अमित ठाकरे का पुणे पॉलिटेक्निक पर फूटा गुस्सा: 'कीड़े वाला खाना, गंदे शौचालय' — गणेशोत्सव बाद फिर निरीक्षण की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना (एमएनवीएस) के अध्यक्ष अमित ठाकरे ने 20 सितंबर 2026 को पुणे के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज की दुर्दशा पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त की, जहाँ छात्रों को कथित तौर पर कीड़े युक्त भोजन और दूषित पेयजल जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दौरे के बाद उन्होंने कॉलेज प्रिंसिपल और पुलिस को तत्काल सुधार का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि गणेशोत्सव समाप्त होते ही वे दोबारा निरीक्षण के लिए आएंगे।
पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थिति
अमित ठाकरे ने दौरे के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मैं वहाँ फिर से जाऊंगा — जैसे ही गणेशोत्सव खत्म होगा, मैं यह देखने के लिए सबसे पहले वहाँ जाऊंगा कि क्या समस्याएँ हल हो गई हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस और प्रिंसिपल दोनों से यह अपील है कि वहाँ की समस्याओं का समाधान किया जाए।
ठाकरे के अनुसार, कॉलेज में छात्र कीड़े वाला खाना खाने को मजबूर हैं, पीने के पानी में भी कीड़े हैं, शौचालयों की हालत अत्यंत खराब और गंदी है, और हॉस्टल भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। उन्होंने कहा, 'छात्रों को ऐसी हालत में नहीं रहना चाहिए — चाहे वे सरकारी संस्थान हों या निजी।'
सरकार पर निशाना: 'एसी कमरों से नहीं दिखती ज़मीनी हकीकत'
एमएनवीएस अध्यक्ष ने इस मौके पर महाराष्ट्र सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'एसी कमरे में बैठकर आप ज़मीनी हालात को नहीं समझ पाएंगे — किसानों से मिलिए।' उन्होंने कहा कि उन्होंने कई ऐसे वीडियो देखे हैं जिनमें किसान मंत्रियों के पास पहुँचकर उनसे मिलने और उनकी सुनने की गुहार लगाते हैं, लेकिन मंत्री उनकी बात सुने बिना चले जाते हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब मराठवाड़ा और विदर्भ के कई ज़िलों में सूखे जैसे हालात की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ठाकरे ने कहा, 'हो सकता है सरकार ने अभी तक सूखे की घोषणा न की हो, लेकिन कुदरत ने पहले ही सूखे जैसी स्थिति बना दी है।'
मराठवाड़ा-विदर्भ में सूखे की माँग
अमित ठाकरे ने स्पष्ट रूप से माँग की कि जिम्मेदार मंत्रियों को प्रभावित क्षेत्रों में सूखे की स्थिति आधिकारिक रूप से घोषित करनी चाहिए और किसानों को जो राहत चाहिए वह तुरंत दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि वे शीघ्र ही मराठवाड़ा और विदर्भ का दौरा करने जाएंगे।
गौरतलब है कि यह इलाका महाराष्ट्र में कृषि संकट के केंद्र के रूप में बार-बार चर्चा में आता है, और विपक्षी नेताओं द्वारा सरकार पर किसान-उपेक्षा का आरोप लगाना यहाँ के राजनीतिक परिदृश्य का एक स्थायी पहलू बन चुका है।
गणेशोत्सव का संदर्भ और आगे का कदम
अमित ठाकरे ने यह भी कहा कि वे हर साल पुणे आते हैं और गणेशोत्सव का अनुभव करना उन्हें बेहद पसंद है। उन्होंने उत्सव के वातावरण की सराहना करते हुए गौरी गणपति और पाँचवें दिन के उत्साह का उल्लेख किया। हालाँकि, उनका स्पष्ट संदेश था कि उत्सव की समाप्ति के तुरंत बाद वे पुणे पॉलिटेक्निक का दोबारा निरीक्षण करेंगे — और यदि स्थिति नहीं सुधरी तो आगे की कार्रवाई का रास्ता खुला रहेगा।