मुंबई झुग्गी बस्तियों में साल भर नाली सफाई का ऐलान, BJP के गणेश कनेकर ने उठाए BMC के अहम मुद्दे
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई की झुग्गी-बस्तियों में अब पूरे वर्ष नालियों की सफाई सुनिश्चित की जाएगी — यह ऐलान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) नेता गणेश कनेकर ने 11 अगस्त 2026 को किया। कनेकर ने सफाई कर्मचारियों के मानदेय से लेकर BMC स्कूलों में छात्रों को सुविधाएँ देने तक कई अहम मुद्दों पर अपना पक्ष रखा।
नाली सफाई: पुरानी व्यवस्था की वापसी
कनेकर ने बताया कि 10 वर्ष पूर्व तक मुंबई की छोटी-छोटी बस्तियों में साल भर नालों की सफाई नियमित रूप से होती थी। उनके अनुसार, दत्तक वस्ती योजना लागू होने के बाद न तो नालों की ठीक से सफाई हो रही है और न ही कचरा उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हमने कचरा संग्रह और नाली सफाई के काम को अलग करवाया है, ताकि नालों की सफाई वर्ष भर जारी रहे और बारिश के मौसम में होने वाली असुविधाओं से बचा जा सके।'
कनेकर ने यह भी याद दिलाया कि 20-25 वर्ष पूर्व नालियों में पानी भर जाना आम बात थी, लेकिन उस दौर में सफाई भी नियमित होती थी। उन्होंने कहा, 'हम उसी व्यवस्था को फिर से लागू करना चाहते हैं ताकि मुंबईवासियों को एक स्वच्छ शहर मिले।'
सफाई कर्मचारियों के मानदेय पर माँग
कनेकर ने BMC द्वारा सफाई कर्मचारियों को दिए जा रहे करीब ₹5,800 के मासिक मानदेय को 'बिल्कुल भी ठीक नहीं' बताया। उनका कहना है कि इसे बढ़ाकर ₹11,000 से ₹12,000 के बीच किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारी मन लगाकर और बेहतर तरीके से काम कर सकें। यह मुद्दा लंबे समय से BMC में विचाराधीन बताया जाता है।
मध्यमवर्गीय सोसाइटियों और कॉरपोरेटर फंड का सवाल
कनेकर ने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवार जो सामान्य आवासीय सोसाइटियों में रहते हैं, उन्हें भी नगर सेवा नीति के तहत विकास कार्यों का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जो नागरिक BMC को नियमित रूप से कर चुकाते हैं, उन्हें बेहतर सुविधाएँ और विकास पाने का पूरा अधिकार है। प्राइवेट लेआउट क्षेत्रों के लिए कॉरपोरेटर फंड का उपयोग भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
BMC स्कूलों में छात्रों को सामग्री वितरण
BMC स्कूलों में छात्रों को छाता, ड्रेस और अन्य स्कूली सामग्री वितरित करने के कार्यक्रम के बारे में कनेकर ने बताया कि यह काम नियमित रूप से जारी है और इसमें कोई रुकावट नहीं है।
आगे की राह
गणेश कनेकर के इन बयानों से स्पष्ट है कि BJP का BMC नेतृत्व मुंबई की बुनियादी नागरिक सेवाओं — विशेषकर स्वच्छता और सफाई कर्मचारियों की आजीविका — को केंद्र में रखकर आगे बढ़ना चाहता है। यह देखना अहम होगा कि इन घोषणाओं को जमीन पर लागू करने की समयसीमा और तंत्र क्या होगा।