ग्रेटर नोएडा: जनसेवा केंद्र में ₹80 हजार की लूट, आरोपी ओमकार गिरफ्तार — पिस्टल और बाइक बरामद
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना पुलिस ने मलकपुर गांव स्थित ओम शांति जनसेवा केंद्र में हुई सशस्त्र लूट का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। 20 अगस्त 2026 को हुई इस गिरफ्तारी में पुलिस ने आरोपी के पास से ₹46,250 नकद, वारदात में प्रयुक्त पिस्टल और बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की। फरार साथी की तलाश जारी है।
वारदात का घटनाक्रम
13 अगस्त 2026 को दोपहर के समय दो नकाबपोश बदमाश मोटरसाइकिल पर सवार होकर मलकपुर गांव स्थित ओम शांति जनसेवा केंद्र पहुंचे। दोनों ने हेलमेट पहन रखा था और पहचान छिपाने के लिए शर्ट के ऊपर दूसरी शर्ट भी डाल रखी थी। जनसेवा केंद्र का मालिक उस वक्त बाहर गया हुआ था और दुकान पर केवल एक कर्मचारी मौजूद था। बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर कर्मचारी को धमकाया और गल्ले में रखे ₹80,000 लूटकर मोटरसाइकिल से फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी गांव मलकपुर से आगे निकलकर पुस्ता की ओर जंगल के रास्ते से भागे थे। घटना की सूचना मिलते ही सूरजपुर थाना पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया।
जांच और गिरफ्तारी
वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपियों की गतिविधियों एवं संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। जांच में आरोपी ओमकार के बारे में अहम सुराग मिले, जिसके बाद पुलिस टीम ने 20 अगस्त 2026 को आईटीबीपी के सामने सर्विस रोड से उसे दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओमकार पुत्र बिजेंद्र, निवासी एफएम-137, कांशीराम कॉलोनी, सेक्टर ज्यू-2, थाना दादरी, गौतमबुद्धनगर के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 24 वर्ष बताई गई है।
पूछताछ में खुलासा
पूछताछ में ओमकार ने बताया कि वारदात से पहले वह किसी काम से जनसेवा केंद्र गया था, जहाँ उसने दुकान मालिक को गल्ले में रुपए रखते देखा था। इसके बाद उसने अपने साथी मोनू को इसकी सूचना दी और दोनों ने मिलकर लूट की योजना तैयार की। पुलिस के मुताबिक, लूट की रकम में से ₹60,000 ओमकार ने अपने पास रखे और ₹20,000 मोनू को दे दिए। पुलिस ने ओमकार के कब्जे से ₹46,250 बरामद किए हैं।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
जांच में सामने आया है कि ओमकार का पहले से लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ दादरी, नोएडा सेक्टर-20 और दनकौर थानों में चोरी, अवैध शराब, हथियार रखने और अन्य आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। यह ऐसे समय में आया है जब गौतमबुद्धनगर में सशस्त्र अपराध के मामलों पर पुलिस की निगरानी पहले से बढ़ी हुई है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब फरार साथी मोनू की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि मोनू की गिरफ्तारी के साथ ही मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट होगी।