जयपुर सीएमओ को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस उपायुक्त मौके पर; जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार, 18 अगस्त को मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। जयपुर पुलिस नियंत्रण कक्ष में एक धमकी भरा फोन कॉल आया, जिसके तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी और जांच शुरू कर दी।
मुख्य घटनाक्रम
सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस टीमें फोन करने वाले की पहचान और धमकी के पीछे के मकसद का पता लगाने में जुट गई हैं। तकनीकी टीम कॉल के विवरण और अन्य उपलब्ध डिजिटल सुरागों की जांच कर कॉल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस अधिकारी इस खतरे को गंभीरता से ले रहे हैं और यह निर्धारित करने में लगे हैं कि धमकी वास्तविक है या झूठी। जांच के परिणाम की प्रतीक्षा है।
पिछली धमकियों का पैटर्न
गौरतलब है कि जयपुर में प्रमुख सरकारी और सार्वजनिक स्थानों को बम से उड़ाने की धमकियाँ मिलने का यह पहला मामला नहीं है। जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री कार्यालय और जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे दोनों को कथित तौर पर ईमेल के माध्यम से धमकी दी गई थी। उस समय बम निरोधक दल सहित सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला था।
30 मई 2025 को मानसरोवर मेट्रो स्टेशन और मेट्रो कोर्ट-फैमिली कोर्ट परिसर में बम की धमकी की सूचना मिली थी। मई 2025 में सवाई मानसिंह स्टेडियम को भी कई बार बम से उड़ाने की धमकियाँ मिलीं। इससे पहले जुलाई 2025 में विद्याधर नगर स्थित माहेश्वरी गर्ल्स पब्लिक स्कूल को भी धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ था।
सुरक्षा पर बढ़ती चिंताएँ
बार-बार मिल रही इन धमकियों ने जयपुर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल, हवाई अड्डा, मेट्रो स्टेशन, अदालती परिसर और स्टेडियम — शहर के लगभग सभी महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान इन धमकियों की जद में आ चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार सुरक्षा ढाँचे को मजबूत करने का दावा कर रही है।
आगे क्या
पुलिस फिलहाल मंगलवार को किए गए कॉल के पीछे के व्यक्ति की पहचान स्थापित करने में जुटी है। तकनीकी और जमीनी दोनों स्तरों पर जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के निष्कर्ष सामने आने पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।