क्या हिमालय में उत्तरी रेलवे का जम्मू डिवीजन नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर है?

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क्या हिमालय में उत्तरी रेलवे का जम्मू डिवीजन नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर है?

सारांश

जम्मू डिवीजन ने एक वर्ष में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन के बाद, जम्मू-कश्मीर में कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है, जो क्षेत्र के विकास को गति दे रहा है। आइए जानते हैं इसके प्रमुख पहलुओं के बारे में।

Key Takeaways

  • कश्मीर घाटी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ा गया है।
  • उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला लिंक का उद्घाटन हुआ है।
  • नए वंदे भारत ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ है।
  • 20,000 टन सेब का परिवहन किया गया है।
  • अनंतनाग माल गोदाम ने माल ढुलाई में सुधार किया है।

जम्मू, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तरी रेलवे का जम्मू डिवीजन अब एक वर्ष का हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 6 जनवरी को भारत के 70वें रेलवे डिवीजन का उद्घाटन किया था। जम्मू डिवीजन की स्थापना ने कश्मीर घाटी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ा और जम्मू-कश्मीर के लोगों में उम्मीद और परिवर्तन की भावना उत्पन्न की।

जम्मू डिवीजन ने 2025 में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की, जैसे कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक का उद्घाटन, चेनाब और अंजी पुलों का समर्पण, वंदे भारत ट्रेनों का संचालन, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना, तथा सेब और सीमेंट जैसी वस्तुओं की माल ढुलाई में वृद्धि। इन उपलब्धियों से जम्मू-कश्मीर में आर्थिक विकास की नई लहर आई है।

यह कदम जम्मू-कश्मीर को जोड़ने और क्षेत्र के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक ऐतिहासिक प्रयास है।

इन अद्वितीय चेनाब और अंजी रेल पुलों को राष्ट्र को समर्पित किया गया, जो इस परियोजना की तकनीकी उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।

श्री माता वैष्णो देवी-श्रीनगर वंदे भारत सेवा ने अब तक 3.75 लाख से अधिक यात्रियों को सुविधाएं प्रदान की हैं, जिससे यात्रा और अधिक सुविधाजनक हो गई है।

कटरा और अमृतसर के बीच रेल लिंक ने श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाया है।

20,000 टन से अधिक सेब और 1.5 लाख टन सीमेंट का परिवहन किया गया है, जिससे किसानों और उद्योगों को लाभ हुआ है।

अनंतनाग माल गोदाम 1.5 लाख टन सीमेंट को संभालने में सक्षम है, जिससे माल ढुलाई में सुधार हुआ है।

पहली बार घाटी में ऑटोमोबाइल और अनाज परिवहन करने वाली गाड़ियां पहुंची हैं, और कश्मीर से बांद्रा तक शहतूत (चेरी) का परिवहन हुआ है, जो कि माल ढुलाई के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

नए गैर-किराया राजस्व अनुबंधों के तहत 94 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई है।

टिकट जांच अभियानों के माध्यम से 63,000 से अधिक मामलों में 3.72 करोड़ रुपए की वसूली की गई है।

जम्मू डिवीजन के एक वर्ष पूर्ण होने पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि वर्ष 2025 चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन रेलवे ने यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप जम्मू डिवीजन उत्कृष्टता की ओर तेजी से बढ़ रहा है और यह नया अध्याय कश्मीर के लोगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और समृद्धि लेकर आ रहा है। नव वर्ष 2026 में जम्मू डिवीजन नई परियोजनाओं के साथ अपना दूसरा अध्याय लिखेगा।

Point of View

यह स्पष्ट है कि जम्मू डिवीजन की उपलब्धियां केवल स्थानीय लोगों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह परियोजना न केवल कश्मीर के विकास को गति दे रही है, बल्कि पूरे देश में एकता और समृद्धि को भी बढ़ावा दे रही है।
NationPress
05/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या जम्मू डिवीजन ने वास्तव में कश्मीर की कनेक्टिविटी में सुधार किया है?
हाँ, जम्मू डिवीजन ने कश्मीर घाटी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ा है, जिससे यात्रा और माल ढुलाई में सुधार हुआ है।
क्या नए पुलों का निर्माण तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है?
बिल्कुल! चेनाब और अंजी पुल जैसे इंजीनियरिंग के चमत्कार इस परियोजना की तकनीकी उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।
वंदे भारत सेवा का क्या महत्व है?
वंदे भारत सेवा ने यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाया है, जिससे लाखों यात्रियों को लाभ हुआ है।
जम्मू डिवीजन के विकास का किसानों पर क्या प्रभाव पड़ा है?
किसानों को 20,000 टन से अधिक सेब और 1.5 लाख टन सीमेंट के परिवहन के माध्यम से लाभ हुआ है।
क्या जम्मू डिवीजन के विकास के लिए और भी योजनाएं हैं?
हाँ, जम्मू डिवीजन 2026 में नई परियोजनाओं के साथ अपने दूसरे अध्याय की शुरुआत करेगा।
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