भिवाड़ी में माँ ने 8 माह की बच्ची को पिलाया तेजाब, अलवर में इलाज के दौरान मौत
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी स्थित लेबर कॉलोनी में एक माँ ने कथित तौर पर अपनी आठ माह की बच्ची को तेजाब पिला दिया, जिसके बाद अलवर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान बुधवार, 20 मई 2026 को उस मासूम की मौत हो गई। बच्ची के पिता मोहित की शिकायत पर पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है।
घटनाक्रम: कैसे हुई यह दर्दनाक वारदात
पिता मोहित की शिकायत के अनुसार, यह घटना सोमवार दोपहर, 18 मई 2026 को उस समय हुई जब वे भिवाड़ी की एक सोलर कंपनी में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के रूप में काम पर गए हुए थे। मोहित ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी सपना मायके जाने की जिद कर रही थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया था।
शिकायत के मुताबिक, इस बात पर हुई बहस के बाद सपना ने कैप्टन चौक के पास किराए के घर में बच्ची के साथ अकेले होने पर उसे कथित तौर पर एसिड पीने के लिए मजबूर किया। पास में रहने वाली मोहित की बहन ने बच्ची की बिगड़ती हालत देखकर उन्हें सूचित किया।
चिकित्सा स्थिति और डॉक्टरों का बयान
अलवर मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. चारू गर्ग ने बताया कि बच्ची को 18 मई को शाम करीब 7:30 बजे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तेजाब से बच्ची के कई आंतरिक अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे — श्वासनली और भोजन नली बुरी तरह प्रभावित हुई थीं और लगातार आंतरिक रक्तस्राव हो रहा था।
डॉ. गर्ग ने बताया कि डॉक्टरों के भरसक प्रयासों के बावजूद बच्ची को बचाया नहीं जा सका। बच्ची को पहले भिवाड़ी जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ से उसे बेहतर इलाज के लिए अलवर रेफर किया गया।
पिता का आरोप और माँ की कथित स्वीकारोक्ति
मोहित ने यह भी आरोप लगाया कि जब बच्ची को भिवाड़ी से अलवर ले जाया जा रहा था, तब उनकी पत्नी सपना ने बच्ची को तेजाब पिलाने की बात कथित तौर पर स्वीकार की। हालाँकि पुलिस ने इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं की है।
शोकाकुल पिता मोहित ने कहा, 'वह मेरी इकलौती बेटी थी।' उन्होंने अपनी पत्नी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
पुलिस जाँच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने पिता की शिकायत दर्ज करने के बाद मामले की जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार जाँच जारी है और अभी तक आरोपी के विरुद्ध की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा सामने नहीं आया है। यह मामला राजस्थान में शिशु सुरक्षा और घरेलू हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।