दिल्ली इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी 2025: मोर-थीम सजावट, 1008 व्यंजनों का भोग और 1,700 सुरक्षाकर्मी तैनात
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर में 4 सितंबर को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। इस वर्ष मंदिर को विशेष मोर-थीम पर सजाया जा रहा है, भगवान श्रीकृष्ण के लिए 1008 प्रकार के व्यंजनों का भोग तैयार किया जाएगा और सुरक्षा के लिए कुल 1,700 कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
मोर-थीम श्रृंगार और भव्य सजावट
इस्कॉन मंदिर के उपाध्यक्ष बृजनंदन दास ने बताया, "इस बार प्रभु का श्रृंगार बहुत ही सुंदर मोर की थीम पर तैयार किया जा रहा है। मंदिर प्रांगण की सजावट भी बेहद भव्य तरीके से की जा रही है।" उन्होंने जानकारी दी कि सजावट के लिए थाईलैंड और बेंगलुरु से विशेष फल और फूल मंगाए जा रहे हैं, क्योंकि वहाँ के फूल अधिक दिनों तक ताज़े रहते हैं। मंदिर को फूलों और रोशनी से आकर्षक रूप दिया जा रहा है।
1008 व्यंजनों का महाभोग
बृजनंदन दास के अनुसार, भगवान के लिए 1008 प्रकार के व्यंजनों का भोग तैयार किया जाएगा। मंदिर की रसोई में 4 सितंबर की सुबह से ही व्यंजन बनाने का कार्य आरंभ हो जाएगा। दर्शन के बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश नियम
इस्कॉन प्रबंधन ने इस वर्ष सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी है। बृजनंदन दास ने बताया कि कुल 1,200 सिक्योरिटी गार्ड दो पालियों में तैनात रहेंगे — प्रत्येक पाली में 600 गार्ड — और इसके अतिरिक्त दिल्ली पुलिस के 500 जवान भी मौके पर मौजूद रहेंगे। फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ भी परिसर में तैनात रहेंगी। प्रवेश के लिए आम श्रद्धालुओं का गेट नंबर 1 होगा, जबकि दानदाता और वीआईपी श्रद्धालु गेट नंबर 7 से लोटस मंदिर की ओर से प्रवेश करेंगे। कार पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था की गई है।
जन्माष्टमी का कार्यक्रम
उपाध्यक्ष ने दिनभर के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सुबह 4 बजे मंदिर के गेट खुलेंगे और 4:30 बजे भगवान का पट खुलने के साथ मंगला आरती होगी। सुबह 7:30 बजे श्रृंगार आरती का आयोजन होगा और दिनभर मंदिर के हॉल में कीर्तन चलता रहेगा। गेट खुलने से पहले ही हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु पंक्ति में खड़े हो जाते हैं।
वैश्विक आयोजन का हिस्सा
बृजनंदन दास ने बताया कि इस्कॉन पूरे विश्व में जन्माष्टमी मनाता है और नई दिल्ली का यह आयोजन उस वैश्विक उत्सव का एक प्रमुख केंद्र है। उनके अनुसार, "इस्कॉन चाहता है कि सभी दर्शनार्थी प्रेम के साथ भगवान के दर्शन करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।" यह आयोजन राजधानी के सबसे बड़े धार्मिक उत्सवों में से एक माना जाता है, जो हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।