क्या हुबली टाइगर्स ने महाराजा ट्रॉफी 2025 में शिवमोग्गा लायंस को 105 रन से हराया?

सारांश
Key Takeaways
- हुबली टाइगर्स की जीत ने उनकी स्थिति को मजबूत किया।
- देवदत्त पड्डिकल ने महत्वपूर्ण पारी खेली।
- शिवमोग्गा लायंस को निराशाजनक हार का सामना करना पड़ा।
- टीमों के प्रदर्शन में बहुत अंतर नजर आया।
- हुबली टाइगर्स अब प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष पर हैं।
नई दिल्ली, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हुबली टाइगर्स ने महाराजा ट्रॉफी 2025 के 29वें मैच में एक अद्भुत जीत हासिल की। इस टीम ने सोमवार को मैसूर में शिवमोग्गा लायंस को 105 रन से परास्त किया।
मैच में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए हुबली टाइगर्स ने 3 विकेट के नुकसान पर 195 रन बनाए।
टीम को देवदत्त पड्डिकल और कप्तान मोहम्मद ताहा ने बेहतरीन शुरुआत दी। दोनों खिलाड़ियों ने 4.5 ओवरों में 47 रन की साझेदारी की।
पड्डिकल ने 15 गेंदों में 33 रन बनाए, जिसमें एक छक्का और पांच चौके शामिल थे, जबकि ताहा ने 15 गेंदों में केवल 8 रन बनाए।
इसके बाद, कृष्णन श्रीजीत ने कार्तिकेय केपी के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 24 रन जोड़े। कार्तिकेय ने 12 रन का योगदान दिया और बाद में पवेलियन लौट गए।
हुबली ने 71 पर तीन विकेट गंवा दिए थे, लेकिन कृष्णन ने अभिनव मनोहर के साथ चौथे विकेट के लिए 124 रन की अटूट साझेदारी कर टीम को एक विशाल स्कोर तक पहुंचाया।
विपक्षी टीम में मारिबासवा गौड़ा ने दो विकेट लिए, जबकि ध्रुव प्रभाकर ने एक सफलता हासिल की।
शिवमोग्गा लायंस ने जवाब में 15.5 ओवरों में केवल 90 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। टीम को 10 रन पर तुषार सिंह (2) के रूप में बड़ा झटका लगा। ध्रुव प्रभाकर ने 25 गेंदों में 29 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन टीम को शर्मनाक हार से नहीं बचा सके।
विपक्षी खेमे से यश राज पुंजा ने तीन विकेट निकाले, जबकि श्रीशा और केसी करियप्पा ने दो-दो सफलताएं हासिल कीं।
हुबली ने 10 में से 7 मुकाबले जीतकर प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान हासिल किया है। टीम अगले दौर के लिए पहले ही क्वालीफाई कर चुकी है। वहीं, खिताबी दौड़ से बाहर हो चुकी शिवमोग्गा की टीम 10 में से 8 मैच हारकर सबसे निचले स्थान पर है।