कुशालनगर गुमशुदा मामला: महिला और 9 वर्षीय बेटा मलप्पुरम मदरसे में मिले, 2 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मदिकेरी जिले के कुशालनगर से लापता हुई महिला संचिता और उसके नौ वर्षीय बेटे का पता केरल के मलप्पुरम जिले के एक मदरसे में चला है। इस खुलासे के बाद कर्नाटक पुलिस ने सलीम और जलील नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 19 जून को सामने आए इस मामले ने राज्य में व्यापक विवाद खड़ा कर दिया है।
मामले का घटनाक्रम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, संचिता कुशालनगर की एक कपड़ा दुकान में पिछले तीन वर्षों से कार्यरत थी। दुकान का संचालन सलीम करता था, जो कथित तौर पर करीब एक दशक से उस इलाके में व्यापार कर रहा था। एक दिन संचिता अपने बेटे के साथ अचानक लापता हो गई, जिससे परिवार में चिंता फैल गई।
संचिता के पति ने पत्नी और बेटे की खोज शुरू की और दुकान मालिक सलीम की संलिप्तता का संदेह जताते हुए कुशालनगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी परिवार को समर्थन देते हुए तलाशी अभियान में भाग लिया।
केरल में मिले महिला और बच्चा
व्यापक तलाशी के बाद पुलिस को मलप्पुरम जिले के एक मदरसे में संचिता और उसके बेटे का पता चला। जाँच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर ऐसे साक्ष्य मिले जिनसे संकेत मिलता है कि महिला और उसके बेटे ने धर्म परिवर्तन किया था। यह भी आरोप लगाया गया है कि केरल पहुँचने के बाद बच्चे का खतना संस्कार किया गया। हालाँकि, अधिकारियों ने अभी तक जाँच का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
संगठनों के आरोप और माँगें
कई हिंदू संगठनों ने दावा किया है कि यह घटना एक कथित 'लव जिहाद' नेटवर्क से जुड़ी है। उन्होंने गहन जाँच और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की है। संगठनों ने यह भी आरोप लगाया है कि मलप्पुरम जिले के पोन्नानी और मंजरी क्षेत्रों में भी इसी तरह के नेटवर्क सक्रिय हैं। पुलिस ने इन दावों की पुष्टि या खंडन अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं किया है।
गिरफ्तारी और आगे की जाँच
पुलिस ने इस मामले में सलीम और जलील को गिरफ्तार किया है। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि आरोपियों ने महिला को प्रभावित किया और मलप्पुरम के मदरसे में उसके स्थानांतरण में सहायता की। यह पता लगाने के लिए जाँच जारी है कि महिला और उसके बेटे के केरल जाने के पीछे किसी प्रकार का दबाव या प्रलोभन शामिल था या नहीं।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक और केरल दोनों राज्यों में इस प्रकार की घटनाओं को लेकर सामाजिक और राजनीतिक तनाव पहले से बना हुआ है। आगे की जाँच के नतीजे इस मामले की दिशा तय करेंगे।