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जन्माष्टमी 2025: नोएडा इस्कॉन मंदिर में विदेशी फूलों से भव्य श्रृंगार, हजारों श्रद्धालु उमड़े

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जन्माष्टमी 2025: नोएडा इस्कॉन मंदिर में विदेशी फूलों से भव्य श्रृंगार, हजारों श्रद्धालु उमड़े

सारांश

नोएडा का इस्कॉन मंदिर इस जन्माष्टमी पर विदेशों से मंगाए कई टन फूलों की भव्य सज्जा और सुबह 4 बजे से शुरू हुए भजन-कीर्तन के साथ श्रद्धा और उत्सव के रंग में रंगा रहा। हजारों भक्तों के उमड़ने पर विशेष सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू की गई।

मुख्य बातें

नोएडा इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी 2025 के अवसर पर विदेशों से मंगाए कई टन फूलों से भव्य श्रृंगार किया गया।
4 सितंबर की सुबह 4 बजे से भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन शुरू हुआ।
हजारों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना में शामिल होने के लिए उमड़े।
मंदिर परिसर में पुलिस व सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती और रूट डायवर्जन लागू किया गया।
देर रात श्रीकृष्ण जन्म के समय विशेष आरती का आयोजन किया गया।

नोएडा स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी 2025 के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियाँ पूरे उत्साह के साथ संपन्न हुईं। मंदिर परिसर को विदेशों से मंगाए गए कई टन रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और दिव्य बन गया। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना में भाग लेने के लिए मंदिर पहुँचने लगे।

भव्य श्रृंगार और फूलों की सजावट

इस्कॉन मंदिर प्रबंधन ने इस वर्ष जन्माष्टमी की सजावट के लिए विशेष प्रयास किए। विदेशों से आयातित कई टन फूलों से मंदिर के गर्भगृह, प्रांगण और मुख्य द्वारों को सजाया गया। रंग-बिरंगे पुष्पों की यह आकर्षक सज्जा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। मंदिर की भव्यता देख भक्तगण अभिभूत नजर आए।

भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम

4 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे से ही मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू हो गया। भक्त 'जय श्रीकृष्ण' और 'हरे कृष्ण' के जयघोष के साथ भगवान की भक्ति में लीन रहे। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, आरती और संकीर्तन के कार्यक्रम दिनभर आयोजित किए गए। देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय होने वाली विशेष आरती को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर और उसके आसपास पुलिस एवं सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती की गई। मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत की गई। यातायात प्रबंधन के तहत मंदिर के आसपास के मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया और वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए।

प्रशासन और मंदिर की अपील

मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। भक्तों से धैर्य रखने, निर्धारित रास्तों से आने-जाने और सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया गया। वाहन चालकों से कहा गया कि वे मंदिर के आसपास अनावश्यक रूप से वाहन न खड़ा करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

जन्माष्टमी का आध्यात्मिक महत्व

जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव है, जो हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। इस्कॉन मंदिर प्रतिवर्ष इस पर्व को विशेष भव्यता से मनाता है और देश-विदेश से श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं। इस वर्ष का आयोजन अपनी विशेष सज्जा और धार्मिक कार्यक्रमों के कारण विशेष रूप से चर्चा में रहा। आने वाले समय में भी मंदिर में ऐसे धार्मिक आयोजनों की परंपरा जारी रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु विदेशों से टन भर फूल आयात करने की प्रवृत्ति धार्मिक उत्सवों के बढ़ते व्यावसायिक स्वरूप पर भी विचार करने को प्रेरित करती है। यह भी गौरतलब है कि हजारों की भीड़ और विशेष सुरक्षा बंदोबस्त दर्शाते हैं कि शहरी धार्मिक आयोजनों में प्रशासनिक तैयारी अब उतनी ही अनिवार्य है जितनी धार्मिक। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर सजावट और भीड़ तक सीमित रह जाती है, जबकि इन आयोजनों की लॉजिस्टिक जटिलता और स्थानीय निवासियों पर यातायात के असर पर बहुत कम ध्यान दिया जाता है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी 2025 पर क्या विशेष आयोजन हुए?
नोएडा इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी 2025 पर विदेशों से मंगाए कई टन फूलों से भव्य श्रृंगार, सुबह 4 बजे से भजन-कीर्तन, विशेष पूजा-अर्चना और आरती के कार्यक्रम आयोजित किए गए। देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आरती का भी आयोजन हुआ।
नोएडा इस्कॉन मंदिर की सजावट के लिए फूल कहाँ से मंगाए गए?
मंदिर परिसर की सजावट के लिए विदेशों से कई टन रंग-बिरंगे फूल मंगाए गए। इन फूलों से मंदिर के गर्भगृह, प्रांगण और मुख्य द्वारों को सजाया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
जन्माष्टमी पर नोएडा इस्कॉन मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?
मंदिर परिसर और उसके आसपास पुलिस व सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती की गई। प्रवेश और निकास के लिए अलग मार्ग निर्धारित किए गए और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ाई गई।
जन्माष्टमी के दिन नोएडा इस्कॉन मंदिर के पास यातायात व्यवस्था में क्या बदलाव हुए?
मंदिर के आसपास के मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया और वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए। वाहन चालकों से अपील की गई कि वे मंदिर के पास अनावश्यक रूप से वाहन न खड़ा करें।
इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी का भजन-कीर्तन कब से शुरू हुआ?
4 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे से ही मंदिर में भजन-कीर्तन का कार्यक्रम शुरू हो गया। 'जय श्रीकृष्ण' और 'हरे कृष्ण' के जयघोष के साथ भक्त दिनभर भगवान की भक्ति में लीन रहे।
राष्ट्र प्रेस
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