29 जुलाई 2026
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मंडी-रेहरधार मार्ग पर ड्रोन डाक सेवा शुरू, सिंधिया बोले — '7 मिनट में पूरी होगी घंटों की यात्रा'

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मंडी-रेहरधार मार्ग पर ड्रोन डाक सेवा शुरू, सिंधिया बोले — '7 मिनट में पूरी होगी घंटों की यात्रा'

सारांश

हिमाचल प्रदेश के दुर्गम मंडी-रेहरधार मार्ग पर भारतीय डाक विभाग ने ड्रोन से डाक पहुँचाने की सेवा शुरू की है। घंटों की यात्रा अब सिर्फ 7 मिनट में — और यह पहल ग्रामीण डाक कर्मियों के फीडबैक पर आधारित है। सिंधिया ने इसे मोदी के 'सुदूर भारत को जोड़ने' के दृष्टिकोण का हिस्सा बताया।

मुख्य बातें

भारतीय डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश के मंडी-रेहरधार मार्ग पर ड्रोन आधारित डाक और पार्सल सेवा शुरू की।
दुर्गम इलाकों में घंटों लगने वाली डाक-यात्रा अब 7 मिनट में पूरी होगी, साथ में वास्तविक समय ट्रैकिंग की सुविधा।
यह सेवा पर्यावरण के अनुकूल है और ग्रामीण डाक सेवकों व डाक सहायकों के फीडबैक पर आधारित है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 13 जून 2026 को एक्स पर यह घोषणा की।
सिंधिया ने असम के जोरहाट एयरबेस पर एएन-32 विमान दुर्घटना में 5 वायुयोद्धाओं की वीरगति पर शोक भी व्यक्त किया।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 13 जून 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर घोषणा करते हुए बताया कि भारतीय डाक विभाग ने हिमाचल प्रदेश के मंडी-रेहरधार मार्ग पर ड्रोन आधारित डाक और पार्सल वितरण सेवा की शुरुआत की है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों में जो दूरी तय करने में घंटों लगते थे, वह अब वास्तविक समय ट्रैकिंग के साथ मात्र 7 मिनट में पूरी हो जाएगी।

मुख्य घटनाक्रम

डाक विभाग की इस पहल के तहत ड्रोन के ज़रिए डाक और पार्सल सीधे दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाए जाएँगे। यह सेवा पर्यावरण के अनुकूल है और इसे ग्रामीण डाक सेवकों तथा डाक सहायकों द्वारा कई दौर की बातचीत में दिए गए फीडबैक के आधार पर तैयार किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार सुदूर क्षेत्रों में डिजिटल और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दे रही है।

सरकार की प्रतिक्रिया

सिंधिया ने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर डाक सेवाओं को मज़बूत करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है, ताकि भारत के सुदूरतम क्षेत्रों को भी तेज़ी से बदलते राष्ट्र के अवसरों और सेवाओं से जोड़ा जा सके। उन्होंने इस पहल को 'अत्यंत प्रसन्नता' का विषय बताया।

आम जनता पर असर

हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले निवासियों के लिए यह सेवा जीवन बदलने वाली साबित हो सकती है। दवाइयाँ, ज़रूरी दस्तावेज़ और छोटे पार्सल अब घंटों की प्रतीक्षा के बजाय मिनटों में पहुँच सकेंगे। गौरतलब है कि ऐसे इलाकों में सड़क मार्ग अक्सर मौसम की वजह से बंद रहते हैं, जिससे ड्रोन सेवा की उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।

विशेष संदर्भ

इसी दिन सिंधिया ने असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरबेस पर एएन-32 मालवाहक विमान दुर्घटना में पाँच वायुयोद्धाओं के वीरगति प्राप्त करने पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि 'मातृभूमि की सेवा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन सभी वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि' और शोकाकुल परिजनों के लिए ईश्वर से शक्ति की प्रार्थना की।

क्या होगा आगे

डाक विभाग की यह पहल भविष्य में अन्य दुर्गम पहाड़ी मार्गों तक विस्तारित किए जाने की संभावना है। ड्रोन आधारित वितरण में वास्तविक समय ट्रैकिंग की सुविधा इसे पारंपरिक डाक सेवा से अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाती है। यह पहल भारत की ग्रामीण लॉजिस्टिक्स क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की निरंतरता में है — खासकर हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य में जहाँ मौसम अप्रत्याशित रहता है और ड्रोन संचालन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह पहल ग्रामीण डाक कर्मियों के फीडबैक पर आधारित होने का दावा करती है, जो इसे ऊपर से थोपी गई योजना से अलग बनाता है — यदि यह दावा सत्यापन योग्य है। मुख्यधारा की कवरेज में यह सवाल अनुत्तरित रह जाता है कि इस मार्ग के बाद विस्तार की कोई समयसीमा या बजट आवंटन है या नहीं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंडी-रेहरधार ड्रोन डाक सेवा क्या है?
यह भारतीय डाक विभाग की एक पहल है जिसके तहत हिमाचल प्रदेश के दुर्गम मंडी-रेहरधार मार्ग पर ड्रोन के ज़रिए डाक और पार्सल वितरित किए जाएँगे। इस सेवा में वास्तविक समय ट्रैकिंग की सुविधा है और यह घंटों की यात्रा को मात्र 7 मिनट में पूरा करती है।
इस सेवा की घोषणा किसने और कब की?
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 13 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस सेवा की जानकारी साझा की। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुदूर क्षेत्रों को जोड़ने के दृष्टिकोण का हिस्सा बताया।
यह ड्रोन सेवा किस तरह अलग है?
यह सेवा पर्यावरण के अनुकूल है और ग्रामीण डाक सेवकों व डाक सहायकों के फीडबैक के आधार पर तैयार की गई है। पारंपरिक डाक सेवा की तुलना में यह घंटों की देरी को समाप्त कर वास्तविक समय ट्रैकिंग के साथ 7 मिनट में डिलीवरी देती है।
हिमाचल प्रदेश के किन इलाकों को इससे फायदा होगा?
मंडी-रेहरधार मार्ग के आसपास के दुर्गम पहाड़ी इलाकों के निवासी इस सेवा के प्राथमिक लाभार्थी हैं। जहाँ सड़क मार्ग मौसम की वजह से अक्सर बाधित रहते हैं, वहाँ ड्रोन सेवा दवाइयों, दस्तावेज़ों और पार्सल की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित कर सकती है।
क्या यह सेवा अन्य राज्यों में भी शुरू होगी?
अभी तक केवल हिमाचल प्रदेश के मंडी-रेहरधार मार्ग पर इस सेवा की शुरुआत की घोषणा हुई है। भविष्य में अन्य दुर्गम मार्गों तक विस्तार की संभावना है, हालाँकि इस बारे में कोई आधिकारिक समयसीमा अभी तक सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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