क्या मजबूत समाज के लिए वाल्मीकि के शिक्षा और समानता के संदेश को अपनाना चाहिए? - मंत्री असीम अरुण
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वाराणसी, 7 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। काशी में मंगलवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में बहुत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण ने एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के प्रति संकल्पित है। उन्होंने समाज से निवेदन किया कि वाल्मीकि के शिक्षा और समानता के संदेश को अपनाकर समाज को और भी मजबूत करें।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुझे काशी आने का अवसर मिला है। इस पावन दिन पर महर्षि वाल्मीकि के संदेश को याद करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
असीम अरुण ने बताया कि योगी सरकार ने सफाई कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की है। अब, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को सरकार प्रत्यक्ष भुगतान करेगी, ताकि उन्हें ठेका कंपनियों के शोषण से बचाया जा सके। इससे उनके अधिकारों की रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का संदेश शिक्षा, ज्ञान और अध्यात्म पर जोर देता है, जो समाज को आगे बढ़ाता है। इस दिशा में सरकार प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि डीएचयू और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने मिलकर एक कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसमें समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित स्कूलों के छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। यह पहल वाल्मीकि के शिक्षा के संदेश को साकार करने की दिशा में एक निश्चित कदम है।
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर असीम अरुण ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने पहले से ही तैयारियों की शुरुआत कर दी थी। विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जब उनके उम्मीदवार ही मैदान में नहीं हैं, तो वे चुनाव कैसे लड़ेंगे।
अरुण ने कहा कि एनडीए के सभी सहयोगी एकजुट हैं और ठोस योजनाओं के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि बिहार में भी एनडीए और भाजपा अन्य राज्यों की तरह जीत