16 अक्टूबर 2026
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भारत-ग्रीस-रूस रक्षा वार्ता: सैन्य सहयोग विस्तार पर 16 अक्टूबर को अहम बैठकें

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भारत-ग्रीस-रूस रक्षा वार्ता: सैन्य सहयोग विस्तार पर 16 अक्टूबर को अहम बैठकें

सारांश

एक ही दिन में भारत ने NATO-सदस्य ग्रीस और रूस — दोनों के साथ उच्चस्तरीय रक्षा वार्ता की। रक्षा सचिव का ग्रीस से संवाद और रूसी कमांडर की नई दिल्ली यात्रा भारत की बहु-दिशीय सैन्य कूटनीति का ताज़ा उदाहरण है, जो 18 अक्टूबर तक जारी 'इंद्र' नौसैनिक अभ्यास से और पुष्ट होती है।

मुख्य बातें

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 16 अक्टूबर 2026 को ग्रीस के जनरल दिमित्रियोस से मुलाकात कर रक्षा औद्योगिक साझेदारी और सैन्य सहयोग पर चर्चा की।
रूस के मॉस्को सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलेविच सेरित्स्की ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि दी और उप थल सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन से मानेकशॉ केंद्र में द्विपक्षीय सहयोग पर विचार-विमर्श किया।
भारत-रूस संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'इंद्र' का समुद्री चरण रूस में प्रारंभ; 18 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा।
अभ्यास में आईएनएस सह्याद्रि (भारत) और अल्दार त्सिदेनझापोव (रूस) युद्धपोत शामिल।
भारत ने एक साथ NATO-सदस्य ग्रीस और रूस से सक्रिय रक्षा संवाद कर 'रणनीतिक स्वायत्तता' की नीति बरकरार रखी।

भारत ने 16 अक्टूबर 2026 को ग्रीस और रूस दोनों के साथ द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को नई गति देने की दिशा में ठोस कदम उठाए — एक ही दिन दो अलग-अलग उच्चस्तरीय सैन्य बैठकें आयोजित की गईं। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने ग्रीस के शीर्ष सैन्य नेतृत्व के साथ रक्षा औद्योगिक साझेदारी और सैन्य सहयोग पर विचार-विमर्श किया, जबकि मॉस्को सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलेविच सेरित्स्की की भारत यात्रा ने भारत-रूस रक्षा धुरी को और सक्रिय किया।

भारत-ग्रीस: रणनीतिक समानता पर जोर

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने ग्रीस के राष्ट्रीय रक्षा जनरल स्टाफ के प्रमुख जनरल दिमित्रियोस से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों ने सैन्य संबंधों को मजबूत करने और साझा रणनीतिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की।

दोनों पक्षों ने माना कि भारत और ग्रीस के रणनीतिक हितों में बढ़ती समानता है, और रक्षा सहयोग को नई दिशा देने के लिए नियमित सैन्य संवाद एवं तकनीकी स्तर पर आदान-प्रदान आवश्यक है। रक्षा उद्योग के क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत नाटो-सहयोगी देशों के साथ अपनी रक्षा साझेदारियों का विस्तार कर रहा है।

रूसी कमांडर की भारत यात्रा: श्रद्धांजलि और द्विपक्षीय वार्ता

लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलेविच सेरित्स्की ने अपनी भारत यात्रा के दौरान नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद उन्होंने मानेकशॉ केंद्र, नई दिल्ली में थल सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन के साथ बैठक की। दोनों सैन्य अधिकारियों ने द्विपक्षीय सैन्य संपर्क बढ़ाने और आपसी हितों के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशने पर ध्यान केंद्रित किया।

संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'इंद्र' का समुद्री चरण

गौरतलब है कि भारत और रूस के बीच दीर्घकालिक रक्षा सहयोग इस समय एक व्यावहारिक रूप भी ले रहा है। भारत-रूस संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'इंद्र' का समुद्री चरण रूस में शुरू होने जा रहा है, जो 18 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा।

इस अभ्यास के लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि और रूसी नौसेना के युद्धपोत अल्दार त्सिदेनझापोव की संचालन टीमों के बीच योजना सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें रूसी बेड़े के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया।

व्यापक परिप्रेक्ष्य: भारत की बहु-दिशीय रक्षा कूटनीति

यह एक ही दिन में दो प्रमुख रक्षा वार्ताएँ भारत की उस परंपरागत 'रणनीतिक स्वायत्तता' की नीति का प्रतिबिंब हैं, जिसके तहत भारत पश्चिमी और गैर-पश्चिमी दोनों गुटों के साथ रक्षा संबंध बनाए रखता है। ग्रीस NATO का सदस्य है, जबकि रूस उस पश्चिमी गठबंधन के विरुद्ध है — फिर भी भारत दोनों के साथ समान सक्रियता से जुड़ा है। आने वाले महीनों में इन वार्ताओं का क्रियान्वयन यह तय करेगा कि ये संवाद ठोस रक्षा समझौतों में बदलते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ग्रीस जैसे यूरोपीय NATO-सदस्यों के साथ संबंध गहरे करना उसे पश्चिमी तकनीक तक पहुँच देता है। असली सवाल यह है कि ये बैठकें क्या ठोस समझौतों में बदलेंगी, या महज कूटनीतिक इशारों तक सीमित रहेंगी — क्योंकि भारत के साथ कई देशों की 'ऐतिहासिक रूप से मजबूत' रक्षा वार्ताएँ वर्षों बाद भी कागज़ पर ही रहती हैं।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और ग्रीस के बीच 16 अक्टूबर को क्या बात हुई?
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने ग्रीस के राष्ट्रीय रक्षा जनरल स्टाफ के प्रमुख जनरल दिमित्रियोस से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने सैन्य सहयोग, तकनीकी आदान-प्रदान और रक्षा औद्योगिक साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की।
रूसी सैन्य कमांडर की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या था?
मॉस्को सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलेविच सेरित्स्की भारत दौरे पर आए और राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मानेकशॉ केंद्र में उप थल सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन से द्विपक्षीय सैन्य संपर्क और सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया।
भारत-रूस 'इंद्र' नौसैनिक अभ्यास क्या है और यह कब तक चलेगा?
'इंद्र' भारत और रूस का संयुक्त नौसैनिक अभ्यास है, जिसका समुद्री चरण रूस में आयोजित हो रहा है और 18 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। इसमें भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि और रूसी नौसेना का युद्धपोत अल्दार त्सिदेनझापोव भाग ले रहे हैं।
भारत एक साथ ग्रीस और रूस दोनों से रक्षा वार्ता क्यों कर रहा है?
भारत अपनी 'रणनीतिक स्वायत्तता' की नीति के तहत पश्चिमी और गैर-पश्चिमी दोनों देशों के साथ रक्षा संबंध बनाए रखता है। ग्रीस NATO-सदस्य है, जबकि रूस भारत का दीर्घकालिक रक्षा सहयोगी है — दोनों के साथ एक साथ सक्रिय रहना भारत की बहु-दिशीय विदेश नीति का हिस्सा है।
भारत-ग्रीस रक्षा सहयोग में रक्षा उद्योग पर क्यों जोर दिया जा रहा है?
दोनों देशों ने रक्षा उद्योग क्षेत्र में साझेदारी को प्राथमिकता दी, क्योंकि इससे संयुक्त उत्पादन और तकनीकी हस्तांतरण के अवसर खुलते हैं। यह भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' रक्षा लक्ष्यों के अनुरूप भी है।
राष्ट्र प्रेस
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