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श्यामा प्रसाद मुखर्जी असम के 'सच्चे शुभचिंतक' थे: CM हिमंता बिस्वा सरमा, गुवाहाटी में फ्लाईओवर का उद्घाटन

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श्यामा प्रसाद मुखर्जी असम के 'सच्चे शुभचिंतक' थे: CM हिमंता बिस्वा सरमा, गुवाहाटी में फ्लाईओवर का उद्घाटन

सारांश

गुवाहाटी में ₹376 करोड़ के नए फ्लाईओवर के उद्घाटन पर CM हिमंता बिस्वा सरमा ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को असम का 'सच्चा शुभचिंतक' करार दिया। 1940-41 के संकटकाल में ग्रुपिंग प्लान के विरोध और असमिया शिक्षा को बल देने वाले मुखर्जी की विरासत को आज के बुनियादी ढाँचे से जोड़ा गया।

मुख्य बातें

CM हिमंता बिस्वा सरमा ने 22 मई को गुवाहाटी में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को असम का 'सच्चा शुभचिंतक' बताया।
₹376 करोड़ की लागत से बना फ्लाईओवर 30 महीने की समयसीमा से पहले 26 महीने में पूरा हुआ।
फ्लाईओवर साइकिल फैक्ट्री जंक्शन से लालगणेश तक है; NH-27 पर यातायात दबाव कम होगा।
1940-41 में असम प्रांतीय मुस्लिम लीग के पाकिस्तान प्रस्ताव के बाद मुखर्जी ने असम आकर जनता का मनोबल बढ़ाया और ग्रुपिंग प्लान का विरोध किया।
आशुतोष मुखर्जी और श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने असमिया भाषा व उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार, 22 मई को गुवाहाटी में कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी असम के 'सच्चे शुभचिंतक' थे, जिन्होंने स्वतंत्रता-पूर्व के सबसे संकटपूर्ण दौर में असमिया जनता का मनोबल बनाए रखा। मुख्यमंत्री उस समय श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर समर्पित एक नए फ्लाईओवर के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

गुवाहाटी-दरभंगा रोड पर साइकिल फैक्ट्री जंक्शन से लालगणेश तक निर्मित इस फ्लाईओवर की लागत ₹376 करोड़ है। उल्लेखनीय यह है कि यह परियोजना निर्धारित 30 महीने की समयसीमा से चार महीने पहले — मात्र 26 महीने में — पूरी कर ली गई। इससे आर्य नगर से लखरा तक नेशनल हाईवे-27 पर यातायात का दबाव कम होने और गुवाहाटी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।

सरमा ने मुखर्जी को क्यों याद किया

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, "श्यामा प्रसाद मुखर्जी का राजनीतिक जीवन आदर्शों, देशभक्ति, नैतिक साहस और राष्ट्रीय हित के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक था। असम की राजनीतिक यात्रा के सबसे कठिन समय में उन्होंने असमिया लोगों के साथ मजबूती से खड़े होकर लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई को नैतिक समर्थन दिया।"

उन्होंने बताया कि 1940-41 के दौरान जब असम प्रांतीय मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान प्रस्ताव को अपनाया, तब राज्य में भय और अनिश्चितता का माहौल था। ऐसे संवेदनशील समय में श्यामा प्रसाद मुखर्जी असम आए, जनता से उम्मीद न छोड़ने की अपील की और विभाजन काल के विवादित ग्रुपिंग प्लान का दृढ़ता से विरोध किया।

शिक्षा और संस्कृति में योगदान

मुख्यमंत्री ने मुखर्जी परिवार के शैक्षिक योगदान का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, आशुतोष मुखर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय में असमिया साहित्य के अध्ययन को प्रोत्साहित किया और असम के विद्वानों को समर्थन दिया। वहीं श्यामा प्रसाद मुखर्जी के प्रयासों से मैट्रिक स्तर तक असमिया माध्यम की शिक्षा को बल मिला और जेबी कॉलेज जैसी संस्थाओं को कलकत्ता विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त हुई।

सरमा ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी असम की अलग सांस्कृतिक और बौद्धिक पहचान को गहराई से समझते थे। उनका मानना था कि असम भाषा, मानवशास्त्र, भूविज्ञान, वनस्पति विज्ञान और वानिकी जैसे विषयों में शोध का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।

आम जनता पर असर

नए फ्लाईओवर के चालू होने से गुवाहाटी के लाखों दैनिक यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। नेशनल हाईवे-27 पर वाहनों का बोझ घटेगा, जिससे ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी जैसे दीर्घकालिक लाभ भी संभव हैं।

क्या होगा आगे

यह उद्घाटन असम सरकार की उस व्यापक अवसंरचना नीति का हिस्सा है जिसमें ऐतिहासिक राष्ट्रवादी नेताओं के नाम पर सार्वजनिक परियोजनाएँ समर्पित की जा रही हैं। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विरासत को केंद्र में रखकर की गई यह पहल राज्य में राजनीतिक और सांस्कृतिक विमर्श को नई दिशा देने का प्रयास भी मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल अनुत्तरित रहता है कि ₹376 करोड़ की परियोजना में गुणवत्ता और दीर्घकालिक रखरखाव का ढाँचा क्या है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्यामा प्रसाद मुखर्जी का असम से क्या संबंध था?
CM हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1940-41 के संकटकाल में असम का दौरा कर जनता का मनोबल बढ़ाया और विभाजन-पूर्व के विवादित ग्रुपिंग प्लान का दृढ़ता से विरोध किया। उन्होंने असमिया नेता गोपीनाथ बोरदोलोई को नैतिक समर्थन भी दिया।
गुवाहाटी में उद्घाटित नया फ्लाईओवर कहाँ से कहाँ तक है?
यह फ्लाईओवर गुवाहाटी-दरभंगा रोड पर साइकिल फैक्ट्री जंक्शन से लालगणेश तक है। ₹376 करोड़ की लागत से बना यह पुल 30 महीने की समयसीमा से पहले 26 महीने में पूरा हुआ।
इस फ्लाईओवर से गुवाहाटी के नागरिकों को क्या फायदा होगा?
इससे आर्य नगर से लखरा तक नेशनल हाईवे-27 पर वाहनों का दबाव कम होगा और गुवाहाटी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में आवागमन सुगम होगा। दैनिक यात्रियों को यातायात जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
1940-41 का ग्रुपिंग प्लान क्या था और मुखर्जी ने इसका विरोध क्यों किया?
ग्रुपिंग प्लान विभाजन-पूर्व भारत में प्रांतों के समूहीकरण की एक विवादित योजना थी, जिससे असम के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई थी। CM सरमा के अनुसार, श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इस योजना का मजबूती से विरोध कर असमिया जनता और नेताओं को संघर्ष जारी रखने की प्रेरणा दी।
मुखर्जी परिवार ने असमिया शिक्षा में क्या योगदान दिया?
CM सरमा के अनुसार, आशुतोष मुखर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय में असमिया साहित्य के अध्ययन को प्रोत्साहित किया। वहीं श्यामा प्रसाद मुखर्जी के प्रयासों से मैट्रिक स्तर तक असमिया माध्यम की शिक्षा को बल मिला और जेबी कॉलेज जैसी संस्थाओं को कलकत्ता विश्वविद्यालय से मान्यता मिली।
राष्ट्र प्रेस
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