जामताड़ा में 4 महीने से मानदेय नहीं: सफाईकर्मियों ने सड़कों पर कचरा फेंक जताया विरोध
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के जामताड़ा में नगर पंचायत के सफाईकर्मियों ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को एक अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया — उन्होंने शहर की मुख्य सड़कों पर कचरा फेंककर प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। सफाईकर्मियों के अनुसार, उन्हें पिछले चार महीनों से मानदेय नहीं मिला है, और बार-बार शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। यह प्रदर्शन दुर्गापूजा के त्योहारी मौसम के बीच हुआ, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए।
विरोध का तरीका और मार्ग
प्रदर्शन नगर पंचायत कार्यालय से शुरू होकर सुभाष चौक से टावर चौक तक पहुँचा। इस दौरान सफाईकर्मियों ने जमा कचरा सड़कों पर बिखेर दिया, जिससे शहर में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। त्योहार के दौरान शहर में पहले से ही भीड़भाड़ थी, ऐसे में इस विरोध ने आम नागरिकों की परेशानी और बढ़ा दी।
सफाईकर्मियों की माँग और शिकायत
प्रदर्शनकारी सफाईकर्मियों ने बताया कि वे चार महीने से बकाया मानदेय के लिए संबंधित अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लंबे समय तक भुगतान न होने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जामताड़ा नगर पंचायत की कार्यपालक अधिकारी सोमा खंडेत ने बताया कि उन्हें इस प्रदर्शन की जानकारी मिल चुकी है और आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। हालाँकि, बकाया चार महीने के मानदेय के भुगतान की कोई स्पष्ट समयसीमा अब तक सामने नहीं आई है।
आम जनता और त्योहार पर असर
यह घटना ऐसे समय में आई है जब दुर्गापूजा के चलते जामताड़ा में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर हैं। सफाईकर्मियों के हड़ताल पर जाने से शहर में कचरा संग्रहण बाधित होने की आशंका है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से चिंताजनक है। गौरतलब है कि यह मामला राज्य की नगर पंचायतों में कर्मचारियों को समय पर भुगतान न होने की व्यापक समस्या की ओर भी इशारा करता है।
आगे क्या होगा
सफाईकर्मियों ने साफ कर दिया है कि बकाया मानदेय मिलने तक विरोध जारी रहेगा। प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिला है, लेकिन ठोस घोषणा के अभाव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। त्योहारी सीजन में यह विवाद जल्द सुलझाना नगर पंचायत के लिए बड़ी चुनौती है।