15 अगस्त 2026
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भोपाल में स्वतंत्रता सेनानियों को घर जाकर सम्मान, राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अनूठी पहल

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भोपाल में स्वतंत्रता सेनानियों को घर जाकर सम्मान, राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अनूठी पहल

सारांश

स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले भोपाल में राज्यपाल मंगुभाई पटेल की पहल पर अधिकारी सेनानियों के द्वार पहुँचे — शॉल, मिठाई और कृतज्ञता लेकर। यह छोटा लेकिन गहरा संदेश देने वाला कदम है: जो चल नहीं सकते, उनके पास सम्मान खुद चलकर आया।

मुख्य बातें

राज्यपाल मंगुभाई पटेल की पहल पर लोक भवन के अधिकारियों ने भोपाल में स्वतंत्रता सेनानियों के घरों पर जाकर सम्मान किया।
सम्मानित सेनानियों में मोहम्मद जमीर , सावित्री देवी वर्मा , देवीशरण , पार्वती देवी और नारायणी देवी शामिल रहे।
दिवंगत सेनानियों हबीब नजर और मोहम्मद मुख्तार खान की पत्नियों को भी उनके आवास पर सम्मानित किया गया।
मुख्य राज्यस्तरीय समारोह लाल परेड ग्राउंड, भोपाल में होगा; मुख्यमंत्री मोहन यादव ध्वजारोहण करेंगे।
परेड में 22 टुकड़ियाँ भाग लेंगी; नेतृत्व आईपीएस आदित्य सिंगारिया करेंगे।

मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भोपाल में रहने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को उनके घर पर जाकर सम्मानित करने की विशेष व्यवस्था की। राज्यपाल की ओर से लोक भवन के अधिकारियों ने स्वतंत्रता सेनानियों के आवासों पर पहुँचकर उन्हें शॉल, श्रीफल, मिठाई और उपहार भेंट किए तथा राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान के लिए कृतज्ञता व्यक्त की।

किन्हें मिला सम्मान

इस हृदयस्पर्शी पहल के तहत भोपाल के स्वतंत्रता सेनानियों — मोहम्मद जमीर, सावित्री देवी वर्मा, देवीशरण, पार्वती देवी और नारायणी देवी — को उनके घरों पर जाकर सम्मानित किया गया। राज्य सरकार के बयान के अनुसार, दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी हबीब नजर की पत्नी फिरोज जहां तथा दिवंगत मोहम्मद मुख्तार खान की पत्नी अख्तर जहां को भी उनके आवासों पर सम्मान प्रदान किया गया।

यह पहल इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि स्वतंत्रता सेनानियों की बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी सीमाओं को देखते हुए उन्हें किसी आधिकारिक समारोह में बुलाने के बजाय स्वयं उनके द्वार पर जाकर कृतज्ञता जताई गई।

राज्यपाल की पहल का महत्व

गौरतलब है कि स्वतंत्रता सेनानियों की संख्या अब बेहद सीमित रह गई है और उनमें से अधिकांश वृद्धावस्था में हैं। ऐसे में घर-घर जाकर सम्मान देने की यह परंपरा न केवल उनके प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों से जोड़ने का प्रयास करती है। यह ऐसे समय में आया है जब देश 78वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और आजादी के आंदोलन की स्मृतियाँ सहेजना राष्ट्रीय प्राथमिकता बन चुकी है।

भोपाल में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियाँ

मध्य प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य राज्यस्तरीय समारोह भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव राष्ट्रीय ध्वज फहराएँगे और संयुक्त परेड की सलामी लेंगे। इसके बाद वे प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे।

मार्च पास्ट में पुलिस बैंड सहित कुल 22 टुकड़ियाँ भाग लेंगी। परेड का नेतृत्व जबलपुर जिले के सिहोरा के एसडीओपी आईपीएस अधिकारी आदित्य सिंगारिया करेंगे, जबकि सिंगरौली के नगर पुलिस अधीक्षक हेमंत कुमार सहायक परेड कमांडर की भूमिका निभाएँगे।

परेड में शामिल बल और विशेष पुरस्कार

परेड में महाराष्ट्र पुलिस, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, बीएसएफ, सीआईएसएफ, हॉक फोर्स, एसटीएफ, महिला पुलिस बल, एसएएफ, जिला पुलिस, जेल विभाग, जीआरपी, होमगार्ड, एनसीसी, गाइड्स, स्काउट्स, शौर्य दल, घुड़सवार पुलिस और पुलिस बैंड की टुकड़ियाँ शामिल होंगी। उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवा के लिए चयनित कर्मियों को समारोह के दौरान पदक भी प्रदान किए जाएँगे।

सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था

राज्यस्तरीय समारोह के लिए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग और नागरिकों की आवाजाही से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि समारोह सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हो। आने वाले वर्षों में ऐसी पहलें स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह सम्मान केवल वार्षिक अनुष्ठान तक सीमित रहेगा या स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों की दीर्घकालिक सुविधाओं — स्वास्थ्य सेवा, पेंशन, आवास — में भी दिखेगा। देश में जीवित स्वतंत्रता सेनानियों की संख्या तेजी से घट रही है; ऐसे में उनकी मौखिक इतिहास और स्मृतियों को संरक्षित करने की कोई ठोस राज्य-स्तरीय योजना अभी तक सामने नहीं आई है। शॉल और मिठाई से परे, उनकी विरासत को संस्थागत रूप देना ही वास्तविक श्रद्धांजलि होगी।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोपाल में स्वतंत्रता सेनानियों को घर जाकर सम्मान देने की पहल किसने की?
यह पहल मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल की ओर से की गई। उनके निर्देश पर लोक भवन के अधिकारियों ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भोपाल में स्वतंत्रता सेनानियों के आवासों पर जाकर शॉल, श्रीफल, मिठाई और उपहार भेंट किए।
भोपाल में किन स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया गया?
मोहम्मद जमीर, सावित्री देवी वर्मा, देवीशरण, पार्वती देवी और नारायणी देवी को सम्मानित किया गया। इसके अलावा दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी हबीब नजर की पत्नी फिरोज जहां और दिवंगत मोहम्मद मुख्तार खान की पत्नी अख्तर जहां को भी उनके घरों पर सम्मान दिया गया।
मध्य प्रदेश का मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह कहाँ होगा?
मुख्य राज्यस्तरीय समारोह भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित होगा, जहाँ मुख्यमंत्री मोहन यादव राष्ट्रीय ध्वज फहराएँगे और संयुक्त परेड की सलामी लेंगे।
भोपाल की स्वतंत्रता दिवस परेड में कितनी टुकड़ियाँ भाग लेंगी और नेतृत्व कौन करेगा?
परेड में पुलिस बैंड सहित कुल 22 टुकड़ियाँ भाग लेंगी। परेड का नेतृत्व जबलपुर जिले के सिहोरा के एसडीओपी आईपीएस अधिकारी आदित्य सिंगारिया करेंगे और सिंगरौली के नगर पुलिस अधीक्षक हेमंत कुमार सहायक परेड कमांडर होंगे।
स्वतंत्रता सेनानियों को घर जाकर सम्मान देना क्यों ज़रूरी है?
अधिकांश जीवित स्वतंत्रता सेनानी अब वृद्धावस्था में हैं और आधिकारिक समारोहों में स्वयं उपस्थित होने में असमर्थ हो सकते हैं। ऐसे में घर पर जाकर सम्मान देना उनके प्रति व्यक्तिगत कृतज्ञता का प्रतीक है और यह सुनिश्चित करता है कि राष्ट्र की स्मृति में उनका योगदान जीवित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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