20 सितंबर 2026
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सूरजपुर में आदिवासी कल्याण विभाग के ड्राइवर लखनराम की संदिग्ध मौत, गड्ढे में मिला शव

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सूरजपुर में आदिवासी कल्याण विभाग के ड्राइवर लखनराम की संदिग्ध मौत, गड्ढे में मिला शव

सारांश

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में आदिवासी कल्याण विभाग के ड्राइवर लखनराम की पारंपरिक इलाज के लिए गाँव जाने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई — शव गड्ढे में मिला। घटना ने दूरदराज आदिवासी गाँवों में सड़क संपर्क की बदहाली को भी उजागर किया।

मुख्य बातें

लखनराम , आदिवासी कल्याण विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर के ड्राइवर, की 20 सितंबर 2026 को सूरजपुर के पर्सिया गांव में संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
शव घर से लगभग 100-200 मीटर दूर एक गड्ढे में मिला; पुलिस को अत्यधिक शराब सेवन के बाद गड्ढे में गिरने का संदेह।
एएसपी योगेश कुमार देवांगन ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू करने की पुष्टि की; मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।
खराब सड़क के कारण ग्रामीणों को बाँस और कंबल से अस्थायी स्ट्रेचर बनाकर शव को कंधे पर उठाकर ले जाना पड़ा।
स्थानीय ग्रामीण पर्सिया गांव की सड़क सुधार के लिए हाल ही में विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में आदिवासी कल्याण विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर के ड्राइवर लखनराम की 20 सितंबर 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, लखनराम ओडागी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के दूरदराज स्थित पर्सिया गांव में अपने जीजा के साथ पारंपरिक इलाज और झाड़-फूंक के लिए गया था, जहाँ से लौटते वक्त उसकी मौत हो गई। उसका शव घर से लगभग 100-200 मीटर की दूरी पर एक गड्ढे में मिला।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के मुताबिक, गाँव से वापसी के दौरान लखनराम ने अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन कर लिया था, जिससे वह चलने में असमर्थ हो गया। एक अन्य व्यक्ति की मदद से उसे एक नाले के पार ले जाया गया और एक परिचित के घर सोने के लिए छोड़ दिया गया।

अगली सुबह जब उसके जीजा उसे देखने पहुँचे, तो लखनराम वहाँ नहीं मिला। तलाश के बाद उसका शव घर से 100-200 मीटर दूर एक गड्ढे में मिला। घटना ने मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों के मन में मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

सूरजपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) योगेश कुमार देवांगन ने बताया कि मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। पुलिस को कथित तौर पर संदेह है कि अधिक शराब पीने के कारण लखनराम गड्ढे में गिरा और उसकी मौत हो गई। हालाँकि, देवांगन ने स्पष्ट किया कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जाँच के बाद ही सामने आएगी।

शव निकालने में बनी बड़ी बाधा

यह ऐसे समय में आया है जब पर्सिया गांव की सड़क संपर्क की स्थिति पहले से ही विवाद का विषय रही है। कीचड़ और जर्जर सड़कों के चलते गाँव तक वाहन नहीं पहुँच पाए, जिससे शव को बाहर निकालना अत्यंत कठिन हो गया।

ग्रामीणों और अन्य लोगों ने बेडशीट, कंबल और बाँस से एक अस्थायी स्ट्रेचर तैयार किया और शव को कंधे पर उठाकर उस स्थान तक पहुँचाया जहाँ वाहन पहुँच सके। गौरतलब है कि स्थानीय ग्रामीण हाल ही में पर्सिया गाँव को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं।

आम जनता पर असर

यह घटना छत्तीसगढ़ के दूरदराज आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे की बदहाली को फिर से उजागर करती है। पर्याप्त सड़क संपर्क न होने से न केवल आपात स्थितियों में राहत पहुँचाना मुश्किल होता है, बल्कि मृतकों के परिजनों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

क्या होगा आगे

पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है, जो मौत की सटीक वजह स्पष्ट करेगी। आगे की जाँच जारी है और परिजनों की आशंकाओं को देखते हुए अधिकारियों पर पारदर्शी जाँच का दबाव रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन शव को कंधे पर उठाकर बाहर निकालने की मजबूरी यह बताती है कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में बुनियादी ढाँचे की स्थिति अब भी गंभीर है। यह पहली बार नहीं है जब दूरदराज के गाँव में सड़क न होने के कारण किसी की मौत के बाद भी परिजनों को अतिरिक्त पीड़ा झेलनी पड़ी हो। सवाल यह भी उठता है कि आदिवासी कल्याण विभाग से जुड़े एक कर्मचारी की मौत की जाँच में पारदर्शिता कितनी सुनिश्चित हो पाएगी — खासतौर पर जब परिजन खुद संदेह में हैं।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरजपुर में लखनराम की मौत कैसे हुई?
लखनराम पर्सिया गांव में पारंपरिक इलाज के लिए गया था और वापसी के दौरान कथित तौर पर अत्यधिक शराब पीने के बाद एक गड्ढे में गिर गया। अगली सुबह उसका शव घर से 100-200 मीटर दूर गड्ढे में मिला। मौत की सटीक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
लखनराम कौन थे और वे पर्सिया गांव क्यों गए थे?
लखनराम छत्तीसगढ़ के आदिवासी कल्याण विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर के ड्राइवर थे। वे अपने जीजा के साथ ओडागी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के पर्सिया गांव में झाड़-फूंक और पारंपरिक इलाज के लिए गए थे।
पुलिस इस मामले में क्या जाँच कर रही है?
सूरजपुर के एएसपी योगेश कुमार देवांगन ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच शुरू हो गई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है, जो मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करेगी।
शव को गांव से बाहर निकालने में इतनी मुश्किल क्यों हुई?
पर्सिया गांव तक जाने वाली सड़क की हालत इतनी खराब थी कि वाहन गांव तक नहीं पहुँच सके। ग्रामीणों ने बाँस, कंबल और बेडशीट से अस्थायी स्ट्रेचर बनाकर शव को कंधे पर उठाकर वाहन तक पहुँचाया।
पर्सिया गांव की सड़क का मुद्दा पहले भी उठा है?
हाँ, स्थानीय ग्रामीण हाल ही में पर्सिया गांव को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। इस घटना ने एक बार फिर आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सड़क संपर्क की कमी को उजागर किया है।
राष्ट्र प्रेस
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