क्या इजरायली नौसेना ने यमन की राजधानी पर बड़ा हमला किया?

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क्या इजरायली नौसेना ने यमन की राजधानी पर बड़ा हमला किया?

सारांश

इजरायली नौसेना ने यमन की राजधानी सना के पास एक बिजली संयंत्र पर हमला किया, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आईडीएफ का कहना है कि यह कार्रवाई हूती विद्रोहियों को सबक सिखाने के लिए की गई थी। क्या इस हमले के पीछे कोई बड़ी रणनीति है? जानें इस विस्तृत रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

इजरायली नौसेना ने यमन के बिजली संयंत्र पर हमला किया।
हमले का उद्देश्य हूती विद्रोहियों को सबक सिखाना था।
बिजली आपूर्ति और जनरेटर सेवा बाधित हुई।
इजरायल ने पहले भी यमन पर हमले किए हैं।
इस हमले का क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रभाव पड़ सकता है।

नई दिल्ली, 17 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। इजरायली नौसेना ने रविवार सुबह यमन की राजधानी सना के दक्षिण में स्थित हाजिज बिजली संयंत्र पर एक घातक हमला किया। इस हमले के कारण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और जनरेटर सेवा में बाधा उत्पन्न हो गई। इस हमले की पुष्टि इजरायली नौसेना के एक अधिकारी ने की है। आईडीएफ के अनुसार, यह हमला हूती विद्रोहियों को सबक सिखाने के लिए किया गया था।

इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने एक बयान में कहा कि इस संयंत्र पर हूती विद्रोहियों का कब्जा था और इसलिए यह कार्रवाई की गई। सना के दक्षिण में स्थित हाजिज पावर स्टेशन को निशाना बनाया गया, जो राजधानी को बिजली आपूर्ति करने वाले प्रमुख केंद्रों में से एक है।

अल मसीरा टीवी, जो हूती विद्रोहियों द्वारा संचालित है, ने नागरिक सुरक्षा विभाग के एक सूत्र के हवाले से बताया कि टीमें घटना के कारण लगी आग बुझाने में जुटी हैं।

एक इजरायली रक्षा अधिकारी ने कहा, "यह हमला नौसेना की मिसाइल नौकाओं की मदद से अंजाम दिया गया। यह यमन में नौसेना का दूसरा हमला है, जबकि जून में हूती नियंत्रण वाले होदेदा बंदरगाह पर भी हमला किया गया था। इजरायल ने अब तक अपनी वायु सेना के लड़ाकू विमानों का उपयोग हमलों के लिए किया था।

इस बीच, हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर सात बैलिस्टिक मिसाइलें और कम से कम सात ड्रोन दागे हैं, लेकिन इससे इजरायल में किसी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।

आईडीएफ के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने पिछले गुरुवार को भी बैलिस्टिक मिसाइल से इजरायल पर हमला किया था, जिसे इजरायली सेना ने सफलतापूर्वक रोक दिया। 7 अक्टूबर 2023 के हमास नरसंहार के एक महीने बाद, नवंबर 2023 में इजरायल और समुद्री यातायात पर हमले शुरू हुए थे।

जनवरी 2025 में इजरायल और हमास के बीच हुए युद्ध विराम के दौरान, हूती ने अपनी गोलीबारी रोक दी थी। उस समय तक, उन्होंने इजरायल पर 40 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और दर्जनों हमलावर ड्रोन और क्रूज मिसाइलें दागी थीं, जिनमें से एक मिसाइल ने जुलाई में तेल अवीव में एक नागरिक को मार डाला और कई अन्य को घायल कर दिया था। इसके बाद इजरायल ने यमन पर पहला हमला किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समझना महत्वपूर्ण है कि इस संघर्ष का प्रभाव क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ेगा। एक राष्ट्रीय संपादक के रूप में, हमें अपने देश के हितों की रक्षा करने के लिए सतर्क रहना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इजरायली नौसेना ने यमन पर क्यों हमला किया?
इजरायली नौसेना ने हूती विद्रोहियों को सबक सिखाने के लिए यमन के एक बिजली संयंत्र पर हमला किया।
क्या इस हमले से कोई नुकसान हुआ?
हमले के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, लेकिन इजरायल में किसी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
हूती विद्रोहियों ने जवाब में क्या किया?
हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए हैं।
इजरायल के पिछले हमलों के मुकाबले यह हमला कैसे है?
यह हमला यमन में इजरायल द्वारा किया गया दूसरा हमला है, जबकि पहले इजरायल ने अपनी वायु सेना का उपयोग किया था।
क्या इस हमले का क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रभाव पड़ेगा?
जी हां, यह हमला क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है, खासकर इजरायल और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए।
राष्ट्र प्रेस
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