पीएम सूर्य घर योजना से शेखपुरा के परिवारों को राहत, ₹78,000 सब्सिडी से बिजली बिल शून्य
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के शेखपुरा जिले में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम परिवारों के लिए आर्थिक राहत का माध्यम बन रही है। छत पर सोलर पैनल लगवाने के बाद लाभार्थियों का कहना है कि बिजली पर उनकी निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है और मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है।
योजना की मुख्य विशेषताएँ
केंद्र सरकार इस योजना के अंतर्गत छत पर सोलर पैनल स्थापित करने के लिए ₹78,000 तक की सब्सिडी प्रदान करती है। पात्र लाभार्थी प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का उपयोग कर सकते हैं, जिससे निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर बिजली खर्च का बोझ काफी हद तक कम होता है।
लाभार्थियों का अनुभव
योजना की लाभार्थी कंचन कुमारी ने बताया कि पहले उनका परिवार बिजली के खर्च को लेकर अक्सर चिंतित रहता था। उनके बच्चों को पढ़ाई के दौरान भी बिजली बिल की चिंता के कारण पंखे कम चलाने पड़ते थे। सोलर पैनल लगने के बाद अब परिवार बेझिझक पंखे और लाइट का उपयोग कर पा रहा है और बिजली बिल शून्य हो गया है। उन्होंने अन्य निवासियों से भी इस योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया।
आशीष कुमार और उषा देवी ने भी बताया कि वे अब पूरी तरह छत पर लगे सोलर पैनल से उत्पन्न बिजली पर निर्भर हैं और मासिक बिजली बिल से उन्हें स्थायी राहत मिली है।
जिला प्रशासन की भूमिका
जिलाधिकारी शेखर आनंद ने बताया कि जिला प्रशासन सोलर पैनल लगवाने के इच्छुक नागरिकों को हर स्तर पर सहायता प्रदान कर रहा है — चाहे वह योजना बनाना हो, ऋण से जुड़ी मदद हो या बिजली विभाग के साथ समन्वय। उन्होंने शेखपुरा के निवासियों से अपील की कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएँ और अपनी छतों पर सोलर पैनल लगवाएँ।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बिजली की बढ़ती दरें ग्रामीण और अर्ध-शहरी परिवारों के मासिक बजट पर दबाव डाल रही हैं। गौरतलब है कि कई लाभार्थी अब पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर जैसे घरेलू उपकरण बिना अतिरिक्त बिजली बिल की चिंता के उपयोग कर पा रहे हैं — जो पहले उनके लिए संभव नहीं था।
आगे की राह
जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग और लाभार्थियों के सकारात्मक अनुभवों के बीच शेखपुरा में इस योजना की पहुँच और विस्तार होने की संभावना है। यदि अन्य जिलों में भी इसी तरह क्रियान्वयन हो, तो यह योजना बिहार में ऊर्जा स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।