हंदवाड़ा में आतंकी पोस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार; तीन आरोपियों की संपत्तियाँ कुर्क
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा उप-मंडल में पुलिस ने 22 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को एक आतंकी पोस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इसी दिन एक अलग आपराधिक मामले में तीन आरोपियों की संपत्तियाँ भी कुर्क की गईं। हंदवाड़ा थाने में एफआईआर नंबर 259/2026 दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, हंदवाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक सार्वजनिक स्थान पर देश-विरोधी और भड़काऊ पोस्टर लगाए गए थे। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और कानून की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जाँच के दौरान इस साजिश में कथित तौर पर 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' (OGW) की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
संपत्ति कुर्की की कार्रवाई
एक अलग मामले में, हंदवाड़ा पुलिस ने एफआईआर नंबर 198/2023 के सिलसिले में तीन आरोपियों की संपत्तियाँ कुर्क की हैं। यह मामला रणबीर दंड संहिता (RPC) की धाराओं — 307, 302, 436, 120-बी और 121-ए — के साथ-साथ EIMCO अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज था।
जिन तीन आरोपियों की संपत्तियाँ कुर्क की गई हैं, वे हैं: जचलदारा निवासी अजीज भट के पुत्र गुलाम रसूल भट; जचलदारा के बावन निवासी गुलाम मोहम्मद मीर के पुत्र अब्दुल समद मीर; और जचलदारा के बुतशंगी निवासी सावरिया खटाना के पुत्र शायर अली खटाना। पुलिस ने बताया कि यह कुर्की कार्रवाई राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न की गई।
पुलिस की प्रतिक्रिया
हंदवाड़ा पुलिस ने शांति, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराया है। पुलिस ने गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना नज़दीकी पुलिस थाने में दें।
आम जनता पर असर और व्यापक परिप्रेक्ष्य
गौरतलब है कि हंदवाड़ा क्षेत्र में इस तरह के भड़काऊ पोस्टर अभियान का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सांप्रदायिक तनाव और अशांति फैलाना बताया जाता है। ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के माध्यम से संचालित इस तरह के मॉड्यूल जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के लिए एक निरंतर चुनौती बने हुए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में चुनाव के बाद की राजनीतिक स्थिरता और सामान्य जन-जीवन बहाली के प्रयास जारी हैं। सुरक्षा एजेंसियाँ आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र की जड़ों को खत्म करने के लिए संपत्ति कुर्की जैसे कानूनी उपकरणों का तेज़ी से उपयोग कर रही हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस के अनुसार, इस पोस्टर मॉड्यूल से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने और सभी संलिप्त व्यक्तियों की भूमिकाएँ स्पष्ट करने की जाँच जारी है। अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी जल्द होने की संभावना है।