असम CM हिमंता को जान से मारने की धमकी: हैक अकाउंट से ₹2 करोड़ फिरौती मांगने वाला केरल से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को सोशल मीडिया के ज़रिए जान से मारने की धमकी देने और ₹2 करोड़ की फिरौती माँगने के आरोप में पुलिस ने 31 अगस्त को नगांव ज़िले के जुरिया थाना क्षेत्र के निवासी रशीदुल हक को केरल से गिरफ्तार किया। आरोपी ने अपने पड़ोसी का सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर यह धमकी भरा संदेश पोस्ट किया था, और पूछताछ में सामने आया कि इस कृत्य के पीछे एक निजी विवाद था।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, रशीदुल हक ने जुरिया के गदाईमारी निवासी मुबारक अली के सोशल मीडिया अकाउंट में अनधिकृत रूप से प्रवेश किया और उसी अकाउंट से मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी वाला संदेश पोस्ट कर दिया। इस पोस्ट में ₹2 करोड़ की फिरौती की भी माँग की गई थी।
मामला सामने आते ही असम पुलिस ने साइबर जाँच शुरू की और डिजिटल ट्रेसिंग के ज़रिए संदिग्ध की लोकेशन केरल में चिह्नित की, जहाँ से उसे हिरासत में लिया गया।
आरोपी ने बताया कारण
पूछताछ के दौरान रशीदुल हक ने अधिकारियों को बताया कि उसका मुबारक अली से गहरा निजी विवाद था। हक का आरोप है कि मुबारक अली के उसकी पत्नी से अवैध संबंध थे, और पत्नी घर से ₹5 लाख लेकर तथा एक दिव्यांग बच्चे को छोड़कर अली के साथ चली गई। इसी बदले की भावना में उसने अली का अकाउंट हैक कर धमकी भरा संदेश पोस्ट किया।
गौरतलब है कि आरोपी ने मुख्यमंत्री को निशाना इसलिए नहीं बनाया कि उसकी उनसे कोई शत्रुता थी, बल्कि यह पोस्ट अली को फँसाने की कथित कोशिश का हिस्सा थी।
साइबर जाँच का दायरा
अधिकारी अब अकाउंट से जुड़े डिजिटल फुटप्रिंट की विस्तृत जाँच कर रहे हैं ताकि यह स्थापित किया जा सके कि अकाउंट को किस तकनीकी तरीके से हैक किया गया और क्या इस कृत्य में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सोशल मीडिया गतिविधि और दोनों पक्षों के बीच के निजी विवाद की समग्र जाँच की जा रही है।
कानूनी प्रावधान और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि जाँच का उद्देश्य घटनाओं के पूरे क्रम को स्थापित करना और लागू होने वाले कानूनी प्रावधानों — जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता के संबंधित धाराएँ शामिल हो सकती हैं — को निर्धारित करना है।
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए सार्वजनिक हस्तियों को धमकी देने और डिजिटल खातों के दुरुपयोग के मामलों पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी पहले से कहीं अधिक कड़ी है। आगे की जाँच जारी है।