असम में मुसलमानों ने CM हिमंता के नाम पर वोट दिया: AGP नेता करीमुद्दीन बरभुइया का दावा
सारांश
Key Takeaways
असम गण परिषद (AGP) के नेता करीमुद्दीन बरभुइया ने शुक्रवार, 1 मई को दावा किया कि राज्य के कई मुस्लिम मतदाताओं ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नाम पर सत्ताधारी गठबंधन को वोट दिया। बरभुइया ने यह भी कहा कि विपक्षी खेमे का अगली सरकार बनाने का सपना, महज सपना ही बनकर रह जाएगा।
बरभुइया का विपक्ष पर तीखा वार
करीमुद्दीन बरभुइया, जो चुनाव से पहले ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) छोड़कर असम गण परिषद (AGP) में शामिल हुए थे, ने कहा कि मतदाताओं का मिजाज स्पष्ट रूप से सत्ताधारी गठबंधन के पक्ष में था। उन्होंने उन दावों को सिरे से खारिज किया कि सत्ता-विरोधी लहर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन को नुकसान पहुँचाएगी।
बरभुइया के अनुसार, विपक्षी दल 126-सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम लगभग 35 सीटें ही हासिल कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने की बात को बार-बार उठाने की कोशिशें, चुनाव प्रचार के दौरान जमीन पर दिखी असलियत से पूरी तरह कटी हुई थीं।
विकास कार्यों ने बनाया भरोसा
बरभुइया ने तर्क दिया कि कल्याण योजनाओं की डिलीवरी, सड़क संपर्क, कानून-व्यवस्था और दृश्यमान बुनियादी ढाँचे के विकास ने बराक वैली और लोअर असम समेत सभी क्षेत्रों में मौजूदा सरकार के प्रति जनता का भरोसा मजबूत किया है। उनके अनुसार, मतदाता बिखरी हुई विपक्षी ताकतों के साथ प्रयोग करने की बजाय निरंतरता, स्थिरता और तेज विकास चाहते हैं।
अखिल गोगोई पर उदार टिप्पणी
एक तीखे राजनीतिक बयान में बरभुइया ने कहा कि अगर रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई अपनी सीट जीतते हैं तो यह अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि हर लोकतंत्र में कम से कम एक ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो मुद्दे उठाने और सदन में सरकार को चुनौती देने के लिए तैयार हो। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की अलग-थलग आलोचना से बड़े जनादेश में कोई बदलाव नहीं आएगा।
एग्जिट पोल के अनुमान
असम विधानसभा चुनावों के लिए आए ताज़ा एग्जिट पोल अनुमानों में BJP के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन को बड़ी बढ़त मिलती दिख रही है। 'टुडेज़ चाणक्य' के एग्जिट पोल के अनुसार, सत्ताधारी गठबंधन को 102 सीटें (± 9 सीटों का उतार-चढ़ाव) मिलने का अनुमान है। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 23 सीटें (± 9 सीटें) और अन्य दलों को लगभग 1 सीट मिलने का अनुमान है।
वोट शेयर के मामले में, BJP गठबंधन को लगभग 50 प्रतिशत वोट (± 3 प्रतिशत) मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गुट को 38 प्रतिशत और अन्य दलों व निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलाकर 12 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है। यदि यह रुझान कायम रहता है, तो BJP के नेतृत्व वाला गठबंधन 126-सदस्यीय विधानसभा में आसानी से सत्ता बरकरार रखेगा।
आगे क्या
एग्जिट पोल के ये अनुमान अंतिम नहीं हैं और वास्तविक परिणाम इनसे भिन्न हो सकते हैं। गौरतलब है कि असम की राजनीति में मुस्लिम मतदाताओं की भूमिका हमेशा से निर्णायक रही है, और बरभुइया का यह दावा — कि इस बार मुस्लिम वोट भी सत्ताधारी गठबंधन की ओर झुका — आने वाले दिनों में राजनीतिक विश्लेषण का केंद्र बनेगा।