ईरान का पाकिस्तान को बड़ा झटका: सेलेन जहाज को होर्मुज से लौटाया गया
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने सेलेन जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से लौटाया।
- यह घटना कूटनीतिक वार्ता की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है।
- सेलेन जहाज ने निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया।
- पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिशें की हैं।
नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पाकिस्तान के सेलेन नामक जहाज को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में प्रवेश करने से रोक दिया। इसकी मुख्य वजह यह बताई गई कि जहाज ने निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया और संबंधित विभाग से इजाजत नहीं ली। इस घटना का समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार है। इस कदम के माध्यम से ईरान ने संभवतः यह संकेत देने की कोशिश की है कि वह फिलहाल किसी कूटनीतिक बातचीत का हिस्सा नहीं है।
एआईएस ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, सेलेन, जो २३ मार्च को देर रात शारजाह एंकरेज से निकला था, पाकिस्तान की ओर निर्धारित मार्ग पर जा रहा था। लेकिन होर्मुज के पास अचानक उसने अपना रास्ता बदलकर खाड़ी में लौटने का निर्णय लिया। आईआरजीसी का कहना है कि जहाज के पास 'लीगल क्लियरेंस' नहीं था।
आईआरआईबी (इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग) ने आईआरजीसी के रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी के हवाले से बताया कि जहाज ने नियमों का पालन नहीं किया इसीलिए उसे वापस भेज दिया गया।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों को पहले ईरान के अधिकारियों से इजाजत लेनी होगी। इक्वासिस डेटा के अनुसार, सेलेन (आईएमओ: ९२०८४५९) सेंट किट्स एंड नेविस का झंडा वाला एक छोटा फीडर कंटेनरशिप है और यह दुबई की एक्सीड ओशनिक ट्रेडिंग एलएलसी के अधीन है।
यह घटना उस समय हुई है जब पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की तैयारी कर रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद कहा है कि इस्लामाबाद संघर्ष के संपूर्ण समाधान के लिए प्रयास करने को 'तैयार' है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर शरीफ के बयान को साझा करके इस प्रस्ताव को और मजबूती दी, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वॉशिंगटन इसमें भाग लेगा या नहीं। इन संकेतों के बावजूद, ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि कोई बातचीत नहीं चल रही है और उसने संघर्ष जारी रखने का अपना इरादा दोहराया है।