डाक मित्र और डाक सेवा ऐप लॉन्च: सिंधिया बोले — एक क्लिक पर मिलेगी डाक सेवा, 14 डाकघरों का नवीनीकरण
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 24 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में डाक विभाग के एक विशेष कार्यक्रम में 'डाक मित्र' और 'डाक सेवा' ऐप तथा 14 नवीनीकृत डाकघरों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भारतीय डाक अब तकनीक और जनसेवा के नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहाँ नागरिक को डाकघर तक नहीं जाना होगा — डाकघर स्वयं नागरिक तक पहुँचेगा।
मुख्य घटनाक्रम
सिंधिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, 'आज नागरिक की अपेक्षा केवल यह नहीं है कि सरकारी सेवा उपलब्ध हो — वह चाहता है कि सेवा उसके मोबाइल पर, उसकी उंगली के एक स्पर्श पर उपलब्ध हो और वह भी तेज, सरल एवं पारदर्शी तरीके से।' उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल परिवर्तन का अर्थ पुरानी प्रक्रिया को केवल डिजिटल करना नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया को नागरिक के इर्द-गिर्द पुनः डिज़ाइन करना है।
कार्यक्रम में केंद्रीय संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, डाक विभाग के सचिव सुब्रत दास, डाक महानिदेशक जितेंद्र गुप्ता सहित 8 राज्यों के जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में डाककर्मी उपस्थित रहे।
डाक मित्र ऐप: डाक सेवकों का डिजिटल हथियार
'डाक मित्र' ऐप को डाक सेवकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए विकसित किया गया है। मई 2025 में इसके नए स्वरूप में आने के बाद यह ऐप अब 1.4 लाख ब्रांच पोस्ट ऑफिस में संचालित हो रहा है। इसके माध्यम से 2.45 करोड़ घरेलू स्पीड पोस्ट/पार्सल बुकिंग दर्ज की गई हैं और 15.09 करोड़ डाक वस्तुओं की डिलीवरी में इसकी भूमिका रही है।
बीमा क्षेत्र में भी इस ऐप का उल्लेखनीय योगदान रहा है — इसके ज़रिए ₹1,102 करोड़ के नए प्रीमियम और कुल ₹5,431 करोड़ के प्रीमियम संग्रह में सहयोग हुआ है। आधार-आधारित केवाईसी, बायोमेट्रिक नकद निकासी और डिजिटल ई-केवाईसी जैसी सुविधाएँ भी इस ऐप के माध्यम से उपलब्ध हैं।
डाक सेवा ऐप: नागरिकों के लिए एकल डिजिटल मंच
'डाक सेवा' ऐप का उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न डाक सेवाओं के लिए अलग-अलग माध्यमों पर निर्भरता से मुक्त कर एक ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर सेवाएँ उपलब्ध कराना है। जून 2025 में पायलट शुरू होने के बाद इस ऐप को लगभग 10 लाख डाउनलोड मिल चुके हैं और इसके ज़रिए 91.34 लाख मेल एवं पार्सल आर्टिकल बुक किए जा चुके हैं।
इस ऐप के माध्यम से नागरिक घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय डाक वस्तुओं की ट्रैकिंग, स्पीड पोस्ट और पार्सल बुकिंग, ई-मनी ऑर्डर, शिकायत दर्ज करना, नज़दीकी डाकघर एवं पिन कोड की जानकारी, डाक शुल्क की गणना, लघु बचत योजनाओं की जानकारी तथा PLI और RPLI जैसी बीमा सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि यह ऐप 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है और UPI, इंटरनेट बैंकिंग तथा कार्ड के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा भी इसमें मौजूद है।
14 डाकघरों का नवीनीकरण: कौन-से शहर शामिल
देशभर में 17 राज्यों के 40 डाकघरों को आधुनिक स्वरूप देने की योजना के तहत 27 डाकघरों का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। 24 अगस्त को जिन 14 डाकघरों का शुभारंभ किया गया, उनमें पाटलिपुत्र (बिहार), वसंत कुंज (दिल्ली), सेक्टर-56 गुरुग्राम (हरियाणा), काकुरगाची (कोलकाता), विदिशा और सांची (मध्य प्रदेश), शिलॉन्ग (मेघालय), कांदिवली पश्चिम (मुंबई), शंकर नगर एवं अयोध्या नगर (नागपुर), निराला नगर, गोमती नगर एवं इंदिरा नगर (लखनऊ) तथा प्रयागराज शामिल हैं।
राजस्व में उछाल: रिकॉर्ड तिमाही आँकड़े
सिंधिया ने बताया कि भारतीय डाक आर्थिक रूप से भी सशक्त हो रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय डाक का राजस्व लगभग ₹13,218 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹15,296 करोड़ हो गया — यह लगभग 16% की वृद्धि है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारतीय डाक ने ₹4,008.95 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक तिमाही राजस्व दर्ज किया, जो साल-दर-साल लगभग 22% की वृद्धि है।
सिंधिया ने कहा, 'पुराना भरोसा, नई तकनीक; वही अपनापन, नई गति — यही नया भारतीय डाक है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इन पहलों की सफलता का पैमाना ऐप डाउनलोड की संख्या नहीं, बल्कि डाककर्मियों का सरल हुआ काम और नागरिकों को मिली तेज़, पारदर्शी सेवा होगी।