हजारीबाग: पारिवारिक कलह में पिता ने 6 माह के शिशु को पक्के फर्श पर पटका, मौत; आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के हजारीबाग जिले के लुपुंग गाँव में 26 अगस्त 2026 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब पारिवारिक विवाद के बीच एक व्यक्ति ने अपने 6 माह के शिशु पुत्र को पक्के फर्श पर पटककर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे बाद में उसकी मौत हो गई। कटकमसांडी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता आकाश कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
घटनाक्रम: कैसे हुई यह दुखद वारदात
कटकमसांडी थाना क्षेत्र के लुपुंग गाँव में उस दिन घर के भीतर सास और बहू के बीच किसी घरेलू मसले पर तीखी नोकझोंक चल रही थी। इसी बीच आरोपी आकाश कुमार वहाँ पहुँचा और झगड़े से उत्तेजित होकर उसने कमरे में सो रहे अपने 6 माह के बेटे अंश कुमार को उठा लिया।
आरोप है कि आकाश ने शिशु को घर के पीछे बने कुएँ के पास ढलाई वाले पक्के फर्श पर पटक दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से मासूम लहूलुहान हो गया।
माँ की गुहार अनसुनी, अस्पताल ले जाने से इनकार
घटना के तुरंत बाद शिशु की माँ निराली कुमारी ने अपने पति से बच्चे को अविलंब अस्पताल ले जाने की विनती की, लेकिन आरोपी ने इलाज कराने से साफ इनकार कर दिया। विवश होकर माँ स्वयं घायल शिशु को लेकर हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुँची।
वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बच्चे की अत्यंत गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश, रांची ले जाने के दौरान रास्ते में ही अंश कुमार ने दम तोड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
शिशु की मृत्यु के बाद माँ निराली कुमारी ने कटकमसांडी थाने में अपने पति आकाश कुमार के विरुद्ध नामजद शिकायत दर्ज कराई। कटकमसांडी थाना प्रभारी अनुपम प्रकाश ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
आम जनता और समाज पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब घरेलू हिंसा और बाल सुरक्षा को लेकर देशभर में चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि झारखंड में पारिवारिक विवादों में बच्चों के शिकार होने की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रही हैं, जो बाल संरक्षण तंत्र की मज़बूती पर सवाल उठाती हैं।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और आरोपी के विरुद्ध कड़ी सज़ा की माँग उठ रही है। आगे की न्यायिक प्रक्रिया में अभियोजन पक्ष की भूमिका निर्णायक रहेगी।