भारत-ग्रीस-रूस रक्षा वार्ता: सैन्य सहयोग विस्तार पर 16 अक्टूबर को अहम बैठकें
सारांश
मुख्य बातें
भारत ने 16 अक्टूबर 2026 को ग्रीस और रूस दोनों के साथ द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को नई गति देने की दिशा में ठोस कदम उठाए — एक ही दिन दो अलग-अलग उच्चस्तरीय सैन्य बैठकें आयोजित की गईं। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने ग्रीस के शीर्ष सैन्य नेतृत्व के साथ रक्षा औद्योगिक साझेदारी और सैन्य सहयोग पर विचार-विमर्श किया, जबकि मॉस्को सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलेविच सेरित्स्की की भारत यात्रा ने भारत-रूस रक्षा धुरी को और सक्रिय किया।
भारत-ग्रीस: रणनीतिक समानता पर जोर
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने ग्रीस के राष्ट्रीय रक्षा जनरल स्टाफ के प्रमुख जनरल दिमित्रियोस से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों ने सैन्य संबंधों को मजबूत करने और साझा रणनीतिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की।
दोनों पक्षों ने माना कि भारत और ग्रीस के रणनीतिक हितों में बढ़ती समानता है, और रक्षा सहयोग को नई दिशा देने के लिए नियमित सैन्य संवाद एवं तकनीकी स्तर पर आदान-प्रदान आवश्यक है। रक्षा उद्योग के क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत नाटो-सहयोगी देशों के साथ अपनी रक्षा साझेदारियों का विस्तार कर रहा है।
रूसी कमांडर की भारत यात्रा: श्रद्धांजलि और द्विपक्षीय वार्ता
लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलेविच सेरित्स्की ने अपनी भारत यात्रा के दौरान नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद उन्होंने मानेकशॉ केंद्र, नई दिल्ली में थल सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन के साथ बैठक की। दोनों सैन्य अधिकारियों ने द्विपक्षीय सैन्य संपर्क बढ़ाने और आपसी हितों के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशने पर ध्यान केंद्रित किया।
संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'इंद्र' का समुद्री चरण
गौरतलब है कि भारत और रूस के बीच दीर्घकालिक रक्षा सहयोग इस समय एक व्यावहारिक रूप भी ले रहा है। भारत-रूस संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'इंद्र' का समुद्री चरण रूस में शुरू होने जा रहा है, जो 18 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा।
इस अभ्यास के लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि और रूसी नौसेना के युद्धपोत अल्दार त्सिदेनझापोव की संचालन टीमों के बीच योजना सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें रूसी बेड़े के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया।
व्यापक परिप्रेक्ष्य: भारत की बहु-दिशीय रक्षा कूटनीति
यह एक ही दिन में दो प्रमुख रक्षा वार्ताएँ भारत की उस परंपरागत 'रणनीतिक स्वायत्तता' की नीति का प्रतिबिंब हैं, जिसके तहत भारत पश्चिमी और गैर-पश्चिमी दोनों गुटों के साथ रक्षा संबंध बनाए रखता है। ग्रीस NATO का सदस्य है, जबकि रूस उस पश्चिमी गठबंधन के विरुद्ध है — फिर भी भारत दोनों के साथ समान सक्रियता से जुड़ा है। आने वाले महीनों में इन वार्ताओं का क्रियान्वयन यह तय करेगा कि ये संवाद ठोस रक्षा समझौतों में बदलते हैं या नहीं।