6 अगस्त 2026
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पटना नगर निगम सफाईकर्मियों की 8 दिन की हड़ताल खत्म, मंत्री नीतीश मिश्रा से वार्ता में बनी सहमति

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पटना नगर निगम सफाईकर्मियों की 8 दिन की हड़ताल खत्म, मंत्री नीतीश मिश्रा से वार्ता में बनी सहमति

सारांश

पटना में 8 दिनों से जारी सफाईकर्मियों की हड़ताल मंत्री नीतीश मिश्रा से वार्ता के बाद खत्म हो गई। बारिश के बीच कूड़े के अंबार और संक्रमण के खतरे से जूझ रहे शहर को अब राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

पटना समेत बिहार के नगर निकायों में 8 दिनों से चल रही सफाईकर्मियों की हड़ताल 6 अगस्त को समाप्त हो गई।
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा के साथ वार्ता में अधिकांश प्रमुख मांगों पर सहमति बनी।
आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने का निर्णय लिया गया।
शेष मांगों के लिए समिति गठित की जाएगी; कुछ मामलों में मंत्रिपरिषद की स्वीकृति आवश्यक होगी।
महापौर सीता साहू की अध्यक्षता में हुई विशेष बैठक में मांगों से संबंधित प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भेजने का निर्णय लिया गया।

बिहार की राजधानी पटना समेत राज्य के नगर निकायों में 8 दिनों से चल रही सफाईकर्मियों की हड़ताल गुरुवार, 6 अगस्त को समाप्त हो गई। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा और सफाईकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता में प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद संघर्ष समिति ने आंदोलन वापस लेने और कर्मचारियों के काम पर लौटने की घोषणा की। इस निर्णय से पटना सहित अन्य नगर निकायों में सफाई व्यवस्था के शीघ्र सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है।

हड़ताल का असर और शहर की स्थिति

आठ दिनों की इस हड़ताल के दौरान पटना की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। सड़कों, बाज़ारों, मोहल्लों और रिहायशी इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए थे। लगातार हो रही बारिश के बीच गीला कचरा जमा होने से दुर्गंध फैल रही थी और कई इलाकों में संक्रमण का खतरा भी बढ़ने लगा था। शहरवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले में सक्रिय हस्तक्षेप किया।

सरकार और कर्मचारियों के बीच वार्ता

नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने सफाईकर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बातचीत की। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। वार्ता के दौरान कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई और अधिकांश मांगों पर सहमति बन गई। अन्य मांगों पर सरकार ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने अधिकारियों को हर हाल में हड़ताल समाप्त कराने के निर्देश दिए थे।

मंत्री और महापौर का बयान

बैठक के बाद मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा, 'सभी कर्मचारियों का धन्यवाद, जिन्होंने हम पर विश्वास किया। जो हमारे शहर को साफ रखने का काम करते हैं, उनके लिए जो भी आवश्यक निर्णय लेने होंगे, हम करेंगे। कई मांगों पर सहमति बन गई है। कुछ मामलों के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जबकि कुछ निर्णय ऐसे हैं, जिनके लिए मंत्रिपरिषद की स्वीकृति आवश्यक होगी।' इससे पहले पटना नगर निगम में महापौर सीता साहू की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति की विशेष बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें कर्मचारियों की अधिकांश मांगें नगर निगम के अधिकार क्षेत्र से बाहर होने की बात स्पष्ट की गई। बैठक में सर्वसम्मति से इन मांगों से संबंधित प्रस्ताव नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजने का निर्णय लिया गया। महापौर सीता साहू ने उम्मीद जताई कि बनी सहमति से सफाई व्यवस्था शीघ्र पूरी तरह बहाल हो जाएगी।

दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने का निर्णय

गौरतलब है कि आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई समाप्त करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे वार्ता का रास्ता आसान हुआ और दोनों पक्षों के बीच सहमति संभव हो सकी। यह कदम कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

आगे क्या होगा

जिन मांगों पर अभी निर्णय नहीं हुआ है, उनके लिए समिति गठित की जाएगी और कुछ मामलों में मंत्रिपरिषद की स्वीकृति ली जाएगी। सफाईकर्मियों के काम पर लौटने के साथ ही पटना शहर में स्वच्छता व्यवस्था के पुनः पटरी पर आने की उम्मीद है, हालांकि बारिश के मौसम में जमा हुए कचरे की सफाई में कुछ दिन और लग सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे प्रशासनिक विफलता और स्पष्ट हो गई। सरकार का हस्तक्षेप तब हुआ जब सार्वजनिक दबाव चरम पर पहुँच गया — सवाल यह है कि जो मांगें आज मान ली गईं, वे पहले क्यों नहीं सुनी गईं। दंडात्मक कार्रवाई वापस लेना सही कदम है, लेकिन बिना दीर्घकालिक नीतिगत बदलाव के ऐसी हड़तालें बार-बार होती रहेंगी।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना नगर निगम सफाईकर्मियों की हड़ताल कब और क्यों खत्म हुई?
पटना नगर निगम सफाईकर्मियों की हड़ताल 6 अगस्त 2026 को खत्म हुई, जब नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा के साथ वार्ता में प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई। संघर्ष समिति ने इसके बाद आंदोलन वापस लेने की घोषणा की।
सफाईकर्मियों की हड़ताल से पटना में क्या असर पड़ा?
8 दिनों की हड़ताल के दौरान पटना की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई — सड़कों, बाज़ारों और मोहल्लों में कूड़े के ढेर लग गए। बारिश के बीच गीला कचरा जमा होने से दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बढ़ गया था।
सफाईकर्मियों की कौन-सी मांगें मानी गईं?
वार्ता में अधिकांश प्रमुख मांगों पर सहमति बनी और आंदोलन के दौरान की गई दंडात्मक कार्रवाई वापस लेने का निर्णय लिया गया। शेष मांगों के लिए समिति गठित की जाएगी, जबकि कुछ मामलों में मंत्रिपरिषद की स्वीकृति ली जाएगी।
पटना नगर निगम की महापौर ने हड़ताल पर क्या कहा?
महापौर सीता साहू ने कहा कि पटना नगर निगम हमेशा सफाईकर्मियों के हितों के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और कर्मचारियों के बीच बनी सहमति से सफाई व्यवस्था शीघ्र पूरी तरह बहाल हो जाएगी।
अब पटना में सफाई व्यवस्था कब तक सामान्य होगी?
सफाईकर्मियों के काम पर लौटने की घोषणा के बाद सफाई व्यवस्था बहाल होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि बारिश के मौसम में 8 दिनों में जमा हुए कचरे की पूरी सफाई में कुछ और दिन लग सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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