सूरजपुर में आदिवासी कल्याण विभाग के ड्राइवर लखनराम की संदिग्ध मौत, गड्ढे में मिला शव
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में आदिवासी कल्याण विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर के ड्राइवर लखनराम की 20 सितंबर 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, लखनराम ओडागी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के दूरदराज स्थित पर्सिया गांव में अपने जीजा के साथ पारंपरिक इलाज और झाड़-फूंक के लिए गया था, जहाँ से लौटते वक्त उसकी मौत हो गई। उसका शव घर से लगभग 100-200 मीटर की दूरी पर एक गड्ढे में मिला।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के मुताबिक, गाँव से वापसी के दौरान लखनराम ने अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन कर लिया था, जिससे वह चलने में असमर्थ हो गया। एक अन्य व्यक्ति की मदद से उसे एक नाले के पार ले जाया गया और एक परिचित के घर सोने के लिए छोड़ दिया गया।
अगली सुबह जब उसके जीजा उसे देखने पहुँचे, तो लखनराम वहाँ नहीं मिला। तलाश के बाद उसका शव घर से 100-200 मीटर दूर एक गड्ढे में मिला। घटना ने मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों के मन में मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
सूरजपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) योगेश कुमार देवांगन ने बताया कि मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। पुलिस को कथित तौर पर संदेह है कि अधिक शराब पीने के कारण लखनराम गड्ढे में गिरा और उसकी मौत हो गई। हालाँकि, देवांगन ने स्पष्ट किया कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जाँच के बाद ही सामने आएगी।
शव निकालने में बनी बड़ी बाधा
यह ऐसे समय में आया है जब पर्सिया गांव की सड़क संपर्क की स्थिति पहले से ही विवाद का विषय रही है। कीचड़ और जर्जर सड़कों के चलते गाँव तक वाहन नहीं पहुँच पाए, जिससे शव को बाहर निकालना अत्यंत कठिन हो गया।
ग्रामीणों और अन्य लोगों ने बेडशीट, कंबल और बाँस से एक अस्थायी स्ट्रेचर तैयार किया और शव को कंधे पर उठाकर उस स्थान तक पहुँचाया जहाँ वाहन पहुँच सके। गौरतलब है कि स्थानीय ग्रामीण हाल ही में पर्सिया गाँव को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
आम जनता पर असर
यह घटना छत्तीसगढ़ के दूरदराज आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे की बदहाली को फिर से उजागर करती है। पर्याप्त सड़क संपर्क न होने से न केवल आपात स्थितियों में राहत पहुँचाना मुश्किल होता है, बल्कि मृतकों के परिजनों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
क्या होगा आगे
पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है, जो मौत की सटीक वजह स्पष्ट करेगी। आगे की जाँच जारी है और परिजनों की आशंकाओं को देखते हुए अधिकारियों पर पारदर्शी जाँच का दबाव रहेगा।