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हमास ने गाजा की इमरजेंसी सरकार भंग की, नेशनल कमेटी को सौंपा प्रशासन

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हमास ने गाजा की इमरजेंसी सरकार भंग की, नेशनल कमेटी को सौंपा प्रशासन

सारांश

हमास ने गाजा की इमरजेंसी गवर्नमेंट कमेटी भंग कर प्रशासन नेशनल कमेटी को सौंपने का ऐलान किया — काहिरा रोडमैप के तहत उठाया गया यह कदम इजरायल के हस्तक्षेप के बहानों को खत्म करने की कोशिश है। पृष्ठभूमि में ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' और $10 अरब की राहत योजना भी है।

मुख्य बातें

हमास ने 6 जुलाई 2026 को गाजा इमरजेंसी गवर्नमेंट कमेटी को औपचारिक रूप से भंग किया।
कमेटी प्रमुख मोहम्मद अल-फर्रा ने आधिकारिक इस्तीफा दिया; केवल तकनीकी-पेशेवर कर्मचारी पदों पर बने रहेंगे।
यह निर्णय काहिरा में फिलिस्तीनी गुटों के बीच तय हुए युद्धविराम रोडमैप के अनुरूप है।
हमास प्रवक्ता हाजेम कासिम ने कहा — लक्ष्य इजरायल के हस्तक्षेप के बहानों को समाप्त करना है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' ने गाजा पुनर्निर्माण के लिए $10 अरब की अमेरिकी प्रतिबद्धता और नौ देशों से $7 अरब से अधिक के योगदान की घोषणा की है।

हमास ने 6 जुलाई 2026 को गाजा पट्टी में संचालित इमरजेंसी गवर्नमेंट कमेटी को औपचारिक रूप से भंग कर दिया और गाजा का समग्र प्रशासन एक नेशनल कमेटी को हस्तांतरित करने की घोषणा की। यह निर्णय काहिरा में फिलिस्तीनी गुटों के बीच तय हुए रोडमैप के अनुरूप लिया गया है, जो गाजा युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण की रूपरेखा पर आधारित है।

मुख्य घटनाक्रम

हमास की ओर से संचालित गाजा मीडिया कार्यालय के महानिदेशक इस्माइल थवाब्ता ने मध्य गाजा के देर अल-बलाह में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इमरजेंसी कमेटी के प्रमुख मोहम्मद अल-फर्रा ने आधिकारिक तौर पर अपना इस्तीफा दे दिया है। थवाब्ता ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक और तकनीकी कामकाज में कोई बाधा न आए, इसलिए केवल तकनीकी और पेशेवर कर्मचारी अपने पदों पर बने रहेंगे।

उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि नेशनल कमेटी जल्द से जल्द गाजा पहुँचे और प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ संभालने की प्रक्रिया पूरी करे।

हमास का रुख और इरादा

हमास के प्रवक्ता हाजेम कासिम ने एक अलग बयान में कहा कि इस फैसले का उद्देश्य इजरायल के हस्तक्षेप के बहानों को समाप्त करना है। उन्होंने दोहराया कि हमास गाजा के शासन से जुड़ी समस्त जिम्मेदारियाँ सौंपने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब गाजा में लगातार जारी युद्ध, पुनर्निर्माण में देरी, घेराबंदी, बंद सीमा मार्ग और इजरायली सेना की उपस्थिति के चलते आम नागरिकों की मुश्किलें गहरी हो रही हैं।

काहिरा रोडमैप की पृष्ठभूमि

जून के मध्य में फिलिस्तीनी गुटों ने काहिरा में मध्यस्थों से मुलाकात की थी और गाजा युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के रोडमैप पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। इसी रोडमैप के अनुरूप वर्तमान प्रशासनिक बदलाव किया गया है। यह हमास द्वारा गाजा के शासन में अपनी प्रत्यक्ष भूमिका को सीमित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अमेरिकी 'बोर्ड ऑफ पीस' और अंतरराष्ट्रीय राहत

अमेरिका के नेतृत्व में गठित 'बोर्ड ऑफ पीस' ने गाजा के भविष्य के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें पुनर्निर्माण, हथियारों को हटाने, इजरायली सेना की वापसी और एक अंतरराष्ट्रीय शांति सेना की तैनाती का प्रस्ताव शामिल है। इस मंच की शुरुआत फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी, जो विश्व नेताओं के लिए बनाया गया एक नया संवाद मंच है और जिसकी बैठकें अमेरिकी इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित होती हैं।

ट्रंप ने गाजा में युद्धोत्तर स्थिरता और राहत कार्यों के लिए अमेरिका की ओर से $10 अरब के योगदान की घोषणा की थी। उन्होंने यह भी बताया कि कजाकिस्तान, अजरबैजान, यूएई, मोरक्को, बहरीन, कतर, सऊदी अरब, उज्बेकिस्तान और कुवैत ने मिलकर राहत पैकेज के लिए $7 अरब से अधिक का योगदान दिया है।

आगे की राह

नेशनल कमेटी के गाजा पहुँचने और कार्यभार संभालने की समयसीमा अभी तय नहीं हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, यह बदलाव गाजा में किसी भी भावी राजनीतिक समझौते के लिए ज़मीन तैयार करने की कोशिश है, हालाँकि इजरायली सेना की उपस्थिति और मानवीय संकट के बीच प्रशासनिक संक्रमण की व्यावहारिकता पर सवाल बने हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे कहीं जटिल है — जब तक इजरायली सेना गाजा में मौजूद है और सीमा मार्ग बंद हैं, तब तक किसी भी नेशनल कमेटी की प्रशासनिक पहुँच सीमित ही रहेगी। काहिरा रोडमैप और 'बोर्ड ऑफ पीस' की रूपरेखा कागज़ पर सुव्यवस्थित दिखती है, लेकिन इजरायल की सहमति और अंतरराष्ट्रीय शांति सेना की तैनाती जैसे अहम सवालों के जवाब अभी नहीं मिले हैं। $17 अरब से अधिक की राहत प्रतिबद्धताएँ तब तक अर्थहीन हैं जब तक वितरण तंत्र ज़मीन पर काम नहीं करता। असली परीक्षा यह है कि नेशनल कमेटी गाजा कब और किन शर्तों पर पहुँचती है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हमास ने गाजा की इमरजेंसी गवर्नमेंट कमेटी क्यों भंग की?
हमास ने यह कदम काहिरा में फिलिस्तीनी गुटों के बीच तय हुए युद्धविराम रोडमैप के तहत उठाया है। हमास प्रवक्ता हाजेम कासिम के अनुसार, इसका उद्देश्य इजरायल के हस्तक्षेप के बहानों को समाप्त करना और गाजा के शासन की जिम्मेदारी नेशनल कमेटी को सौंपना है।
गाजा की नेशनल कमेटी क्या है और यह कब काम शुरू करेगी?
नेशनल कमेटी वह निकाय है जिसे काहिरा रोडमैप के अंतर्गत गाजा का प्रशासन संभालने के लिए नामित किया गया है। इसके गाजा पहुँचने और कार्यभार ग्रहण करने की कोई निश्चित समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
अमेरिका का 'बोर्ड ऑफ पीस' क्या है?
'बोर्ड ऑफ पीस' फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किया गया विश्व नेताओं का एक नया संवाद मंच है, जिसकी बैठकें अमेरिकी इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में होती हैं। इसने गाजा के पुनर्निर्माण, हथियारों को हटाने, इजरायली सेना की वापसी और अंतरराष्ट्रीय शांति सेना की तैनाती का रोडमैप प्रस्तावित किया है।
गाजा राहत के लिए कितनी धनराशि की घोषणा हुई है?
अमेरिका ने $10 अरब के योगदान की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त कजाकिस्तान, अजरबैजान, यूएई, मोरक्को, बहरीन, कतर, सऊदी अरब, उज्बेकिस्तान और कुवैत ने मिलकर $7 अरब से अधिक का योगदान दिया है।
गाजा में प्रशासनिक बदलाव का आम नागरिकों पर क्या असर होगा?
हमास के अनुसार यह बदलाव नागरिकों की मुश्किलें कम करने के लिए उठाया गया है, जो युद्ध, घेराबंदी और बंद सीमा मार्गों की वजह से पैदा हुई हैं। हालाँकि जब तक इजरायली सेना की उपस्थिति बनी रहती है और सीमाएँ बंद हैं, नेशनल कमेटी की व्यावहारिक पहुँच सीमित रहने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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