23 अगस्त 2026
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इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो ने जकार्ता में वांग यी से की मुलाकात, चीन-इंडोनेशिया रणनीतिक सहयोग पर बनी सहमति

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इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो ने जकार्ता में वांग यी से की मुलाकात, चीन-इंडोनेशिया रणनीतिक सहयोग पर बनी सहमति

सारांश

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियेंतो और चीनी विदेश मंत्री वांग यी की जकार्ता में मुलाकात महज शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह वैश्विक दक्षिण की दो बड़ी आवाज़ों के बीच रणनीतिक तालमेल की साफ़ घोषणा थी। नवंबर में शनचेन APEC से पहले यह बैठक चीन-इंडोनेशिया धुरी को नई धार दे सकती है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियेंतो ने 21 अगस्त 2026 को जकार्ता में चीनी विदेश मंत्री वांग यी और रक्षा मंत्री तुंग चुन से मुलाकात की।
प्राबोवो ने अधिक चीनी उद्यमों के इंडोनेशिया में निवेश का स्वागत किया और चौतरफा रणनीतिक सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
वांग यी ने चीन को इंडोनेशिया का विश्वसनीय, दीर्घकालिक और स्थिर विकास साझेदार बताया।
प्राबोवो ने नवंबर 2026 में शनचेन में होने वाले APEC अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने की इच्छा जताई।
दोनों पक्षों ने वैश्विक दक्षिण देशों के लिए सहयोग की मिसाल कायम करने पर सहमति व्यक्त की।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियेंतो ने 21 अगस्त 2026 को जकार्ता में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और रक्षा मंत्री तुंग चुन से अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच चौतरफा रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने तथा आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने पर विस्तृत चर्चा हुई।

प्राबोवो का चीन को लेकर क्या रहा रुख

बैठक में प्राबोवो ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीन ने करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और आर्थिक, प्रौद्योगिकी तथा सैन्य क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने इसे वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल बताया।

प्राबोवो ने यह भी कहा कि चीन ने इंडोनेशिया को मूल्यवान विश्वास और समर्थन दिया है और इंडोनेशिया अधिक चीनी उद्यमों के अपने यहाँ निवेश का स्वागत करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंडोनेशिया किसी भी ऐसी कोशिश का विरोध करता है जो दोनों देशों के बीच कलह पैदा करने की नीयत से की जाए।

वांग यी का बयान और साझेदारी पर जोर

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन और इंडोनेशिया दोनों आर्थिक विकास और जन कल्याण को प्राथमिकता देने वाली सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि चीन इंडोनेशिया के विकास में एक विश्वसनीय, दीर्घकालिक और स्थिर साझेदार है।

वांग यी ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच स्पष्ट आर्थिक पूरकताएँ मौजूद हैं और कोई भी शक्ति चीन व इंडोनेशिया जैसे विकासशील देशों के उत्थान को नहीं रोक सकती। उनके अनुसार, दोनों देशों को एकजुटता बनाए रखते हुए वैश्विक दक्षिण के लिए सहयोग की मिसाल पेश करनी चाहिए।

एपेक शिखर सम्मेलन पर नज़र

राष्ट्रपति प्राबोवो ने इस नवंबर में चीन के शनचेन में आयोजित होने वाले एपेक (APEC) के अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने की इच्छा जताई। यह सम्मेलन एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच चीन और आसियान देशों के बीच संबंधों की नई परिभाषा तय हो रही है। गौरतलब है कि इंडोनेशिया आसियान का सबसे बड़ा देश है और वैश्विक दक्षिण में उसकी भूमिका तेजी से बढ़ रही है। दोनों देशों के बीच यह उच्चस्तरीय संपर्क आने वाले महीनों में द्विपक्षीय निवेश और रक्षा सहयोग के नए अध्याय की नींव रख सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कूटनीतिक भाषा में यह पश्चिमी दबाव की अप्रत्यक्ष अस्वीकृति भी मानी जा सकती है। सवाल यह है कि इंडोनेशिया की यह रणनीतिक निकटता उसकी दक्षिण चीन सागर में संप्रभुता संबंधी चिंताओं के साथ कैसे संतुलित होगी — जो अभी भी दोनों देशों के बीच एक अनसुलझा तनाव बिंदु है।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो और वांग यी की मुलाकात कब और कहाँ हुई?
यह मुलाकात 21 अगस्त 2026 को जकार्ता में हुई, जहाँ राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियेंतो ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी और रक्षा मंत्री तुंग चुन से अलग-अलग बैठकें कीं।
इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में चीन-इंडोनेशिया चौतरफा रणनीतिक सहयोग, चीनी उद्यमों के इंडोनेशिया में निवेश, और नवंबर 2026 में शनचेन में होने वाले APEC अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में भागीदारी पर चर्चा हुई।
प्राबोवो ने चीन के बारे में क्या कहा?
प्राबोवो ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीन ने करोड़ों लोगों को गरीबी से निकाला है और यह वैश्विक दक्षिण देशों के लिए प्रेरणा की मिसाल है। उन्होंने अधिक चीनी निवेश का स्वागत किया और द्विपक्षीय संबंधों में बाहरी हस्तक्षेप का विरोध किया।
APEC शिखर सम्मेलन 2026 कब और कहाँ होगा?
APEC का अनौपचारिक शिखर सम्मेलन नवंबर 2026 में चीन के शनचेन शहर में आयोजित होने वाला है, जिसमें राष्ट्रपति प्राबोवो ने भाग लेने की इच्छा जताई है।
चीन और इंडोनेशिया के संबंध इस बैठक के बाद किस दिशा में जा सकते हैं?
दोनों देशों ने रणनीतिक सहयोग गहरा करने और वैश्विक दक्षिण के लिए सहयोग की मिसाल कायम करने पर सहमति जताई है। आने वाले महीनों में द्विपक्षीय निवेश और रक्षा सहयोग के नए समझौते संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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