5 नवंबर 2026
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भोपाल में सफाई कर्मियों की हड़ताल तीसरे दिन जारी, ₹25,000 वेतन की मांग; दीपावली से पहले शहर में कचरे के ढेर

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भोपाल में सफाई कर्मियों की हड़ताल तीसरे दिन जारी, ₹25,000 वेतन की मांग; दीपावली से पहले शहर में कचरे के ढेर

सारांश

दीपावली से ठीक पहले भोपाल के सफाई कर्मचारी ₹25,000 न्यूनतम वेतन की माँग को लेकर तीन दिनों से हड़ताल पर हैं। 85 वार्डों में कचरा संग्रह बंद है, गाड़ियाँ निगम परिसर में खड़ी हैं और शहर में गंदगी के ढेर लग गए हैं। निगम की नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

भोपाल के सफाई कर्मचारी 5 नवंबर 2026 से नगर निगम के खिलाफ हड़ताल पर हैं।
प्रमुख माँग: न्यूनतम ₹25,000 मासिक वेतन और वर्षों से लंबित सुविधाओं की पूर्ति।
शहर के 85 वार्डों और 19 जोन में कचरा संग्रह पूरी तरह ठप; गाड़ियाँ निगम परिसर में खड़ी।
नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी (कांग्रेस) ने कहा — निगम करोड़ों के काम मंजूर करती है, कर्मचारियों की समस्याएँ अनदेखी।
दीपावली नजदीक होने से स्थिति और नाजुक; हड़ताल जारी रही तो त्योहार पर शहर में गंदगी का संकट गहराएगा।

भोपाल के नगर निगम के सफाई कर्मचारी 5 नवंबर 2026 को लगातार तीसरे दिन भी हड़ताल पर डटे रहे, जिससे मध्य प्रदेश की राजधानी की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। कर्मचारियों की प्रमुख माँग न्यूनतम ₹25,000 मासिक वेतन और वर्षों से लंबित अन्य सुविधाओं की पूर्ति है।

हड़ताल की मुख्य वजह

सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन बीते कई वर्षों से उन्हें केवल आश्वासन देता आया है। कर्मचारियों के अनुसार, हर बार बातचीत में वादा किया जाता है कि माँगें जल्द पूरी होंगी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस बार उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक माँगें मान नहीं ली जातीं, वे काम पर नहीं लौटेंगे।

शहर में बिगड़ते हालात

हड़ताल के तीन दिनों में भोपाल के 85 वार्डों और 19 जोन में कचरा संग्रह पूरी तरह बंद है। सफाई गाड़ियाँ नगर निगम परिसर में ही खड़ी हैं, और घरों का कचरा घरों के भीतर जमा हो रहा है। सड़कों और गलियों में गंदगी के ढेर लग गए हैं।

यह संकट ऐसे समय में उभरा है जब दीपावली का त्योहार नजदीक है — वह पर्व जो परंपरागत रूप से साफ-सफाई और स्वच्छता से जोड़ा जाता है। यदि हड़ताल जल्द नहीं सुलझी, तो त्योहार के दौरान शहर में गंदगी की स्थिति और विकट हो सकती है।

नेता प्रतिपक्ष की प्रतिक्रिया

नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि कांग्रेस की ओर से निगम की हर बैठक में सफाई कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं का मसला प्राथमिकता के तौर पर एजेंडे में रखा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम परिषद करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों को तो मंजूरी दे देती है, लेकिन सफाई कर्मचारियों की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता।

आम नागरिकों पर असर

राजधानी के निवासियों को अब घरों में कचरा रोककर रखना पड़ रहा है, क्योंकि संग्रह गाड़ियाँ तीन दिनों से नहीं आई हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कचरे का लंबे समय तक जमा रहना संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ा सकता है, खासकर त्योहारी मौसम में जब घरों में आवाजाही अधिक होती है।

आगे क्या होगा

सफाई कर्मचारी नगर निगम मुख्यालय पर जमा हैं और उन्हें अन्य कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। फिलहाल निगम प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक वार्ता का संकेत नहीं मिला है। यदि अगले चौबीस से अड़तालीस घंटों में बातचीत नहीं हुई, तो दीपावली तक शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह बाधित रहने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जो कर्मचारी शहर को रोज स्वच्छ रखते हैं, उनकी न्यूनतम वेतन माँग सालों तक फाइलों में दबी रहती है। दीपावली जैसे 'स्वच्छता के पर्व' पर राजधानी में कचरे के ढेर — यह विरोधाभास प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सबसे तीखा सवाल है। जब तक सफाई कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तें संस्थागत रूप से नहीं सुधरतीं, ऐसी हड़तालें बार-बार होती रहेंगी।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोपाल में सफाई कर्मचारी हड़ताल पर क्यों गए हैं?
भोपाल के नगर निगम सफाई कर्मचारी न्यूनतम ₹25,000 मासिक वेतन और वर्षों से लंबित अन्य सुविधाओं की माँग को लेकर हड़ताल पर हैं। उनका आरोप है कि नगर निगम बीते कई सालों से केवल आश्वासन देता आया है, कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
भोपाल में सफाई हड़ताल कब से चल रही है और इसका क्या असर हुआ है?
हड़ताल 5 नवंबर 2026 से शुरू होकर तीसरे दिन भी जारी है। इससे शहर के 85 वार्डों और 19 जोन में कचरा संग्रह पूरी तरह बंद हो गया है और सड़कों-गलियों में गंदगी के ढेर लग गए हैं।
दीपावली से पहले हड़ताल का क्या खतरा है?
दीपावली नजदीक होने के कारण यदि हड़ताल जल्द नहीं सुलझी तो त्योहार के दौरान पूरे शहर में गंदगी की स्थिति और विकट हो सकती है। स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह संकट गंभीर है क्योंकि त्योहारी मौसम में आवाजाही अधिक होती है।
नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने क्या कहा?
नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी (कांग्रेस) ने आरोप लगाया कि निगम परिषद करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों को मंजूरी दे देती है, लेकिन सफाई कर्मचारियों की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान नहीं देती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर बैठक में इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाती आई है।
भोपाल नगर निगम के कितने वार्डों पर हड़ताल का असर पड़ा है?
भोपाल में कुल 85 वार्ड और 19 जोन हैं और लगभग सभी इलाकों की सफाई व्यवस्था बाधित है। सफाई गाड़ियाँ नगर निगम परिसर में ही खड़ी हैं और घरों से कचरा नहीं उठाया जा रहा।
राष्ट्र प्रेस
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