14 अगस्त 2026
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इंडिया पोस्ट की ड्रोन डिलीवरी: मंडी से रेहड़धार तक पहुंचा तिरंगा, सिंधिया ने की पहल

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इंडिया पोस्ट की ड्रोन डिलीवरी: मंडी से रेहड़धार तक पहुंचा तिरंगा, सिंधिया ने की पहल

सारांश

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इंडिया पोस्ट ने ड्रोन से तिरंगा पहुंचाकर एक नई मिसाल कायम की। मंडी से रेहड़धार तक की यह डिलीवरी 150 ड्रोन रूट्स की बड़ी योजना का हिस्सा है — जो 'डाक सेवा, जन सेवा' को तकनीक की नई उड़ान दे रही है।

मुख्य बातें

14 अगस्त 2026 को डाक विभाग ने पहली बार ड्रोन के ज़रिए तिरंगे की डिलीवरी की।
मंडी हेड पोस्ट ऑफिस से रेहड़धार ब्रांच पोस्ट ऑफिस तक तिरंगा पहुंचाया गया।
तिरंगा मानद सूबेदार मेजर करतार सिंह (सेवानिवृत्त, आर्मी मेडिकल कोर) को सौंपा गया।
ड्रोन डिलीवरी के लिए कुल 150 रूट्स — 110 हिमाचल प्रदेश में, 40 असम में।
जून 2026 से हिमाचल प्रदेश में ड्रोन डिलीवरी सेवा चालू है; असम में भी सफल परीक्षण हो चुका है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नई दिल्ली से इस पहल में वर्चुअल सहभागिता की।

केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपस्थिति में 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर डाक विभाग ने पहली बार ड्रोन तकनीक के ज़रिए तिरंगे की डिलीवरी की। हिमाचल प्रदेश के मंडी हेड पोस्ट ऑफिस से रेहड़धार ब्रांच पोस्ट ऑफिस तक पहुंचाया गया यह तिरंगा भारतीय सेना के आर्मी मेडिकल कोर से सेवानिवृत्त मानद सूबेदार मेजर करतार सिंह को सौंपा गया।

मुख्य घटनाक्रम

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने नई दिल्ली से इस विशेष ड्रोन डिलीवरी में वर्चुअल सहभागिता की और करतार सिंह से सीधे संवाद कर उन्हें इस पहल की जानकारी दी। यह डिलीवरी 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत भारतीय डाक की तकनीकी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक प्रतीकात्मक प्रयास था। गौरतलब है कि जून 2026 में हिमाचल प्रदेश में ड्रोन डिलीवरी सेवा की शुरुआत हो चुकी है और हाल ही में असम में भी सफलतापूर्वक ड्रोन डिलीवरी की गई है।

ड्रोन नेटवर्क का विस्तार

सिंधिया ने बताया कि ड्रोन आधारित डिलीवरी सेवा के लिए कुल 150 रूट्स निर्धारित किए गए हैं — 110 रूट्स हिमाचल प्रदेश में और 40 रूट्स असम में। यह नेटवर्क उन दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ने के लिए तैयार किया गया है जहाँ परंपरागत सड़क मार्ग से डिलीवरी कठिन या समयसाध्य होती है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार 'लास्ट-माइल कनेक्टिविटी' को डिजिटल और भौतिक दोनों स्तरों पर मज़बूत करने पर ज़ोर दे रही है।

सिंधिया का बयान और 'डाक सेवा, जन सेवा' की भावना

सिंधिया ने कहा कि भारतीय डाक का मूल मंत्र 'डाक सेवा, जन सेवा' है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभाग इसी भावना के साथ नई तकनीकों को अपनाते हुए देश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंच बना रहा है। उन्होंने कहा, 'आधुनिक तकनीक का उद्देश्य देश के अंतिम छोर पर रहने वाले नागरिक को भी बेहतर और प्रभावी सेवा उपलब्ध कराना है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि ड्रोन डिलीवरी जैसी पहल भारतीय डाक के व्यापक नेटवर्क और आधुनिक तकनीकी क्षमताओं के संगम का उदाहरण है।

'हर घर तिरंगा' और वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ

सिंधिया ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ 'हर घर तिरंगा' अभियान केवल सरकारी इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य तिरंगे को प्रत्येक नागरिक के हृदय में स्थापित करना है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के साथ 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ का भी विशेष अवसर है, जो राष्ट्रभक्ति की भावना को और गहरा करता है।

आगे क्या

डाक विभाग के अनुसार, आने वाले समय में ड्रोन डिलीवरी नेटवर्क को और अधिक राज्यों तक विस्तारित करने की योजना है। 150 निर्धारित रूट्स के सफल संचालन के बाद नए रूट्स जोड़े जाने की संभावना है, जिससे दूरस्थ पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच और मज़बूत होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 150 रूट्स की यह योजना नियमित डाक सेवा — दवाइयाँ, दस्तावेज़, बैंकिंग — के लिए कितनी जल्दी और कितने पैमाने पर उपलब्ध होगी। हिमाचल और असम जैसे दुर्गम राज्यों में ड्रोन डिलीवरी की वास्तविक ज़रूरत है, लेकिन मौसम, रखरखाव और नियामक बाधाएं अब तक इस क्षेत्र में विस्तार की रफ़्तार धीमी रखती आई हैं। 'हर घर तिरंगा' के साथ इस तकनीक को जोड़ना राजनीतिक दृष्टि से चतुर है, पर विभाग की दीर्घकालिक विश्वसनीयता इस बात पर टिकी होगी कि ड्रोन नेटवर्क उत्सवी प्रदर्शन से आगे बढ़कर रोज़मर्रा की सेवा बन सके।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया पोस्ट ने ड्रोन से तिरंगा कहाँ पहुंचाया?
डाक विभाग ने 14 अगस्त 2026 को हिमाचल प्रदेश में मंडी हेड पोस्ट ऑफिस से रेहड़धार ब्रांच पोस्ट ऑफिस तक ड्रोन के माध्यम से तिरंगा पहुंचाया। यह तिरंगा सेवानिवृत्त मानद सूबेदार मेजर करतार सिंह को सौंपा गया।
इंडिया पोस्ट के ड्रोन डिलीवरी नेटवर्क में कितने रूट्स हैं?
डाक विभाग ने ड्रोन डिलीवरी के लिए कुल 150 रूट्स निर्धारित किए हैं, जिनमें 110 रूट्स हिमाचल प्रदेश में और 40 रूट्स असम में हैं। जून 2026 से हिमाचल में यह सेवा चालू है और असम में भी सफल परीक्षण हो चुका है।
'हर घर तिरंगा' अभियान और इस ड्रोन डिलीवरी का क्या संबंध है?
केंद्रीय मंत्री सिंधिया के अनुसार, 'हर घर तिरंगा' अभियान का उद्देश्य तिरंगे को केवल सरकारी इमारतों तक नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के घर और हृदय तक पहुंचाना है। ड्रोन डिलीवरी इसी भावना को तकनीक के ज़रिए साकार करने का प्रयास है।
इंडिया पोस्ट की ड्रोन सेवा किन राज्यों में उपलब्ध है?
फिलहाल ड्रोन डिलीवरी सेवा हिमाचल प्रदेश (जून 2026 से) और असम में उपलब्ध है। आने वाले समय में इसे अन्य दूरस्थ क्षेत्रों तक विस्तारित करने की योजना है।
इस पहल में केंद्रीय मंत्री सिंधिया की क्या भूमिका रही?
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नई दिल्ली से इस ड्रोन डिलीवरी में वर्चुअल सहभागिता की और सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर करतार सिंह से सीधे संवाद किया। उन्होंने 'डाक सेवा, जन सेवा' की भावना के तहत नई तकनीक अपनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
राष्ट्र प्रेस
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