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लखनऊ में जगद्गुरु रामभद्राचार्य की 9 दिवसीय श्रीराम कथा आज से, CM योगी के आने की संभावना

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लखनऊ में जगद्गुरु रामभद्राचार्य की 9 दिवसीय श्रीराम कथा आज से, CM योगी के आने की संभावना

सारांश

लखनऊ के बृज की रसोई परिसर में 1 से 9 जून तक पद्म विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य की नौ दिवसीय श्रीराम कथा शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की संभावना है। नौ दिनों में राम जन्म से राज्याभिषेक तक के प्रसंगों का वर्णन होगा।

मुख्य बातें

1 जून से 9 जून 2026 तक लखनऊ के बृज की रसोई परिसर में नौ दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन।
कथा का वाचन पद्म विभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना; सरकार के कई मंत्री अलग-अलग दिन उपस्थित रहेंगे।
चौथे दिन राम जन्मोत्सव, छठे दिन सीता-राम विवाह और 9 जून को राज्याभिषेक प्रसंग प्रमुख।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य दृष्टिबाधित होने के बावजूद 250 से अधिक पुस्तकों के रचयिता और अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में महत्वपूर्ण गवाह रहे हैं।
समापन 9 जून को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे ; महाप्रसाद वितरण के साथ भव्य भंडारे का आयोजन।

लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में 1 जून से 9 जून 2026 तक नौ दिवसीय भव्य श्रीराम कथा का आयोजन शुरू हो रहा है। इस कथा का वाचन पद्म विभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य करेंगे, जो अपने प्रवचनों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति के मूल्यों का संदेश देंगे। आयोजन समिति के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।

कार्यक्रम की विशेष तैयारियाँ

मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं। आयोजन समिति ने बताया कि योगी सरकार के कई मंत्री अलग-अलग दिनों में कथा में सम्मिलित होंगे। उल्लेखनीय है कि 23 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति पर आधारित कथा मंच का पोस्टर जारी किया था और कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएँ दी थीं।

नौ दिनों का कार्यक्रम विवरण

कथा के पहले दिन कलश यात्रा, गुरु वंदना और भरद्वाज-याज्ञवल्क्य संवाद का वर्णन होगा। दूसरे दिन माता सीता के प्राकट्य की कथा, तीसरे दिन भगवान शिव विवाह और चौथे दिन श्रीराम जन्मोत्सव का प्रसंग रहेगा।

पाँचवें दिन बाल लीला तथा राम के वनगमन, छठे दिन सीता-राम विवाह और सातवें दिन राम वनवास, केवट संवाद एवं राम-भरत मिलाप की कथा सुनाई जाएगी। आठवें दिन सीता हरण और शबरी चरित्र का प्रसंग होगा।

कथा का समापन 9 जून को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा, जिसमें लंका दहन, अयोध्या आगमन, भगवान राम का राज्याभिषेक और भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। समापन पर श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया जाएगा।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य: परिचय और योगदान

दृष्टिबाधित होने के बावजूद 250 से अधिक पुस्तकों की रचना कर चुके जगद्गुरु रामभद्राचार्य शिक्षा, साहित्य और अध्यात्म के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए देशभर में सम्मानित हैं। केंद्र सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से नवाज़ा है। वे अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मामले में महत्वपूर्ण गवाह भी रहे हैं।

आयोजन का सामाजिक संदेश

आयोजकों का कहना है कि यह श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक परंपराओं, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र जागरण को मज़बूत करने का माध्यम भी है। भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेकर यह कथा सेवा, सदाचार और कर्तव्य भावना को बढ़ावा देती है।

गौरतलब है कि इस तरह के बड़े धार्मिक आयोजन उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कार्यकाल में नियमित रूप से आयोजित होते रहे हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सतत प्रयास का हिस्सा हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित सांस्कृतिक राजनीति का हिस्सा है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य की उपस्थिति इस आयोजन को धार्मिक वैधता देती है, क्योंकि वे अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में गवाह रहे हैं और पद्म विभूषण से सम्मानित हैं। मुख्यमंत्री की 'संभावित' उपस्थिति को लेकर जो तैयारियाँ हो रही हैं, वे यह भी दर्शाती हैं कि धार्मिक मंचों पर राजनीतिक उपस्थिति अब सामान्य प्रशासनिक चलन बन चुकी है। इस पृष्ठभूमि में यह प्रश्न प्रासंगिक है कि राज्य संसाधनों का उपयोग धार्मिक कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था में किस हद तक उचित है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ में जगद्गुरु रामभद्राचार्य की श्रीराम कथा कब और कहाँ होगी?
यह नौ दिवसीय श्रीराम कथा 1 जून से 9 जून 2026 तक लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में आयोजित होगी। कथा का समापन 9 जून को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य कौन हैं?
जगद्गुरु रामभद्राचार्य पद्म विभूषण से सम्मानित धर्माचार्य हैं, जो दृष्टिबाधित होने के बावजूद 250 से अधिक पुस्तकों की रचना कर चुके हैं। वे शिक्षा, साहित्य और अध्यात्म के क्षेत्र में योगदान के लिए देशभर में सम्मानित हैं और अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में महत्वपूर्ण गवाह भी रहे हैं।
क्या CM योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम में शामिल होंगे?
आयोजन समिति के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। उनके संभावित दौरे को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं, और सरकार के कई मंत्री अलग-अलग दिनों में उपस्थित रहेंगे।
नौ दिवसीय राम कथा में कौन-कौन से प्रमुख प्रसंग होंगे?
चौथे दिन श्रीराम जन्मोत्सव, छठे दिन सीता-राम विवाह और नौवें दिन (9 जून) श्रीराम राज्याभिषेक के प्रसंग प्रमुख रहेंगे। इसके अलावा पहले दिन कलश यात्रा, सातवें दिन राम-भरत मिलाप और आठवें दिन सीता हरण व शबरी चरित्र का वर्णन होगा।
इस कथा का सामाजिक महत्व क्या बताया गया है?
आयोजकों के अनुसार यह श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि नैतिक मूल्यों, पारिवारिक परंपराओं, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र जागरण को मज़बूत करने का माध्यम भी है। भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर यह कथा सेवा, सदाचार और कर्तव्य भावना को बढ़ावा देती है।
राष्ट्र प्रेस
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