बांदीपोरा में अलगाववादी मॉड्यूल के दो और सहयोगी गिरफ्तार, कुल संख्या आठ हुई
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 6 नवंबर 2026 को बांदीपोरा में एफआईआर नंबर 168/2026 के तहत एक जेल-संचालित अलगाववादी आतंकी मॉड्यूल से जुड़े दो और संदिग्ध सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 10 और 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में अब तक हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या आठ हो गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए पहले व्यक्ति की पहचान इरशाद अहमद भट (पिता: गुलाम मोहम्मद भट) के रूप में हुई है, जो बारामूला के चकलू के निवासी हैं। दूसरे आरोपी शौकत अहमद रेशी (पिता: गुलाम मोहम्मद रेशी) सोपोर के वटलाब से हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों इस मॉड्यूल में कथित तौर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
जाँच अधिकारी अब इन दोनों की इस नेटवर्क में संलिप्तता की गहराई, सीमा पार बैठे हैंडलरों से संपर्क और अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान करने में जुटे हैं।
मॉड्यूल की प्रकृति और पृष्ठभूमि
पुलिस बयान के अनुसार, यह मॉड्यूल जेल से संचालित था और विशेष रूप से महिलाओं को अलगाववादी विचारधारा और प्रचार के लिए लक्षित कर रहा था। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब कश्मीर घाटी में जेल के भीतर से संचालित किसी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ हो — यह प्रवृत्ति सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
इस मामले में बांदीपोरा पुलिस के साथ-साथ काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) विंग भी सक्रिय रूप से जाँच में सहयोग कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह इस आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने और सुरक्षा-विरोधी गतिविधियों में लिप्त हर व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
व्यापक आतंकवाद-विरोधी अभियान
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब CIK और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने घाटी में एक साथ कई मोर्चों पर आतंकवाद-विरोधी अभियान तेज कर दिए हैं। श्रीनगर, बडगाम, पुलवामा और अनंतनाग में छह स्थानों पर छापेमारी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े उस भर्ती नेटवर्क को निशाना बनाया गया जो सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था।
इसी क्रम में गांदरबल, श्रीनगर, बडगाम और पुलवामा में 10 स्थानों पर की गई छापेमारी जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के कमांडर अब्दुल्ला गाजी द्वारा सीमा पार से संचालित एक कथित स्लीपर सेल और भर्ती नेटवर्क के खिलाफ थी। जाँचकर्ताओं ने इन छापेमारियों में डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए हैं।
क्रिप्टोकरेंसी से आतंकी फंडिंग पर भी कार्रवाई
स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) कश्मीर ने क्रिप्टोकरेंसी के जरिए होने वाली आतंकी फंडिंग की साजिशों पर बड़ी कार्रवाई की है। इन साजिशों का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में अशांति फैलाना और युवाओं को कट्टरपंथी बनाना बताया गया है। शोपियाँ में भी व्यापक तलाशी अभियान चलाकर प्रतिबंधित संगठनों के सहयोगी ढाँचे और लॉजिस्टिक-वित्तीय नेटवर्क को निशाना बनाया गया।
आगे की जाँच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जाँच में होकेरसर (श्रीनगर) और मागम (बडगाम) से जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।