम धामी बोले — प्रकृति, जनभावना और विकास तीनों समान

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देहरादून–ऋषिकेश हाईवे पर पेड़ कटान स्थगित, सीएम धामी बोले — प्रकृति, जनभावना और विकास तीनों समान

सारांश

देहरादून–ऋषिकेश हाईवे पर पर्यावरण विवाद के बीच सीएम धामी ने पेड़ कटान रोका और सभी पक्षों से नए संवाद के निर्देश दिए। उनका संदेश साफ है — प्रकृति, जनभावना और विकास तीनों में से किसी की अनदेखी नहीं होगी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना के तहत पेड़ों का कटान स्थगित करने की घोषणा की।
परियोजना में 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास और वन्यजीव कल्वर्ट का प्रावधान है।
NHAI की यह परियोजना उच्च न्यायालय के निर्देशों और सभी वैधानिक-पर्यावरणीय स्वीकृतियों के अनुरूप चल रही थी।
सीएम ने प्रमुख सचिव को सभी हितधारकों — नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों — से पुनः विस्तृत संवाद के निर्देश दिए।
धामी ने कहा — 'उत्तराखंड की प्रकृति, जनभावनाएं और विकास — तीनों मेरे लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।'

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 18 जुलाई 2025 को स्पष्ट किया कि देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन राजमार्ग परियोजना के अंतर्गत पेड़ों का कटान तब तक स्थगित रहेगा, जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति और विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनके लिए उत्तराखंड की प्रकृति, जनभावनाएं और प्रदेश का विकास — तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

परियोजना की पृष्ठभूमि

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों के अनुरूप कार्यवाही की जा रही थी। परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास तथा छोटे वन्यजीवों के आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट का प्रावधान भी किया गया है। इन उपायों का उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु की घटनाओं को कम करना है, जो इस मार्ग पर अक्सर देखी जाती हैं।

जनभावनाओं पर सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में अनेक नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं और सुझावों का उन्होंने गंभीरता से संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा, 'विकास हमारे लिए आवश्यक है, लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।' यह बयान ऐसे समय आया है जब पर्यावरण संगठनों और स्थानीय निवासियों का विरोध तेज हो रहा था।

अधिकारियों को नए निर्देश

सीएम धामी ने प्रमुख सचिव एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी हितधारकों — स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों — के साथ पुनः विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए। गौरतलब है कि उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हुए आगे की कार्यवाही की जाएगी।

आम जनता और पर्यावरण पर असर

देहरादून–ऋषिकेश मार्ग पर भारी यातायात दबाव को देखते हुए यह परियोजना क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं, इस मार्ग पर घने वन क्षेत्र और वन्यजीव गलियारे होने के कारण पर्यावरणविद् पेड़ों की कटाई को लेकर चिंतित हैं। सरकार का कहना है कि संवाद और सहमति के आधार पर ही आगे का रास्ता तय होगा।

आगे क्या होगा

फिलहाल परियोजना के अंतर्गत पेड़ों का कटान स्थगित है। सभी पक्षों के साथ नए सिरे से विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू होगी। उच्च न्यायालय के निर्देशों के दायरे में रहते हुए सरकार अगला कदम उठाएगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाने की यह पहल किस रूप में आगे बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा 'संवाद' के बाद के फैसले में होगी। उत्तराखंड में विकास बनाम पर्यावरण का यह टकराव नया नहीं है — चारधाम परियोजना से लेकर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन तक, हर बड़े अवसंरचना प्रोजेक्ट पर यही बहस उठती है। पेड़ कटान स्थगित करना राहत की बात है, पर जब तक वैकल्पिक मार्ग या न्यूनतम वन-क्षति की ठोस योजना सामने नहीं आती, यह स्थगन महज समयसीमा का विस्तार बनकर रह सकता है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देहरादून–ऋषिकेश हाईवे परियोजना पर पेड़ कटान क्यों रोका गया?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए पेड़ कटान स्थगित किया है। जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति नहीं बन जाती, कटाई नहीं होगी।
देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना क्या है?
यह NHAI की एक प्रमुख अवसंरचना परियोजना है जो देहरादून और ऋषिकेश के बीच सड़क को चार या छह लेन में विस्तारित करती है। परियोजना उच्च न्यायालय के निर्देशों और सभी पर्यावरणीय-वैधानिक स्वीकृतियों के अनुरूप चल रही थी।
परियोजना में वन्यजीवों के लिए क्या प्रावधान हैं?
परियोजना में लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास और छोटे वन्यजीवों के लिए विशेष कल्वर्ट का प्रावधान है। इनका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु को कम करना है।
सीएम धामी ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए हैं?
सीएम ने प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ पुनः विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए। उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए आगे की कार्यवाही होगी।
इस परियोजना का आगे क्या होगा?
फिलहाल पेड़ कटान स्थगित है और सभी पक्षों के साथ नए सिरे से संवाद की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि व्यापक जनहित और सहमति के आधार पर ही अगला कदम उठाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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