आईएमडी का ऑरेंज अलर्ट: यूपी के 50+ जिलों समेत उत्तराखंड-MP में अगले 3 घंटे भारी बारिश का खतरा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 26 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे एक व्यापक ऑरेंज नाउकास्ट चेतावनी जारी की, जो शाम 7 बजे तक प्रभावी है। इस अलर्ट में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के दर्जनों जिले शामिल हैं। चेतावनी के अनुसार इन क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली के साथ मध्यम से तेज बारिश तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
किन राज्यों पर सबसे ज़्यादा असर
उत्तराखंड में मौसम विभाग ने 13 जिलों — अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उधम सिंह नगर और उत्तरकाशी — के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी इलाकों में तेज़ हवाओं और बिजली का संयोजन भूस्खलन का जोखिम बढ़ा देता है।
उत्तर प्रदेश में यह चेतावनी सबसे व्यापक है — 50 से अधिक जिलों को इसके दायरे में रखा गया है। इनमें लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, कानपुर नगर, मेरठ, बरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद के साथ-साथ अंबेडकर नगर, अमेठी, आजमगढ़, बहराइच, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, बिजनौर, बुलंदशहर, देवरिया, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गोंडा, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, जौनपुर, कन्नौज, कासगंज, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, महाराजगंज, मैनपुरी, मऊ, पीलीभीत, रायबरेली, रामपुर, संभल, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, शामली, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सुल्तानपुर और उन्नाव शामिल हैं।
मध्य प्रदेश में अनूपपुर, बालाघाट, बैतूल, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, नर्मदापुरम, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली और उमरिया जिलों को ऑरेंज चेतावनी में शामिल किया गया है।
अन्य प्रभावित राज्य
चेतावनी का दायरा और भी विस्तृत है। पंजाब क्षेत्र में चंडीगढ़ और एसएएस नगर तथा हरियाणा के पंचकूला को भी इसमें शामिल किया गया है। झारखंड के देवघर, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा और कोडरमा; ओडिशा के बालेश्वर और मयूरभंज; तथा पश्चिम बंगाल के बीरभूम, मालदा और पश्चिम बर्धमान में भी इसी अवधि में तेज़ मौसम की आशंका जताई गई है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून अपने अंतिम चरण में है और पश्चिमी विक्षोभ व मानसूनी धाराओं का मेल असामान्य रूप से तेज़ मौसमी गतिविधि पैदा कर रहा है।
बारिश की तीव्रता और संभावित खतरे
आईएमडी के नाउकास्ट के अनुसार प्रभावित जिलों में बारिश की दर 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक रह सकती है। कम समय में इतनी बारिश होने पर शहरी क्षेत्रों में जलभराव और निचले इलाकों में अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। गौरतलब है कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मलबा प्रवाह का खतरा भी इस दौरान कई गुना बढ़ जाता है।
मौसम विभाग की सलाह
आईएमडी ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने और आंधी-बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे या कमजोर इमारतों में शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है। घर से निकलने से पहले सड़क और यातायात की स्थिति की जानकारी लेना ज़रूरी बताया गया है। अचानक बाढ़ या भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील भी की गई है। अगले कुछ घंटों में मौसम की स्थिति में कोई बदलाव आने पर विभाग नया अपडेट जारी कर सकता है।