बिहार और भगवान श्रीराम के अपमान पर BJP के संजय सरावगी की कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की माँग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने 7 नवंबर 2026 को पटना में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम द्वारा बिहार एवं बिहारियों को लेकर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी और भगवान श्रीराम के संदर्भ में दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई। सरावगी ने माँग की कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बिहार की करोड़ों जनता और देशभर के रामभक्तों से सार्वजनिक रूप से माफी माँगें।
सरावगी की प्रतिक्रिया और बिहार का गौरव
सरावगी ने कहा कि बिहार वह ऐतिहासिक धरती है जिसने देश को लोकतंत्र, ज्ञान, दर्शन और सामाजिक चेतना की दिशा दी है। उन्होंने कहा, 'इसी बिहार ने देश को चाणक्य, आर्यभट्ट, भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और लोकनायक जयप्रकाश नारायण जैसी महान विभूतियाँ दी हैं।' देश की आज़ादी से लेकर लोकतंत्र की रक्षा और राष्ट्र निर्माण तक बिहारियों के योगदान को उन्होंने अतुलनीय बताया।
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिहारियों को अयोग्य ठहराना महज एक व्यक्ति पर की गई टिप्पणी नहीं, बल्कि राज्य के करोड़ों मेहनतकश युवाओं, किसानों, मजदूरों और प्रतिभाशाली लोगों का अपमान है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवा आज देश-विदेश में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं।
भगवान श्रीराम पर टिप्पणी को लेकर तीखा हमला
सरावगी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा भगवान श्रीराम के प्रति की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सनातन संस्कृति का अपमान है। उनके अनुसार, 'भगवान श्रीराम भारत की सांस्कृतिक चेतना, मर्यादा, आदर्श और जनमानस के आराध्य हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी भाषा कांग्रेस की हिंदू आस्था और भारतीय संस्कृति के प्रति नकारात्मक सोच को उजागर करती है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में राजनीतिक सक्रियता तेज़ है और विभिन्न दलों के बीच वाक्-युद्ध नई ऊँचाइयों पर पहुँच रहा है। गौरतलब है कि बिहार-विशिष्ट अस्मिता और धार्मिक भावनाएँ राज्य की राजनीति में हमेशा से संवेदनशील मुद्दे रहे हैं।
कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस नेतृत्व से सीधे प्रश्न किया कि क्या बिहारियों का अपमान करना और भगवान श्रीराम की आस्था को ठेस पहुँचाना ही कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की भाषा उनके राजनीतिक संस्कार और बिहार के प्रति उनकी मानसिकता को उजागर करती है।
सरावगी ने माँग की कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इन टिप्पणियों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें और बिहार की जनता के साथ-साथ देश के करोड़ों रामभक्तों से सार्वजनिक रूप से माफी माँगें।
बिहार के स्वाभिमान पर ज़ोर
सरावगी ने स्पष्ट किया कि बिहार किसी की कृपा का मोहताज नहीं है और राज्य की पहचान उसकी प्रतिभा, परिश्रम, स्वाभिमान तथा गौरवशाली विरासत से है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने हमेशा अहंकार और अपमान की राजनीति को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया है।
आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि कांग्रेस इस माँग पर क्या रुख अपनाती है और क्या राजेंद्र पाल गौतम अपनी टिप्पणियों पर कोई सफाई देते हैं।