11 अगस्त 2026
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इंडिया पोस्ट की असम में ड्रोन डाक सेवा शुरू, 40 रूटों पर उड़ान; सिंधिया ने दी जानकारी

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इंडिया पोस्ट की असम में ड्रोन डाक सेवा शुरू, 40 रूटों पर उड़ान; सिंधिया ने दी जानकारी

सारांश

इंडिया पोस्ट ने असम में ड्रोन से डाक पहुँचाने की सेवा शुरू कर दी है — 40 रूटों से शुरुआत, जो जल्द 150 रूटों तक फैलेगी। हिमाचल में मंडी-रिहरधार रूट पर दो घंटे का सफर सात मिनट में तय होने लगा है। यह पूर्वोत्तर में डाक तंत्र की तकनीकी कायापलट का संकेत है।

मुख्य बातें

इंडिया पोस्ट ने 11 अगस्त 2026 को असम में शाखा डाकघरों के बीच ड्रोन डाक सेवा की शुरुआत की — राज्य में पहली ड्रोन डाक उड़ान।
सेवा स्काई एयर मोबिलिटी के सहयोग से असम के 40 रूटों पर संचालित होगी।
असम और हिमाचल प्रदेश मिलाकर कुल 150 रूटों पर अगले 2-3 महीनों में सेवा विस्तार की योजना।
हिमाचल में मंडी-रिहरधार रूट ( 12 किमी ) पर डिलीवरी का समय 2 घंटे से घटकर 7 मिनट हुआ।
यह पहल 12 जून को हिमाचल प्रदेश में शुरू हुई थी; असम विस्तार उसी की अगली कड़ी है।
ड्रोन सेवा रियल-टाइम ट्रैकिंग और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन भी सुनिश्चित करती है।

इंडिया पोस्ट ने 11 अगस्त 2026 को असम में शाखा डाकघरों के बीच डाक बैगों के परिवहन के लिए ड्रोन सेवा की शुरुआत की — यह राज्य में डाक परिवहन की पहली ड्रोन उड़ान है। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह जानकारी साझा की।

40 रूटों से होगी शुरुआत, 150 रूट होंगे कवर

इंडिया पोस्ट, स्काई एयर मोबिलिटी के सहयोग से असम में 40 रूटों पर ड्रोन आधारित डाक सेवा संचालित करेगा। यह नेटवर्क आगे चलकर असम और हिमाचल प्रदेश के कुल 150 चिन्हित रूटों को कवर करेगा। डाक विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन महीनों में इन सभी रूटों पर सेवा का विस्तार किया जाएगा।

ड्रोन सेवा से डाक का परिवहन तेज, भरोसेमंद और रियल-टाइम ट्रैकिंग योग्य बनाया जाएगा — खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ सड़क मार्ग से पहुँचना कठिन या समय-साध्य है।

हिमाचल प्रदेश से मिली थी प्रेरणा

इसी तरह की पहल 12 जून को हिमाचल प्रदेश में शुरू की गई थी, जब डाक विभाग ने मंडी प्रधान डाकघर और रिहरधार शाखा डाकघर के बीच ड्रोन आधारित डाक एवं पार्सल सेवा का उद्घाटन किया था। रिहरधार शाखा डाकघर, मंडी से लगभग 12 किलोमीटर दूर है। पारंपरिक व्यवस्था में यह दूरी तय करने में दो घंटे से अधिक समय लगता था, जबकि ड्रोन सेवा के बाद यह समय घटकर मात्र सात मिनट रह गया।

गौरतलब है कि मंडी-रिहरधार रूट इस परियोजना का पहला परिचालन रूट बना था, और उसकी सफलता के आधार पर असम में विस्तार किया गया।

कर्मचारियों के सुझावों पर बनी योजना

डाक विभाग के अनुसार, यह योजना मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ग्रामीण डाक सेवकों और डाक कर्मचारियों के साथ हुई बातचीत के दौरान उभरे सुझावों पर आधारित है। कर्मचारियों ने दुर्गम क्षेत्रों में तेज और बेहतर संपर्क व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया था।

सिंधिया ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तकनीक-आधारित जनसेवा के विजन के अनुरूप है, जिससे देश के हर कोने तक डाक सेवाएँ पहुँचाई जा सकें।

पर्यावरण और दक्षता — दोहरा लाभ

डाक विभाग का कहना है कि ड्रोन सेवा पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में परिवहन संबंधी चुनौतियों को दूर करने के साथ-साथ रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा भी देती है। इसके अतिरिक्त, यह पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का माध्यम भी है, जो ईंधन-चालित वाहनों पर निर्भरता कम करता है।

यह ऐसे समय में आया है जब सरकार पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में डिजिटल और भौतिक अवसंरचना को एक साथ मजबूत करने पर जोर दे रही है। आने वाले महीनों में 150 रूटों पर सेवा विस्तार यह स्पष्ट करेगा कि यह पायलट प्रयोग राष्ट्रीय स्तर पर डाक वितरण को कितना बदल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षण तब होगा जब 150 रूटों पर यह सेवा मानसून, कोहरे और तकनीकी खराबी जैसी वास्तविक चुनौतियों का सामना करे। पूर्वोत्तर की भौगोलिक जटिलता — बाढ़, घना जंगल, अनिश्चित मौसम — ड्रोन संचालन के लिए प्रयोगशाला से बिल्कुल अलग परिवेश है। डाक विभाग के पास अब तक का ट्रैक रिकॉर्ड नई तकनीकों को स्केल करने में मिला-जुला रहा है। इसलिए सरकार को रूट विस्तार के साथ-साथ पारदर्शी प्रदर्शन डेटा भी सार्वजनिक करना चाहिए — ताकि यह पहल महज़ घोषणा न बनकर जवाबदेह सेवा-सुधार बने।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया पोस्ट की असम ड्रोन डाक सेवा क्या है?
इंडिया पोस्ट ने 11 अगस्त 2026 को असम में शाखा डाकघरों के बीच डाक बैगों के परिवहन के लिए ड्रोन सेवा शुरू की है — यह राज्य की पहली ड्रोन डाक उड़ान है। यह सेवा स्काई एयर मोबिलिटी के सहयोग से 40 रूटों पर संचालित होगी।
असम और हिमाचल प्रदेश में कितने रूटों पर ड्रोन सेवा होगी?
डाक विभाग की योजना के अनुसार असम और हिमाचल प्रदेश मिलाकर कुल 150 चिन्हित रूटों पर अगले दो से तीन महीनों में ड्रोन डाक सेवा शुरू की जाएगी। असम में 40 रूटों से शुरुआत हो चुकी है।
हिमाचल प्रदेश में ड्रोन डाक सेवा कब और कहाँ शुरू हुई थी?
हिमाचल प्रदेश में यह सेवा 12 जून को मंडी प्रधान डाकघर और रिहरधार शाखा डाकघर के बीच शुरू हुई थी। यह इस परियोजना का पहला परिचालन रूट था, जहाँ 12 किलोमीटर की दूरी तय करने का समय दो घंटे से घटकर सात मिनट हो गया।
ड्रोन डाक सेवा से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में डाक तेज़ी से पहुँचेगी और रियल-टाइम ट्रैकिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी। यह सेवा पहाड़ी और बाढ़-प्रभावित इलाकों में पारंपरिक सड़क परिवहन की बाधाओं को दूर करेगी।
इस ड्रोन सेवा की शुरुआत किसके सुझाव पर हुई?
डाक विभाग के अनुसार, यह योजना केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ग्रामीण डाक सेवकों और डाक कर्मचारियों के साथ हुई बातचीत में उभरे सुझावों पर आधारित है। कर्मचारियों ने दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर और तेज़ संपर्क व्यवस्था की ज़रूरत पर ज़ोर दिया था।
राष्ट्र प्रेस
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