2 नवंबर 2026
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नालंदा में दिवाली से पहले ₹50 लाख के अवैध पटाखों का गोदाम सील, संचालक फरार

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नालंदा में दिवाली से पहले ₹50 लाख के अवैध पटाखों का गोदाम सील, संचालक फरार

सारांश

दिवाली से ऐन पहले नालंदा प्रशासन ने बिहारशरीफ बाजार में ₹50 लाख के अवैध पटाखों से भरा गोदाम सील किया। संचालक ओमप्रकाश प्रसाद छापे की खबर पाते ही फरार हो गया। एफआईआर दर्ज, पुलिस टीमें सक्रिय।

मुख्य बातें

नालंदा जिला प्रशासन ने 2 नवंबर 2026 को बिहारशरीफ के नेकु मियां फाटक के पास ₹50 लाख मूल्य के अवैध पटाखों का गोदाम सील किया।
गोदाम संचालक ओमप्रकाश प्रसाद छापेमारी की सूचना मिलते ही मौके से फरार हो गया।
छापेमारी एसडीओ किसलय श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में सर्किल ऑफिसर की टीम ने की।
एसएचओ रणजीत कुमार राजक ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की; गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं।
जिला प्रशासन ने इस वर्ष कोई पटाखा विक्रेता लाइसेंस जारी नहीं किया है; दिवाली तक अभियान जारी रहेगा।

नालंदा जिला प्रशासन ने 2 नवंबर 2026 को दिवाली से ठीक पहले बिहारशरीफ के नेकु मियां फाटक के पास एक बाजार में अवैध पटाखों से भरे गोदाम को सील कर दिया। गोदाम में कथित तौर पर बिना वैध लाइसेंस के रखे गए करीब ₹50 लाख मूल्य के पटाखे बरामद हुए। बिहारशरीफ पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई इस छापेमारी के बाद गोदाम संचालक ओमप्रकाश प्रसाद मौके से फरार हो गया।

कैसे हुई छापेमारी

रविवार देर रात यह कार्रवाई सब-डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) किसलय श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में सर्किल ऑफिसर की टीम ने की। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि घनी आबादी वाले बाजार क्षेत्र में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बिना अनुमति के जमा की जा रही है। छापे के दौरान यह आशंका सही साबित हुई जब परिसर में भारी संख्या में पटाखे मिले।

गोदाम संचालक ओमप्रकाश प्रसाद को छापे की भनक लगते ही वह मौके से भाग निकला। अधिकारियों ने तत्काल परिसर सील कर दिया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आरंभ की।

पुलिस की प्रतिक्रिया और एफआईआर

बिहारशरीफ पुलिस स्टेशन के एसएचओ रणजीत कुमार राजक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बरामद पटाखे आवश्यक लाइसेंस के बिना अवैध रूप से भंडारित किए गए थे। उन्होंने कहा कि परिसर सील होने के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

पुलिस की कई टीमें फरार संचालक की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। मामले की आगे की जाँच जारी है।

लाइसेंस नीति और प्रतिबंध

खबरों के मुताबिक, नालंदा जिला प्रशासन ने इस वर्ष किसी भी पटाखा विक्रेता को लाइसेंस जारी नहीं किया है। इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में अवैध भंडारण और बिक्री जारी रहने की सूचनाएँ सामने आ रही हैं।

अधिकारियों ने चिंता जताई कि घनी आबादी और रिहायशी इलाकों में इस तरह के विस्फोटक पदार्थों का भंडारण किसी भी आकस्मिक आग या विस्फोट की स्थिति में जान-माल का गंभीर नुकसान कर सकता है।

आगे की कार्रवाई

एसडीओ किसलय श्रीवास्तव ने चेतावनी दी है कि प्रशासन पटाखों के अवैध भंडारण और बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध छापेमारी जारी रखेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारी मौसम में जन सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी बड़ी दुर्घटना को टालने के लिए उल्लंघनकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने दिवाली से पहले सुरक्षा नियमों को कड़ाई से लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में त्योहारी सीजन में अवैध पटाखा भंडारण से जुड़ी दुर्घटनाओं को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर साल संचालक समय रहते फरार हो जाते हैं। असली सवाल यह है कि जब जिले में कोई लाइसेंस जारी ही नहीं हुआ, तो ₹50 लाख का माल बाजार के बीचोंबीच कितने दिनों से जमा था और निगरानी तंत्र कहाँ था। घनी आबादी में इस तरह के विस्फोटक भंडारण की कीमत कभी-कभी मानव जीवन से चुकानी पड़ती है — इसलिए सिर्फ एफआईआर और सीलिंग पर्याप्त नहीं, ज़रूरत है नियमित बाजार ऑडिट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता की।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नालंदा में अवैध पटाखों का गोदाम कहाँ सील किया गया?
यह गोदाम बिहारशरीफ पुलिस स्टेशन क्षेत्र के नेकु मियां फाटक के पास एक बाजार में स्थित था। 2 नवंबर 2026 की देर रात छापेमारी में इसे सील किया गया।
गोदाम में कितनी कीमत के पटाखे मिले और कार्रवाई किसने की?
गोदाम में कथित तौर पर करीब ₹50 लाख मूल्य के पटाखे बिना वैध लाइसेंस के रखे थे। कार्रवाई एसडीओ किसलय श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में सर्किल ऑफिसर की टीम ने की।
गोदाम संचालक ओमप्रकाश प्रसाद के खिलाफ क्या कदम उठाए गए?
ओमप्रकाश प्रसाद छापेमारी की सूचना मिलते ही फरार हो गया। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस टीमें उसे गिरफ्तार करने के लिए विभिन्न स्थानों पर छापे मार रही हैं।
क्या नालंदा में इस साल पटाखा बिक्री के लाइसेंस जारी हुए हैं?
खबरों के मुताबिक नालंदा जिला प्रशासन ने इस वर्ष किसी भी पटाखा विक्रेता को लाइसेंस नहीं दिया है। इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में अवैध भंडारण और बिक्री जारी रहने की सूचनाएँ सामने आई हैं।
दिवाली से पहले अवैध पटाखा भंडारण क्यों खतरनाक है?
घनी आबादी वाले बाजारों और रिहायशी इलाकों में बड़ी मात्रा में विस्फोटक पटाखों का भंडारण किसी भी आकस्मिक आग या विस्फोट से जान-माल को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है। अधिकारियों ने इसी खतरे को देखते हुए अभियान तेज किया है।
राष्ट्र प्रेस
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