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ड्रोन के माध्यम से सप्लाई चेन में नई तकनीकी प्रगति: आईआईटी की भूमिका

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ड्रोन के माध्यम से सप्लाई चेन में नई तकनीकी प्रगति: आईआईटी की भूमिका

सारांश

भारत में ड्रोन द्वारा सामान की डिलीवरी की नई तकनीक ने सप्लाई चेन में एक नया अध्याय खोला है। यह परीक्षण बैंगलुरु में किया गया, जहाँ आईआईटी मद्रास और एक कूरियर कंपनी ने मिलकर काम किया। जानिए इस तकनीक के फायदों के बारे में।

मुख्य बातें

ड्रोन तकनीक से सामान की डिलीवरी में समय की बचत होती है।
आईआईटी मद्रास और कूरियर कंपनी का सहयोग महत्वपूर्ण है।
भविष्य में सप्लाई चेन को तेज और सस्ता बनाने की संभावना।
आपातकालीन सेवाओं के लिए ड्रोन बेहद उपयोगी।
शहरी क्षेत्रों में नए डिलीवरी मॉडल का विकास।

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस) भारत के सप्लाई चेन सेक्टर में एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति देखने को मिली है। इस नई तकनीक के तहत ड्रोन के माध्यम से हवाई मार्ग से सामान की डिलीवरी का परीक्षण किया गया। इसमें एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कूरियर कंपनी और मद्रास का प्रमुख तकनीकी संस्थान एक साथ कार्यरत रहे।

इस परीक्षण का उद्देश्य यह जानना था कि शहरी क्षेत्रों में ड्रोन द्वारा सामान कितनी कुशलता और तेजी से पहुँचाया जा सकता है। आईआईटी के अनुसार, आमतौर पर किसी पैकेज को पहुँचाने में एक घंटा या उससे अधिक समय लगता है, जबकि ड्रोन की सहायता से यह कार्य केवल कुछ मिनटों में संभव हुआ। इस विषय में जानकारी देते हुए केंद्र सरकार ने बताया कि यह परीक्षण बैंगलुरु में आयोजित किया गया।

परीक्षण के दौरान, ड्रोन ने निर्धारित मार्ग का अनुसरण करते हुए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पैकेज पहुँचाया। यह उल्लेखनीय है कि ड्रोन ने ट्रैफिक, सिग्नल और सड़कों की भीड़ जैसी समस्याओं से बचते हुए सीधा उड़ान भरी। आईआईटी मद्रास का मानना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य भविष्य में सप्लाई चेन को अधिक तेज, सस्ता और विश्वसनीय बनाना है।

यह तकनीक विशेष रूप से जीवन रक्षक दवाइयों, आवश्यक सामान और आपातकालीन डिलीवरी के लिए बेहद उपयोगी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसी ड्रोन सेवाएं बड़े पैमाने पर शुरू होती हैं, तो शहरों में डिलीवरी का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। इससे समय की बचत होगी, लागत में कमी आएगी और लोगों को तेजी से सेवाएं मिल सकेंगी। वर्तमान में, यह परीक्षण देश में शहरी ड्रोन डिलीवरी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भविष्य में इसके और बड़े स्तर पर उपयोग की संभावनाएँ जताई जा रही हैं। इस पहल का एक उद्देश्य जटिल शहरी क्षेत्रों में उच्च गति वाले ड्रोन संचालन की व्यवहारिकता को परखना भी था। इसके अलावा, हवाई मार्गों के उपयोग को समझना और पारंपरिक सड़क आधारित आपूर्ति का विकल्प विकसित करना भी इसका लक्ष्य है। यह तरीका भीड़भाड़ वाले मार्गों पर निर्भरता कम करेगा और सामान आपूर्ति की गति को बढ़ाएगा। यह ड्रोन परीक्षण बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी चरण 2 से लेकर बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र के पास स्थित एक स्थान के बीच किया गया।

यह एक मध्यम दूरी (मिड माइल) लॉजिस्टिक्स सेवा का परीक्षण था, जिसमें शहर के भीतर सामान को एक प्रमुख बिंदु से दूसरे बिंदु तक पहुँचाने की क्षमता का मूल्यांकन किया गया। यह परीक्षण एक विशेष अनुसंधान ढांचे के अंतर्गत किया गया, जहाँ शहरी हवाई क्षेत्र में ड्रोन की सुरक्षित और कुशल उड़ान का परीक्षण किया गया। आईआईटी के अनुसार, सड़क मार्ग से लगभग 53 किलोमीटर की दूरी तय करने में सामान्यत: 60 मिनट से अधिक समय लगता है। लेकिन ड्रोन के माध्यम से यह दूरी हवाई मार्ग से लगभग 39 से 42 किलोमीटर रह गई।

परीक्षण के दौरान एक तरफ की यात्रा लगभग 21 मिनट में पूरी की गई। यह स्पष्ट करता है कि समय संवेदनशील आपूर्ति के लिए यह तकनीक अत्यंत प्रभावी हो सकती है और इसमें बड़े स्तर पर सुधार की संभावना है। हालाँकि, ड्रोन ने हवाई अड्डे के संवेदनशील क्षेत्रों में उड़ान भरी जिन्हें येलो और रेड जोन कहा जाता है। इसके लिए सभी आवश्यक अनुमतियाँ नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से प्राप्त की गई थीं। ड्रोन संचालन 120 मीटर की ऊँचाई पर किया गया, जो निर्धारित दिशा निर्देशों के अनुरूप है। यह पूरा परीक्षण एक विशेष अनुसंधान केंद्र के अंतर्गत किया गया।

यहाँ यह कार्य हवाई माल परिवहन, विद्युत वाहन एकीकरण और उन्नत मांग पूर्वानुमान जैसे क्षेत्रों में भी किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से यह प्रदर्शित किया गया है कि कैसे शैक्षणिक संस्थान, उद्योग और नीति निर्माता मिलकर भविष्य की आपूर्ति श्रृंखला को अधिक सक्षम व टिकाऊ बना सकते हैं। इसके सबसे बड़े लाभ यह हैं कि इससे डिलीवरी समय में भारी कमी आएगी, ट्रैफिक पर निर्भरता कम होगी, लागत और ईंधन की बचत होगी, पर्यावरण पर कम प्रभाव पड़ेगा व आपातकालीन सेवाओं में तेज आपूर्ति संभव हो सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

सस्ता और अधिक विश्वसनीय बना सकती है। यह न केवल शहरी क्षेत्रों में डिलीवरी के तरीके को बदलने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि समाज में आपातकालीन सेवाओं की गति को भी बढ़ाता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ड्रोन द्वारा सामान की डिलीवरी की प्रक्रिया क्या है?
ड्रोन निर्धारित मार्ग पर उड़ान भरते हैं और ट्रैफिक और सिग्नल की बाधाओं से बचते हुए पैकेज को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाते हैं।
इस तकनीक के प्रमुख लाभ क्या हैं?
इस तकनीक के प्रमुख लाभ में समय की बचत, लागत में कमी, और आपातकालीन सेवाओं की तेज़ डिलीवरी शामिल हैं।
क्या ड्रोन डिलीवरी का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जा सकता है?
हाँ, यदि यह सेवा बड़े स्तर पर शुरू होती है, तो यह शहरों में डिलीवरी के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है।
ड्रोन उड़ान के लिए क्या अनुमति आवश्यक है?
ड्रोन उड़ान के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से सभी आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त करनी पड़ती हैं।
इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में ड्रोन द्वारा उच्च गति वाले संचालन की व्यवहारिकता को परखना था।
राष्ट्र प्रेस
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