31 अगस्त 2026
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असम CM हिमंता को जान से मारने की धमकी: हैक अकाउंट से ₹2 करोड़ फिरौती मांगने वाला केरल से गिरफ्तार

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असम CM हिमंता को जान से मारने की धमकी: हैक अकाउंट से ₹2 करोड़ फिरौती मांगने वाला केरल से गिरफ्तार

सारांश

बदले की भावना में पड़ोसी का सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर असम के मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी और ₹2 करोड़ की फिरौती माँगना — नगांव के रशीदुल हक की यह कहानी साइबर अपराध और निजी विवाद के खतरनाक मेल की मिसाल बन गई है।

मुख्य बातें

रशीदुल हक (निवासी: जुरिया, नगांव, असम) को 31 अगस्त को केरल से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी ने पड़ोसी मुबारक अली का सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर CM हिमंता बिस्वा सरमा को जान से मारने की धमकी दी।
धमकी भरे संदेश में ₹2 करोड़ की फिरौती की माँग भी की गई थी।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी का मुबारक अली से पारिवारिक विवाद था; पत्नी घर से ₹5 लाख लेकर अली के साथ चली गई थी।
पुलिस डिजिटल फुटप्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और संभावित सह-आरोपियों की जाँच कर रही है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को सोशल मीडिया के ज़रिए जान से मारने की धमकी देने और ₹2 करोड़ की फिरौती माँगने के आरोप में पुलिस ने 31 अगस्त को नगांव ज़िले के जुरिया थाना क्षेत्र के निवासी रशीदुल हक को केरल से गिरफ्तार किया। आरोपी ने अपने पड़ोसी का सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर यह धमकी भरा संदेश पोस्ट किया था, और पूछताछ में सामने आया कि इस कृत्य के पीछे एक निजी विवाद था।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, रशीदुल हक ने जुरिया के गदाईमारी निवासी मुबारक अली के सोशल मीडिया अकाउंट में अनधिकृत रूप से प्रवेश किया और उसी अकाउंट से मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी वाला संदेश पोस्ट कर दिया। इस पोस्ट में ₹2 करोड़ की फिरौती की भी माँग की गई थी।

मामला सामने आते ही असम पुलिस ने साइबर जाँच शुरू की और डिजिटल ट्रेसिंग के ज़रिए संदिग्ध की लोकेशन केरल में चिह्नित की, जहाँ से उसे हिरासत में लिया गया।

आरोपी ने बताया कारण

पूछताछ के दौरान रशीदुल हक ने अधिकारियों को बताया कि उसका मुबारक अली से गहरा निजी विवाद था। हक का आरोप है कि मुबारक अली के उसकी पत्नी से अवैध संबंध थे, और पत्नी घर से ₹5 लाख लेकर तथा एक दिव्यांग बच्चे को छोड़कर अली के साथ चली गई। इसी बदले की भावना में उसने अली का अकाउंट हैक कर धमकी भरा संदेश पोस्ट किया।

गौरतलब है कि आरोपी ने मुख्यमंत्री को निशाना इसलिए नहीं बनाया कि उसकी उनसे कोई शत्रुता थी, बल्कि यह पोस्ट अली को फँसाने की कथित कोशिश का हिस्सा थी।

साइबर जाँच का दायरा

अधिकारी अब अकाउंट से जुड़े डिजिटल फुटप्रिंट की विस्तृत जाँच कर रहे हैं ताकि यह स्थापित किया जा सके कि अकाउंट को किस तकनीकी तरीके से हैक किया गया और क्या इस कृत्य में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सोशल मीडिया गतिविधि और दोनों पक्षों के बीच के निजी विवाद की समग्र जाँच की जा रही है।

कानूनी प्रावधान और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि जाँच का उद्देश्य घटनाओं के पूरे क्रम को स्थापित करना और लागू होने वाले कानूनी प्रावधानों — जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता के संबंधित धाराएँ शामिल हो सकती हैं — को निर्धारित करना है।

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए सार्वजनिक हस्तियों को धमकी देने और डिजिटल खातों के दुरुपयोग के मामलों पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी पहले से कहीं अधिक कड़ी है। आगे की जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परतें खुलने पर यह उजागर होता है कि किस तरह डिजिटल पहचान की चोरी को निजी प्रतिशोध के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है — और राज्य के सर्वोच्च पद तक को निशाना बनाया जा सकता है। असली सवाल यह है कि क्या मौजूदा साइबर कानून ऐसे मामलों में पर्याप्त निवारक हैं जहाँ धमकी 'असली' नहीं, बल्कि किसी को फँसाने की चाल हो। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की अकाउंट सुरक्षा की खामियाँ भी इस प्रकरण में उजागर हुई हैं, जिन पर ध्यान देना ज़रूरी है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रशीदुल हक को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
रशीदुल हक को पड़ोसी मुबारक अली का सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को जान से मारने की धमकी देने और ₹2 करोड़ की फिरौती माँगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उसे केरल से पकड़ा गया।
आरोपी ने यह कदम क्यों उठाया?
पूछताछ में हक ने बताया कि उसका मुबारक अली से निजी विवाद था — उसका आरोप है कि अली के उसकी पत्नी से संबंध थे और पत्नी ₹5 लाख लेकर तथा दिव्यांग बच्चे को छोड़कर अली के साथ चली गई। बदले की भावना में उसने अली का अकाउंट हैक कर धमकी पोस्ट की।
पुलिस ने आरोपी को कैसे ट्रेस किया?
असम पुलिस ने साइबर जाँच के ज़रिए डिजिटल ट्रेसिंग की और संदिग्ध की लोकेशन केरल में चिह्नित की, जहाँ से उसे गिरफ्तार किया गया। अब डिजिटल फुटप्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत जाँच जारी है।
क्या इस मामले में कोई और भी शामिल हो सकता है?
पुलिस इस संभावना की भी जाँच कर रही है कि अकाउंट हैक करने और धमकी भरा संदेश पोस्ट करने में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। जाँच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
इस घटना का व्यापक संदर्भ क्या है?
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब सोशल मीडिया के ज़रिए सार्वजनिक हस्तियों को धमकी देने और डिजिटल खातों के दुरुपयोग पर सुरक्षा एजेंसियाँ कड़ी नज़र रख रही हैं। यह घटना अकाउंट सुरक्षा और साइबर कानूनों की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाती है।
राष्ट्र प्रेस
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