हिमंत बिस्वा सरमा ने दूसरी बार ली CM पद की शपथ, गुवाहाटी में 20 मुख्यमंत्रियों सहित PM मोदी-अमित शाह मौजूद
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 12 मई को गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज मैदान में एक भव्य समारोह में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, 20 मुख्यमंत्री, 18 उप-मुख्यमंत्री और 11 केंद्रीय कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहे। राज्य सरकार ने इसे पूर्वोत्तर भारत में अब तक की सबसे बड़ी राजनीतिक सभा घोषित किया।
शपथ ग्रहण समारोह का विवरण
सरमा के साथ नई मंत्रिपरिषद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता रामेश्वर तेली और अजंता नेओग ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इसके अलावा, BJP के दो गठबंधन सहयोगियों — असम गण परिषद के अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के विधायक चरण बोरो — ने भी नई सरकार में मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।
समारोह में असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और BJP के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के अनेक वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए।
किन-किन राज्यों के मुख्यमंत्री पहुंचे
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, मेघालय, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री इस समारोह में उपस्थित रहे। साथ ही 2 केंद्रीय राज्य मंत्री भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
सांस्कृतिक और सामाजिक उपस्थिति
राजनीतिक नेतृत्व के अतिरिक्त, समारोह में खेल, संस्कृति और धार्मिक क्षेत्रों की कई著名 हस्तियाँ भी मौजूद थीं। अर्जुन पुरस्कार विजेता और पद्म भूषण प्राप्तकर्ताओं सहित पूरे असम से हज़ारों लोगों ने इस ऐतिहासिक अवसर में भाग लिया।
असम के लिए राजनीतिक महत्व
राज्य सरकार के अनुसार, इस विशाल भागीदारी ने राष्ट्रीय मंच पर असम के बढ़ते राजनीतिक और रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया। यह समारोह असम में NDA सरकार के लगातार तीसरे कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक भी बना। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत में इस पैमाने की राजनीतिक सभा इससे पहले कभी नहीं देखी गई, जो इस क्षेत्र को BJP की राष्ट्रीय रणनीति में केंद्रीय स्थान दिए जाने का संकेत देती है।
आगे की नज़र से देखें तो नई मंत्रिपरिषद के समक्ष असम के विकास, सीमा सुरक्षा और पूर्वोत्तर में NDA की पकड़ को और मज़बूत करने की बड़ी ज़िम्मेदारी होगी।