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क्या एआईएमआईएम को इंडिया ब्लॉक में शामिल करना सांप्रदायिक ताकतों को हराने का उपाय है? : अख्तरुल ईमान

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क्या एआईएमआईएम को इंडिया ब्लॉक में शामिल करना सांप्रदायिक ताकतों को हराने का उपाय है? : अख्तरुल ईमान

सारांश

अख्तरुल ईमान ने यह स्पष्ट किया है कि एआईएमआईएम को इंडिया ब्लॉक में शामिल करना बेहद जरूरी है, वरना सांप्रदायिक ताकतों को रोकना मुश्किल हो जाएगा। क्या यह चुनावी रणनीति प्रभावी होगी?

मुख्य बातें

सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुटता की आवश्यकता है।
वोटों का बंटवारा रोकने के लिए गठबंधन जरूरी है।
छह सीटों की मांग के साथ एआईएमआईएम का गठबंधन में शामिल होना महत्वपूर्ण है।
बिहार के सौहार्द और शांति के लिए बलिदान देने के लिए तैयार हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम पूरी ताकत से उतरेगी।

पटना, 11 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले एआईएमआईएम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने कहा है कि कोई भी पार्टी अकेले सांप्रदायिक ताकतों को हराने में सक्षम नहीं है। अगर इंडिया ब्लॉक में हमारी पार्टी को शामिल नहीं किया गया, तो वोटों का बंटवारा होगा, जिससे सांप्रदायिक ताकतों को लाभ होगा।

अख्तरुल ईमान ने आगे कहा कि हमारा उद्देश्य सभी को एकजुट होना है ताकि चुनाव में एक साथ लड़ा जा सके। गुरुवार को, अख्तरुल ईमान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के आवास पर महागठबंधन में शामिल होने के लिए पहुंचे।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यदि एआईएमआईएम को महागठबंधन में शामिल नहीं किया गया, तो वोट बंट जाएंगे और सांप्रदायिक ताकतों को हराना मुश्किल हो जाएगा। हम एक गठबंधन सरकार बनाना चाहते हैं, और अगर ईश्वर की इच्छा हुई, तो तेजस्वी यादव इसके नेता बनेंगे।

उन्होंने इंडी गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह गठबंधन मुसलमानों के वोट तो चाहता है, लेकिन उन्हें प्रतिनिधित्व नहीं देना चाहता। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमने गठबंधन में शामिल होने के लिए कोई शर्त नहीं रखी है, जिससे समस्या उत्पन्न हो। हमने न तो मुस्लिम मुख्यमंत्री की मांग की है, न ही किसी विभाग की, बल्कि केवल छह सीटें मांगी हैं।

अख्तरुल ईमान ने राजद पर आरोप लगाया कि हमारे विधायकों को तोड़ा गया, लेकिन हम बिहार की एकता और सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ गंभीर हैं। बिहार की एकता और शांति के लिए हम बलिदान देने को तत्पर हैं।

दूसरी ओर, बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के साथ पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने बैठक की। इस बैठक में बिहार चुनाव की तैयारियों और रणनीति पर गहन चर्चा हुई। पार्टी संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल करने, एआईएमआईएम की विचारधारा और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने तथा जमीनी स्तर पर तालमेल स्थापित करने पर ध्यान दिया गया।

बैठक में कहा गया कि बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम पूरी शक्ति और प्रतिबद्धता के साथ उतरेगी और सफलता प्राप्त करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समझना जरूरी है कि चुनावी परिदृश्य में एकजुटता की आवश्यकता है। विभिन्न पार्टियों का गठबंधन केवल वोटों की रक्षा नहीं करेगा, बल्कि एक मजबूत विपक्ष का निर्माण भी करेगा, जो देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआईएमआईएम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
एआईएमआईएम का मुख्य उद्देश्य सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुटता के साथ चुनाव लड़ना है।
अख्तरुल ईमान ने गठबंधन में शामिल होने के लिए क्या शर्तें रखी हैं?
अख्तरुल ईमान ने गठबंधन में शामिल होने के लिए कोई शर्त नहीं रखी है, केवल छह सीटें मांगी हैं।
बिहार में विधानसभा चुनाव कब होंगे?
बिहार में विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में होंगे।
इंडिया ब्लॉक में एआईएमआईएम की भूमिका क्या होगी?
इंडिया ब्लॉक में एआईएमआईएम की भूमिका सांप्रदायिक ताकतों का मुकाबला करने में महत्वपूर्ण होगी।
क्या एआईएमआईएम को महागठबंधन में शामिल किया जाएगा?
यह महत्वपूर्ण है कि एआईएमआईएम को महागठबंधन में शामिल किया जाए, अन्यथा वोट बंटने का खतरा है।
राष्ट्र प्रेस
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