वाल्मीकि जयंती पर अमृतसर तीर्थ स्थल पहुंचे CM नायब सैनी, दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरित कीं
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 25 अक्टूबर 2026 को वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर अमृतसर स्थित प्रसिद्ध भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल में माथा टेका और देश तथा हरियाणा प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। तीर्थ स्थल पहुँचने पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया।
भगवान वाल्मीकि की शिक्षाओं पर मुख्यमंत्री का संदेश
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सैनी ने प्रदेश और देशवासियों को वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 'भगवान वाल्मीकि का जीवन और उनकी शिक्षाएं संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत हैं।' सैनी के अनुसार, भगवान वाल्मीकि की शिक्षाएं समाज में समानता, सौहार्द, भाईचारे और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश देती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति, आदर्श जीवन मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का अनुपम ग्रंथ है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भगवान वाल्मीकि के विचार लोगों को सत्य, धर्म, कर्तव्य और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सैनी ने जरूरतमंद लाभार्थियों को ट्राइसाइकिल वितरित कीं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों की मदद करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। दिव्यांगजनों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना, उनका जीवन सहज बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सामाजिक सौहार्द और एकता का आह्वान
मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह से आग्रह किया कि भगवान वाल्मीकि की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए समाज के हर वर्ग के सम्मान, कल्याण और उत्थान के लिए मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि 'यही भगवान वाल्मीकि के प्रति सच्ची श्रद्धा और सम्मान होगा।'
गौरतलब है कि वाल्मीकि जयंती प्रतिवर्ष शरद पूर्णिमा को मनाई जाती है और यह अवसर विशेष रूप से वाल्मीकि समाज के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री की यह यात्रा राज्य की सत्तारूढ़ सरकार के सामाजिक समावेश और धार्मिक सद्भाव के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री सैनी की इस तीर्थ यात्रा को हरियाणा सरकार की समाज के वंचित और दिव्यांग वर्गों के प्रति संवेदनशीलता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में राज्य सरकार की ओर से दिव्यांगजन सशक्तिकरण से जुड़ी और योजनाओं की घोषणा संभव है।