हरिद्वार में हिमंता बिस्वा सरमा ने किया पितरों का तर्पण, बोले — सरकार को ब्लैकमेल करने के मंसूबे नाकाम होंगे
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार पहुँचे और प्राचीन नारायणी शिला मंदिर में पूर्वजों की स्मृति में विधि-विधान से पूजा-अर्चना तथा तर्पण संपन्न किया। उनके दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की थी और मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
तर्पण और धार्मिक अनुष्ठान
सरमा ने बताया कि पितृ पक्ष की अमावस्या पर हर वर्ष हरिद्वार आने का अवसर मिलता है और इस बार भी यहाँ आकर पूजा-अर्चना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि सभी अनुष्ठान विधि-विधान से पूर्ण हुए और इस व्यवस्था के लिए उन्होंने सभी संबंधितों का आभार व्यक्त किया।
एक्स पर अपनी पोस्ट में हिमंता बिस्वा सरमा ने लिखा, 'हमारे सभी पितरों और पूर्वजों का आशीर्वाद सदैव हम पर बना रहे और उन्हें श्रीहरि विष्णु के चरणों में स्थान प्राप्त हो, महालया अमावस्या पर मेरी यही प्रार्थना है। आज हरिद्वार में अपने पितरों का तर्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।'
सीजेपी विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया
मीडिया से बातचीत में सरमा ने दिल्ली में हुए सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि जितने लोग प्रदर्शन में शामिल हुए, उससे सौ गुना अधिक लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को ब्लैकमेल करने की कोशिश करने वाले अपने मंसूबों में कभी कामयाब नहीं होंगे, क्योंकि देश की जनता सब कुछ जानती है।
उन्होंने कहा कि असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव जीता है और पश्चिम बंगाल में भी पार्टी जीत दर्ज करेगी। उनके अनुसार, जनता पीएम मोदी के साथ है, भाजपा के साथ है और विकास के साथ है।
राहुल गांधी पर निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सरमा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में प्रतिदिन हजारों लोग जाते हैं और राष्ट्रपति से भी सैकड़ों लोग रोज़ मुलाकात करते हैं। ऐसे में किसी के मिलने जाने को लेकर सवाल उठाने का कोई औचित्य नहीं है।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार सरकार पर विभिन्न मुद्दों पर हमलावर है। सरमा की यह टिप्पणी राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारी
मुख्यमंत्री के हरिद्वार दौरे के मद्देनजर उत्तराखंड प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए। नारायणी शिला मंदिर परिसर में कड़ी निगरानी रखी गई और श्रद्धालुओं की आवाजाही को भी सुचारू रूप से संचालित किया गया।
गौरतलब है कि सर्वपितृ अमावस्या पर हरिद्वार में देशभर से लाखों श्रद्धालु पितरों के तर्पण के लिए पहुँचते हैं। मुख्यमंत्री सरमा का यह दौरा धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्त्वपूर्ण रहा।
आगे का राजनीतिक संकेत
हरिद्वार से दिए गए इन बयानों को भाजपा की रणनीति के तहत देखा जा रहा है, जहाँ पार्टी विरोधी आंदोलनों को जनाधारविहीन बताकर खारिज करना चाहती है। पश्चिम बंगाल चुनावों को लेकर सरमा के आत्मविश्वास भरे बयान इस बात का संकेत हैं कि भाजपा पूर्वी भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में सक्रिय है।