हिमाश्री बोरो मौत मामला: CM हिमंता ने चंद्रबाबू नायडू और रेल मंत्री को लिखा पत्र, निष्पक्ष जांच की माँग
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 9 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर विशाखापत्तनम-डिब्रूगढ़ विवेक एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान लापता हुई 21 वर्षीय असमिया छात्रा हिमाश्री बोरो की मौत की गहन और समयबद्ध जांच की माँग की है। हिमाश्री का शव श्रीकाकुलम जिले के मलयापुरम के निकट एक जंगली क्षेत्र से बरामद किया गया था।
घटनाक्रम: कैसे लापता हुईं हिमाश्री
असम के कामरूप जिले की रहने वाली हिमाश्री एक नृत्य मंडली के साथ विशाखापत्तनम के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने आई थीं। 6 अक्टूबर को वापसी के दौरान उन्होंने विवेक एक्सप्रेस में विशाखापत्तनम से गुवाहाटी के लिए यात्रा शुरू की। उसी दिन उनके परिवार को एक चिंताजनक संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें हिमाश्री ने डिब्बे में बड़ी संख्या में पुरुष यात्रियों की उपस्थिति के कारण भय जताया था — वह उस कोच में अकेली महिला यात्री थीं।
इसके कुछ समय बाद से ही हिमाश्री का कोई संपर्क नहीं हुआ। उनका सामान ट्रेन के S-2 कोच में मिला, जबकि उनका शव अमदालावलसा और पोंडुरु रेलवे स्टेशनों के बीच बोद्देपल्ली के पास बरामद किया गया।
जांच का दायरा और पुलिस की कार्रवाई
सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) इस मामले की जांच कर रही है कि हिमाश्री चलती ट्रेन से दुर्घटनावश गिरी थीं या उन्हें धक्का दिया गया। श्रीकाकुलम जिला पुलिस ने GRP के साथ मिलकर एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया है।
गौरतलब है कि घटना की परिस्थितियाँ — अकेली महिला यात्री, परिवार को भेजा गया भयभीत संदेश, और ट्रेन से दूर जंगली क्षेत्र में शव की बरामदगी — जांच एजेंसियों के सामने किसी साजिश या आपराधिक घटना की गंभीर आशंका पैदा कर रही हैं।
CM हिमंता का पत्र: क्या माँगा गया
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने पत्र में स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिमाश्री के विशाखापत्तनम से ट्रेन में सवार होने से लेकर उनके लापता होने और शव बरामद होने तक की पूरी घटनाओं की निष्पक्ष, गहन और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी माँग की कि यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाए तो उसे शीघ्रातिशीघ्र कानूनी प्रक्रिया के दायरे में लाया जाए।
सरमा ने यह भी उल्लेख किया कि इस घटना ने असम में गहरी पीड़ा और चिंता उत्पन्न की है, और राज्य की जनता को न्याय मिलने की प्रतीक्षा है।
ट्रेन में महिला सुरक्षा पर सवाल
यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे में महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बार-बार सवाल उठते रहे हैं। हिमाश्री ने यात्रा के दौरान अपने डर का संदेश परिवार को भेजा था — यह तथ्य इस ओर इशारा करता है कि कोच में पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम नहीं थे।
आलोचकों का कहना है कि ट्रेनों में महिला यात्रियों की निगरानी और सुरक्षा के लिए मौजूदा व्यवस्था अपर्याप्त है। आगे की जांच में यह स्पष्ट होना ज़रूरी है कि उस कोच में चादर-बेड नियंत्रण, CCTV कवरेज और कर्मचारी तैनाती की स्थिति क्या थी।
आगे क्या होगा
श्रीकाकुलम जिला पुलिस और GRP की संयुक्त टीम जांच जारी रखे हुए है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच के परिणाम न केवल हिमाश्री के परिवार के लिए, बल्कि रेल सुरक्षा नीति के लिए भी महत्त्वपूर्ण होंगे।