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बिहार कैबिनेट ने 63 प्रस्तावों को मंजूरी दी: 73 किमी ग्रीनफील्ड सड़क, ₹13,900 करोड़ आकस्मिक निधि और NIFT भूमि आवंटन

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बिहार कैबिनेट ने 63 प्रस्तावों को मंजूरी दी: 73 किमी ग्रीनफील्ड सड़क, ₹13,900 करोड़ आकस्मिक निधि और NIFT भूमि आवंटन

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक झटके में 63 प्रस्तावों को हरी झंडी — 73 किमी ग्रीनफील्ड सड़क, 90 किमी गंगा पथ, NIFT को ज़मीन, साइबर यूनिट के लिए ₹51 करोड़ और आकस्मिक निधि में ₹350 करोड़ से ₹13,900 करोड़ की छलांग। बिहार के बुनियादी ढाँचे की कायापलट की कोशिश।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 29 अप्रैल 2026 को बिहार कैबिनेट ने 63 प्रस्तावों को मंजूरी दी।
73.51 किमी लंबी सारण-गोपालगंज ग्रीनफील्ड सड़क और 90 किमी लंबे बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
पटना में NIFT को 2 एकड़ से अधिक भूमि 30 वर्षों की नवीकरणीय पट्टे पर आवंटित।
साइबर क्राइम यूनिट और स्पेशल ब्रांच भवनों के लिए ₹51.19 करोड़ स्वीकृत; वित्त विभाग में 23 नए पद सृजित।
बिहार आकस्मिक निधि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹350 करोड़ से बढ़ाकर ₹13,900 करोड़ की गई।
संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर पटना चिड़ियाघर रखा गया।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 29 अप्रैल 2026 को पटना में कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें 63 प्रस्तावों को एक साथ मंजूरी दी गई। इन निर्णयों में बुनियादी ढाँचा विस्तार, डिजिटल प्रशासन, शैक्षिक विकास और वित्तीय तैयारी शामिल हैं। यह बैठक बिहार सरकार के हालिया कार्यकाल की सबसे बड़ी एकल-दिवसीय कैबिनेट स्वीकृति में से एक मानी जा रही है।

प्रमुख सड़क परियोजनाएँ

कैबिनेट ने सारण के दरिहारा (कोन्हुआ) को गोपालगंज के दुमरियाघाट से जोड़ने वाली 73.51 किलोमीटर लंबी चार-लेन ग्रीनफील्ड सड़क के निर्माण को हरी झंडी दी। यह परियोजना बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (BSRDCL) द्वारा पीपीपी मॉडल (DBFOT टोल) के अंतर्गत विकसित की जाएगी। साथ ही, परियोजना के लिए DPR सलाहकारों और लेनदेन सलाहकारों की नियुक्ति को भी स्वीकृति मिल गई।

इसके अतिरिक्त, 90 किलोमीटर लंबे बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ को भी पीपीपी मॉडल के तहत विकसित करने की मंजूरी दी गई। ये दोनों परियोजनाएँ उत्तर बिहार और गंगा के दक्षिणी तट के बीच संपर्क को मज़बूत करेंगी, जो लंबे समय से क्षेत्रीय विकास की प्राथमिकता रही है।

शिक्षा और NIFT को भूमि आवंटन

शिक्षा अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने पटना में 2 एकड़ से अधिक भूमि को राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) को 30 वर्षों की नवीकरणीय पट्टे अवधि पर आवंटित करने का निर्णय लिया। इस कदम से राज्य में फैशन और डिज़ाइन शिक्षा को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि बिहार में अब तक NIFT का कोई स्थायी परिसर नहीं था, और यह आवंटन उस कमी को दूर करेगा।

साइबर सुरक्षा और डिजिटल प्रशासन

कैबिनेट ने पटना में साइबर क्राइम यूनिट और स्पेशल ब्रांच के भवनों के निर्माण के लिए ₹51.19 करोड़ की मंजूरी दी। इसके साथ ही, साइबर ट्रेजरी की स्थापना के लिए वित्त विभाग में 23 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई। ये कदम शासन व्यवस्था को आधुनिक बनाने और डिजिटल वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में उठाए गए हैं।

आकस्मिक निधि में बड़ी वृद्धि

एक महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय में, कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार आकस्मिक निधि को ₹350 करोड़ से बढ़ाकर ₹13,900 करोड़ कर दिया। यह वृद्धि राज्य की आपातकालीन वित्तीय क्षमता में उल्लेखनीय सुधार दर्शाती है और प्राकृतिक आपदाओं या अप्रत्याशित संकटों के समय त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार बाढ़ और अन्य मौसमी आपदाओं के लिए संवेदनशील राज्यों में गिना जाता है।

संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदला

मंत्रिमंडल ने पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर पटना चिड़ियाघर करने को मंजूरी दे दी। इसके प्रबंध निकाय को अब पटना चिड़ियाघर प्रबंधन एवं विकास समिति के नाम से जाना जाएगा। यह नामकरण परिवर्तन राज्य सरकार की व्यापक पहचान-पुनर्निर्माण नीति का हिस्सा प्रतीत होता है। आने वाले महीनों में इन सभी स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति बिहार सरकार की विकासात्मक प्रतिबद्धता की असली कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिहार में पीपीपी परियोजनाओं का इतिहास मिला-जुला रहा है — कई सड़क परियोजनाएँ निवेशक रुचि के अभाव में लंबित पड़ी हैं। आकस्मिक निधि को ₹350 करोड़ से ₹13,900 करोड़ तक बढ़ाना वित्तीय तैयारी का संकेत है, पर यह भी देखना होगा कि इसका उपयोग पारदर्शिता के साथ हो। NIFT भूमि आवंटन एक सकारात्मक कदम है, लेकिन असली परीक्षा इन परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में है, जो बिहार में ऐतिहासिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार कैबिनेट ने 29 अप्रैल 2026 को कितने और कौन से प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी?
बिहार कैबिनेट ने 29 अप्रैल 2026 को कुल 63 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें 73.51 किमी ग्रीनफील्ड सड़क, 90 किमी गंगा पथ, NIFT को भूमि आवंटन, साइबर क्राइम यूनिट के लिए ₹51.19 करोड़ और आकस्मिक निधि को ₹13,900 करोड़ करना शामिल हैं।
बिहार आकस्मिक निधि में कितनी वृद्धि की गई और इसका क्या महत्व है?
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिहार आकस्मिक निधि को ₹350 करोड़ से बढ़ाकर ₹13,900 करोड़ कर दिया गया है। यह वृद्धि राज्य को बाढ़ जैसी आपात स्थितियों में त्वरित वित्तीय प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाएगी।
सारण-गोपालगंज ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना क्या है?
यह 73.51 किलोमीटर लंबी चार-लेन सड़क सारण के दरिहारा (कोन्हुआ) को गोपालगंज के दुमरियाघाट से जोड़ेगी। इसे BSRDCL द्वारा PPP मॉडल (DBFOT टोल) पर विकसित किया जाएगा।
पटना में NIFT को कितनी भूमि आवंटित की गई है?
पटना में 2 एकड़ से अधिक भूमि NIFT को 30 वर्षों की नवीकरणीय पट्टे अवधि पर आवंटित की गई है। इससे बिहार में फैशन और डिज़ाइन शिक्षा को स्थायी परिसर मिलेगा।
संजय गांधी जैविक उद्यान का नया नाम क्या है?
पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर पटना चिड़ियाघर कर दिया गया है। इसके प्रबंध निकाय को अब पटना चिड़ियाघर प्रबंधन एवं विकास समिति कहा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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