26 सितंबर 2026
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आईएमडी का ऑरेंज अलर्ट: यूपी के 50+ जिलों समेत उत्तराखंड-MP में अगले 3 घंटे भारी बारिश का खतरा

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आईएमडी का ऑरेंज अलर्ट: यूपी के 50+ जिलों समेत उत्तराखंड-MP में अगले 3 घंटे भारी बारिश का खतरा

सारांश

मानसून के आखिरी चरण में आईएमडी ने एकसाथ सात राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया — यूपी के 50 से ज़्यादा जिले, उत्तराखंड के 13 और मध्य प्रदेश के 20 जिले दायरे में हैं। अगले तीन घंटों में 40-60 किमी/घंटे की हवा और 15 मिमी/घंटे तक बारिश संभव।

मुख्य बातें

आईएमडी ने 26 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे ऑरेंज नाउकास्ट अलर्ट जारी किया, जो शाम 7 बजे तक प्रभावी है।
उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिले अलर्ट के दायरे में; उत्तराखंड के 13 जिले और मध्य प्रदेश के 20 जिले भी शामिल।
बारिश की तीव्रता 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटे या अधिक; हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किमी/घंटे तक संभव।
चंडीगढ़, पंचकूला, देवघर, धनबाद, बालेश्वर, बीरभूम समेत सात राज्यों के जिले प्रभावित।
मौसम विभाग ने आंधी के दौरान पेड़ों और कमज़ोर इमारतों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देश मानने की अपील की।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 26 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे एक व्यापक ऑरेंज नाउकास्ट चेतावनी जारी की, जो शाम 7 बजे तक प्रभावी है। इस अलर्ट में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के दर्जनों जिले शामिल हैं। चेतावनी के अनुसार इन क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली के साथ मध्यम से तेज बारिश तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

किन राज्यों पर सबसे ज़्यादा असर

उत्तराखंड में मौसम विभाग ने 13 जिलों — अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उधम सिंह नगर और उत्तरकाशी — के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी इलाकों में तेज़ हवाओं और बिजली का संयोजन भूस्खलन का जोखिम बढ़ा देता है।

उत्तर प्रदेश में यह चेतावनी सबसे व्यापक है — 50 से अधिक जिलों को इसके दायरे में रखा गया है। इनमें लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, कानपुर नगर, मेरठ, बरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद के साथ-साथ अंबेडकर नगर, अमेठी, आजमगढ़, बहराइच, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, बिजनौर, बुलंदशहर, देवरिया, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गोंडा, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, जौनपुर, कन्नौज, कासगंज, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, महाराजगंज, मैनपुरी, मऊ, पीलीभीत, रायबरेली, रामपुर, संभल, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, शामली, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सुल्तानपुर और उन्नाव शामिल हैं।

मध्य प्रदेश में अनूपपुर, बालाघाट, बैतूल, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, नर्मदापुरम, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली और उमरिया जिलों को ऑरेंज चेतावनी में शामिल किया गया है।

अन्य प्रभावित राज्य

चेतावनी का दायरा और भी विस्तृत है। पंजाब क्षेत्र में चंडीगढ़ और एसएएस नगर तथा हरियाणा के पंचकूला को भी इसमें शामिल किया गया है। झारखंड के देवघर, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा और कोडरमा; ओडिशा के बालेश्वर और मयूरभंज; तथा पश्चिम बंगाल के बीरभूम, मालदा और पश्चिम बर्धमान में भी इसी अवधि में तेज़ मौसम की आशंका जताई गई है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून अपने अंतिम चरण में है और पश्चिमी विक्षोभ व मानसूनी धाराओं का मेल असामान्य रूप से तेज़ मौसमी गतिविधि पैदा कर रहा है।

बारिश की तीव्रता और संभावित खतरे

आईएमडी के नाउकास्ट के अनुसार प्रभावित जिलों में बारिश की दर 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक रह सकती है। कम समय में इतनी बारिश होने पर शहरी क्षेत्रों में जलभराव और निचले इलाकों में अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। गौरतलब है कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मलबा प्रवाह का खतरा भी इस दौरान कई गुना बढ़ जाता है।

मौसम विभाग की सलाह

आईएमडी ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने और आंधी-बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे या कमजोर इमारतों में शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है। घर से निकलने से पहले सड़क और यातायात की स्थिति की जानकारी लेना ज़रूरी बताया गया है। अचानक बाढ़ या भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील भी की गई है। अगले कुछ घंटों में मौसम की स्थिति में कोई बदलाव आने पर विभाग नया अपडेट जारी कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं बार-बार यह सवाल उठाती हैं कि आपदा प्रबंधन तंत्र चेतावनी से कार्रवाई तक का सफर कितनी तेज़ी से तय करता है। उत्तराखंड में तो 13 जिलों में एकसाथ ऑरेंज अलर्ट असाधारण है — ऐसे में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की तैयारी और स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया की असली परीक्षा अगले तीन घंटों में होगी।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएमडी का ऑरेंज नाउकास्ट अलर्ट क्या होता है?
ऑरेंज नाउकास्ट अलर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी एक अल्पकालिक चेतावनी है, जो अगले कुछ घंटों में गंभीर मौसम की आशंका पर जारी होती है। इसमें गरज-चमक, बिजली, तेज़ हवाएं और मध्यम से भारी बारिश शामिल हो सकती है।
26 सितंबर 2026 का ऑरेंज अलर्ट कब तक प्रभावी है?
यह अलर्ट 26 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे जारी किया गया और शाम 7 बजे तक प्रभावी है। इस तीन घंटे की अवधि में बारिश और आंधी की सबसे अधिक संभावना है।
उत्तर प्रदेश के किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है?
यूपी के 50 से अधिक जिले इस अलर्ट में शामिल हैं, जिनमें लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, कानपुर, मेरठ, बरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, आजमगढ़, बहराइच, बलरामपुर, देवरिया, गोंडा, जौनपुर, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर और उन्नाव प्रमुख हैं।
इस दौरान बारिश और हवा की तीव्रता कितनी हो सकती है?
आईएमडी के नाउकास्ट के अनुसार बारिश की दर 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक रह सकती है। हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जलभराव और पेड़ों के गिरने का खतरा है।
मौसम विभाग ने नागरिकों को क्या सावधानियां बरतने की सलाह दी है?
आईएमडी ने आंधी-बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे या कमज़ोर इमारतों में न जाने, घर से निकलने से पहले यातायात की स्थिति जांचने और भूस्खलन या अचानक बाढ़ संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना ज़रूरी बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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