सहरसा नगर निगम: 266 सफाईकर्मियों की चार दिवसीय हड़ताल खत्म, वेतन वृद्धि और EPFO भुगतान पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
सहरसा नगर निगम के 266 सफाईकर्मियों की चार दिवसीय हड़ताल 14 मई 2026 को समाप्त हो गई, जब नगर प्रशासन ने वेतन वृद्धि, समय पर भुगतान और लंबित भत्तों से जुड़ी मांगें स्वीकार कर लीं। नगर आयुक्त प्रभात झा ने पुष्टि की कि हड़ताल की अवधि में शहर में थोड़ी अव्यवस्था ज़रूर उत्पन्न हुई, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो रही है।
मुख्य घटनाक्रम
नगर आयुक्त प्रभात झा ने बताया कि 16 जनवरी को हुई पिछली हड़ताल की समाप्ति के बाद कर्मचारियों की वेतन वृद्धि की मांग को स्वीकार किया गया था और 266 कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी कर दी गई है। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि अब हर माह की 5 तारीख तक कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाएगा।
EPFO और बकाया भुगतान की स्थिति
झा ने बताया कि 266 कर्मियों के EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) का भुगतान कर दिया गया है। हालांकि, तकनीकी कारणों से चार माह के भीतर पूरे वर्ष का ईपीएफ जमा करने की व्यवस्था की जाएगी। बकाया वेतन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रशासन इस मामले में सकारात्मक है और इसी माह बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
नियमितीकरण की मांग पर स्थिति
सफाईकर्मियों की एक प्रमुख मांग — सेवा नियमितीकरण — के बारे में नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यह मामला नगर निगम के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। उन्होंने कहा कि इस मांग को संबंधित विभाग को प्रेषित किया जाएगा और विभाग जो उचित समझेगा, उस पर निर्णय लेगा।
आम जनता पर असर
चार दिनों की हड़ताल के दौरान सहरसा शहर में सफाई व्यवस्था बाधित रही, जिससे नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ा। हड़ताल समाप्त होने के बाद सफाई कार्य पुनः शुरू हो गया है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नगर निगम कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों को लेकर विवाद लगातार सामने आ रहे हैं।
आगे की राह
नगर आयुक्त प्रभात झा ने कहा कि प्रशासन ने कर्मचारियों की एक-एक मांग को ध्यान से पढ़ते हुए उन्हें पूरा किया है। आने वाले समय में EPFO के तकनीकी मुद्दों के समाधान और बकाया भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति और अधिक सुचारू होने की उम्मीद है।