22 अक्टूबर 2026
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हंदवाड़ा में आतंकी पोस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार; तीन आरोपियों की संपत्तियाँ कुर्क

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हंदवाड़ा में आतंकी पोस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार; तीन आरोपियों की संपत्तियाँ कुर्क

सारांश

हंदवाड़ा पुलिस ने 22 अक्टूबर को भड़काऊ पोस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया और OGW नेटवर्क की जाँच शुरू की। साथ ही 2023 के एक गंभीर आपराधिक मामले में तीन आरोपियों की संपत्तियाँ कुर्क कर आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र पर शिकंजा कसा।

मुख्य बातें

हंदवाड़ा पुलिस ने 22 अक्टूबर 2026 को आतंकी पोस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया।
सार्वजनिक स्थान पर देश-विरोधी पोस्टर लगाने पर एफआईआर नंबर 259/2026 दर्ज।
जाँच में कथित तौर पर 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' (OGW) की संलिप्तता सामने आई है।
एफआईआर 198/2023 के तहत गुलाम रसूल भट, अब्दुल समद मीर और शायर अली खटाना की संपत्तियाँ कुर्क।
संपत्ति कुर्की RPC धारा 307, 302, 436, 120-बी, 121-ए सहित शस्त्र और विस्फोटक अधिनियम के तहत दर्ज मामले में हुई।
पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी रखने की बात कही।

जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा उप-मंडल में पुलिस ने 22 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को एक आतंकी पोस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। इसी दिन एक अलग आपराधिक मामले में तीन आरोपियों की संपत्तियाँ भी कुर्क की गईं। हंदवाड़ा थाने में एफआईआर नंबर 259/2026 दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, हंदवाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक सार्वजनिक स्थान पर देश-विरोधी और भड़काऊ पोस्टर लगाए गए थे। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और कानून की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

जाँच के दौरान इस साजिश में कथित तौर पर 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' (OGW) की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

संपत्ति कुर्की की कार्रवाई

एक अलग मामले में, हंदवाड़ा पुलिस ने एफआईआर नंबर 198/2023 के सिलसिले में तीन आरोपियों की संपत्तियाँ कुर्क की हैं। यह मामला रणबीर दंड संहिता (RPC) की धाराओं — 307, 302, 436, 120-बी और 121-ए — के साथ-साथ EIMCO अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज था।

जिन तीन आरोपियों की संपत्तियाँ कुर्क की गई हैं, वे हैं: जचलदारा निवासी अजीज भट के पुत्र गुलाम रसूल भट; जचलदारा के बावन निवासी गुलाम मोहम्मद मीर के पुत्र अब्दुल समद मीर; और जचलदारा के बुतशंगी निवासी सावरिया खटाना के पुत्र शायर अली खटाना। पुलिस ने बताया कि यह कुर्की कार्रवाई राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न की गई।

पुलिस की प्रतिक्रिया

हंदवाड़ा पुलिस ने शांति, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराया है। पुलिस ने गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना नज़दीकी पुलिस थाने में दें।

आम जनता पर असर और व्यापक परिप्रेक्ष्य

गौरतलब है कि हंदवाड़ा क्षेत्र में इस तरह के भड़काऊ पोस्टर अभियान का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सांप्रदायिक तनाव और अशांति फैलाना बताया जाता है। ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के माध्यम से संचालित इस तरह के मॉड्यूल जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के लिए एक निरंतर चुनौती बने हुए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में चुनाव के बाद की राजनीतिक स्थिरता और सामान्य जन-जीवन बहाली के प्रयास जारी हैं। सुरक्षा एजेंसियाँ आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र की जड़ों को खत्म करने के लिए संपत्ति कुर्की जैसे कानूनी उपकरणों का तेज़ी से उपयोग कर रही हैं।

क्या होगा आगे

पुलिस के अनुसार, इस पोस्टर मॉड्यूल से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने और सभी संलिप्त व्यक्तियों की भूमिकाएँ स्पष्ट करने की जाँच जारी है। अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी जल्द होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का मानना है कि बिना त्वरित न्यायिक प्रक्रिया के केवल कुर्की नागरिक अधिकारों पर असर डाल सकती है। असली परीक्षा यह होगी कि जाँच पूरे नेटवर्क तक पहुँचती है या गिरफ्तार व्यक्ति तक सीमित रहती है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हंदवाड़ा में आतंकी पोस्टर मॉड्यूल क्या है?
यह एक ऐसा संगठित मॉड्यूल है जिसके तहत हंदवाड़ा थाना क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर देश-विरोधी और भड़काऊ पोस्टर लगाए गए। पुलिस ने 22 अक्टूबर 2026 को इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर एफआईआर नंबर 259/2026 दर्ज की है और ओजीडब्ल्यू की संलिप्तता की जाँच जारी है।
ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) कौन होते हैं?
ओजीडब्ल्यू वे व्यक्ति होते हैं जो प्रत्यक्ष रूप से हथियार नहीं उठाते लेकिन आतंकी संगठनों को रसद, सूचना और प्रचार जैसी सहायता देते हैं। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल इन्हें आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र की एक अहम कड़ी मानते हैं।
तीन आरोपियों की संपत्तियाँ क्यों कुर्क की गई हैं?
हंदवाड़ा थाने में 2023 में दर्ज एफआईआर नंबर 198/2023 के तहत गुलाम रसूल भट, अब्दुल समद मीर और शायर अली खटाना की संपत्तियाँ कुर्क की गई हैं। यह मामला RPC की धारा 307, 302, 436, 120-बी और 121-ए के साथ शस्त्र और विस्फोटक अधिनियम के तहत दर्ज है।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस ने बताया कि पोस्टर मॉड्यूल से जुड़े पूरे नेटवर्क की जाँच जारी है और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के प्रयास हो रहे हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नज़दीकी थाने में दें।
जम्मू-कश्मीर में संपत्ति कुर्की का कानूनी आधार क्या है?
जम्मू-कश्मीर में रणबीर दंड संहिता (RPC) और EIMCO अधिनियम जैसे कानूनों के तहत गंभीर अपराधों से जुड़े आरोपियों की संपत्तियाँ कुर्क की जा सकती हैं। इस मामले में कुर्की राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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